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Kushinagar News: जंग फूड और बाहर क भोजन से लिवर खतरे में
Wed, 09 Jul 2025 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 09 Jul 2025 12:06 AM IST
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पडरौना। पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना), पेट में सूजन, खुजली, मतली और भूख न लगने जैसी शिकायत अगर आपको भी है तो तत्काल डॉक्टर का दिखाकर सलाह लेने की जरूरत है।
यह लक्षण एक्यूट लिवर फेलियर, एक्यूट लिवर इंजरी के हैं जो इलाज न होने की स्थिति में परेशानी बढ़ा सकते हैं। इन दिनों यह समस्या बच्चों में अधिक सामने आ रही है, ऐसे में चिकित्सक बाहर की चीजों को खाने से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं।
मेडिकल काॅलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीपी राय ने बताया कि बच्चों में एलर्जी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। तेज धूप, उमस भरी गर्मी और बाहर के चटकारेदार खाने के कारण बच्चों में लिवर से जुड़ी बीमारी सामने आ रही है।
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हर रोज ओपीडी में एक्यूट लिवर फल्योर और एक्यूट लिवर इंजरी के केस अधिक आ रहे है। इसके अलावा बुखार, सर्दी-खांसी, डायरिया के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे है, जिनका इलाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जीवन शैली को अनुशासित बनाने की जरूरत है। बच्चों के फिटनेस का ख्याल रखें, जंक फूड का त्याग करें, संतुलित आहार लेने की जरूरत है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि बाहर की चीजाें का सेवन किया जाए तो ऐसे में लिवर की कार्य क्षमता प्रभावित होने लगती है। नतीजा ये निकलता है कि इनके अधिक इस्तेमाल से लिवर डैमेज हो सकता है, इसलिए इस समस्या से बचाव करना जरूरी है। ऐसे में बाहरी जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक्स का त्याग करें। हरी सब्जियों का सेवन करें।
मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि गर्मी के कारण मेडिकल काॅलेज में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
सबसे अधिक परेशानी बच्चों में हो रही है। ऐसे में ताजा भोजन करें, सफाई बनाए रखें, बाहर के खाने से परहेज करें, खूब पानी पीए परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाए।
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यह लक्षण एक्यूट लिवर फेलियर, एक्यूट लिवर इंजरी के हैं जो इलाज न होने की स्थिति में परेशानी बढ़ा सकते हैं। इन दिनों यह समस्या बच्चों में अधिक सामने आ रही है, ऐसे में चिकित्सक बाहर की चीजों को खाने से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं।
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मेडिकल काॅलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीपी राय ने बताया कि बच्चों में एलर्जी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। तेज धूप, उमस भरी गर्मी और बाहर के चटकारेदार खाने के कारण बच्चों में लिवर से जुड़ी बीमारी सामने आ रही है।
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हर रोज ओपीडी में एक्यूट लिवर फल्योर और एक्यूट लिवर इंजरी के केस अधिक आ रहे है। इसके अलावा बुखार, सर्दी-खांसी, डायरिया के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे है, जिनका इलाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जीवन शैली को अनुशासित बनाने की जरूरत है। बच्चों के फिटनेस का ख्याल रखें, जंक फूड का त्याग करें, संतुलित आहार लेने की जरूरत है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि बाहर की चीजाें का सेवन किया जाए तो ऐसे में लिवर की कार्य क्षमता प्रभावित होने लगती है। नतीजा ये निकलता है कि इनके अधिक इस्तेमाल से लिवर डैमेज हो सकता है, इसलिए इस समस्या से बचाव करना जरूरी है। ऐसे में बाहरी जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक्स का त्याग करें। हरी सब्जियों का सेवन करें।
मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि गर्मी के कारण मेडिकल काॅलेज में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
सबसे अधिक परेशानी बच्चों में हो रही है। ऐसे में ताजा भोजन करें, सफाई बनाए रखें, बाहर के खाने से परहेज करें, खूब पानी पीए परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाए।