तमकुहीरोड। श्रीराम का चरित्र हम सभी लोगों के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत है । उनकी पितृ व गुरु भक्ति, माताओं के प्रति आदर और भाइयों के प्रति प्रेम और प्रजा के प्रति कर्तव्यनिष्ठा की भावना एक साथ हमे उनके चरित्र में ही एक साथ दिखाई पड़ते है। तुलसी रचित राम चरित मानस एक संपूर्ण ग्रंथ है। इसके जरिए श्रीराम कथा के श्रवण मात्र से ही मनुष्य के सारे कष्ट मिट जाते है ।यह बाते सेवरही के जानकी मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पहले दिन मंगलवार को कथावाचक दिव्य सागर महाराज ने कही।
श्रीराम के व्यक्तित्व व चरित्र की कथा का रसपान कराते कथावाचक ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने श्रेष्ठ कर्म व चरित्र से महान बनता है। श्रीराम ने मर्यादा की जो रेखाएं आज से सदियों पहले खींची, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, इस कथा के श्रवण मात्र से ही मनुष्य के सारे कष्ट मिट जाते है,इसके पहले इस कार्यक्रम के आयोजक एवं मुख्य यजमान संतोष मद्धेशिया, सुमित्रा देवी, जितेंद्र मद्धेशिया, रवि मद्धेशिया ने राम चरित मानस ग्रंथ की पूजा और आरती कर ब्यास पीठ का आशीर्वाद लिया। श्रीराम कथा के दौरान चेयरमैन सोनिया जायसवाल, पूर्व चेयरमैन त्रिभुवन जायसवाल, राधेबाबू रौनियार, प्रहलाद केशरी, अमरनाथ गुप्ता, सुनील जायसवाल, कमलेश मद्धेशिया, त्रिलोकी जायसवाल,फेकू वर्मा, मक्खन जायसवाल, ओमप्रकाश शर्मा, बैजनाथ मद्धेशिया, अजय गुप्ता, राकेश मद्धेशिया आदि मौजूद रहे। संवाद