{"_id":"6ad2865a0c106f68e8010997","slug":"liquor-being-transported-to-bihar-via-up-has-been-seized-kushinagar-news-c-205-1-ksh1019-170291-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: यूपी के रास्ते बिहार ले जाई जा रही शराब पकड़ी गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: यूपी के रास्ते बिहार ले जाई जा रही शराब पकड़ी गई
विज्ञापन
खड्डा/पडरौना। दिल्ली से शराब की खेप लेकर पडरौना कोतवाली के रास्ते बृहस्पतिवार की रात बिहार की सीमा में दाखिल होने वाले डीसीएम चालक को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिहार में प्रवेश करते ही बगहा उत्पाद चेकपोस्ट पर उत्पाद (आबकारी) टीम ने यह कार्रवाई की। जांच में पता चला कि चूने की बोरियों के नीचे शराब छिपाई गई थी।
पश्चिमी चंपारण जिले के आबकारी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम को स्थानीय पुलिस के साथ वाहनों की जांच कर रही थी। धनहा-रतवल स्थित गौतम बुद्ध सेतु से एक डीसीएम ने चूना की बोरियां लेकर पडरौना कोतवाली के बांसी चौकी होते हुए बिहार सीमा में प्रवेश किया। पूछने पर चालक ने बताया कि डीसीएम में चूने की बोरियां लदी हैं।
स्कैनर से जांच के बाद संदेह होने पर जांच की गई तो पता चला कि डीसीएम चालक की सीट के पीछे नीचे की गुप्त तहखाना बनाया गया था, जिसमें शराब छिपाकर रखी गई थी। मौके से 142 गत्ते में कुल 1234.8 लीटर शराब बरामद हुई। शराब दिल्ली से दरभंगा ले जाई जा रही थी। उत्पाद निरीक्षक ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर बिहार में शराब तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
दिल्ली के स्वरूप नगर निवासी चालक सतीश सिंह को गिरफ्तार किया गया है। शराब की खेप दिल्ली से दरभंगा जा रही थी। बरामद शराब की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
शराब तस्कर आसानी से पार कर रहे कुशीनगर, बिहार पुलिस कर रही गिरफ्तार
एंबुलेंस से गैस सिलिंडर तक, शराब तस्करी के अजब-गजब तरीके
बिहार प्रांत के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण जिले को जोड़ता है कुशीनगर
खड्डा। शराब तस्कर पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी से बचने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं। कभी एंबुलेंस में शराब छिपाकर सीमा पार पहुंचाईं जाती हैं तो कभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ईंटों के बीच, शौचालय की सफाई वाली टंकी, थ्रेशर मशीन, वाहनों में गुप्त तहखाना बनाकर। शराब तस्करों की पैंतरेबाजी की भनक कुशीनगर पुलिस को नहीं लग रही है हालांकि बिहार पुलिस सीमा पर तस्करों को पकड़ ले रही है।
जिले के भौगोलिक ऐसी है कि बिहार प्रांत के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण जिले को जोड़ता है। बिहार में शराब बंदी के कारण शराब तस्करी के अधिक मामले सामने आते हैं। पुलिस की बढ़ती निगरानी के चलते शराब तस्कर तरीका बदलकर शराब की तस्करी कर रहे हैं, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण में पडरौना, खड्डा, तरायासुजान थाना क्षेत्र के रास्ते बिहार में पहुंचे शराब तस्करों की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की पैंतरेबाजी की कलई खुल रही है।
बोलेरो के इंजन के भीतर जगह बनाकर शराब छिपाने, वाहनों में किराए पर महिलाओं को बैठाकर शराब की खेप बिहार में भेजने, दूध के डिब्बों, ट्रक के अतिरिक्त पहिए, बाइक, गन्ने से लदी ट्रॉलियों और गैस सिलिंडरों में शराब छिपाकर तस्करी करने का मामला सामने आ चुके हैं। स
ड़क मार्ग के अलावा नदियों में नाव और रेलमार्ग भी तस्करों के लिए आवाजाही का जरिये बनते हैं। ट्रेनों के सामान और पेंट्रीकार तक के इस्तेमाल की खबरें सामने आती रही हैं। लग्जरी वाहनों से भी शराब की खेप ढोई जाती है। ताजा मामले में चूने की बोरियों के नीचे तहखाना बनाकर शराब ले जाई जा रही थी। तस्करों के बदलते तरीके निगरानी तंत्र के लिए चुनौती हैं। ऐसे में वाहनों की प्रभावी जांच और सीमावर्ती रास्तों पर सतर्कता ही तस्करी पर अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
विज्ञापन
पश्चिमी चंपारण जिले के आबकारी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम को स्थानीय पुलिस के साथ वाहनों की जांच कर रही थी। धनहा-रतवल स्थित गौतम बुद्ध सेतु से एक डीसीएम ने चूना की बोरियां लेकर पडरौना कोतवाली के बांसी चौकी होते हुए बिहार सीमा में प्रवेश किया। पूछने पर चालक ने बताया कि डीसीएम में चूने की बोरियां लदी हैं।
विज्ञापन
स्कैनर से जांच के बाद संदेह होने पर जांच की गई तो पता चला कि डीसीएम चालक की सीट के पीछे नीचे की गुप्त तहखाना बनाया गया था, जिसमें शराब छिपाकर रखी गई थी। मौके से 142 गत्ते में कुल 1234.8 लीटर शराब बरामद हुई। शराब दिल्ली से दरभंगा ले जाई जा रही थी। उत्पाद निरीक्षक ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर बिहार में शराब तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
दिल्ली के स्वरूप नगर निवासी चालक सतीश सिंह को गिरफ्तार किया गया है। शराब की खेप दिल्ली से दरभंगा जा रही थी। बरामद शराब की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
शराब तस्कर आसानी से पार कर रहे कुशीनगर, बिहार पुलिस कर रही गिरफ्तार
एंबुलेंस से गैस सिलिंडर तक, शराब तस्करी के अजब-गजब तरीके
बिहार प्रांत के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण जिले को जोड़ता है कुशीनगर
खड्डा। शराब तस्कर पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी से बचने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं। कभी एंबुलेंस में शराब छिपाकर सीमा पार पहुंचाईं जाती हैं तो कभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ईंटों के बीच, शौचालय की सफाई वाली टंकी, थ्रेशर मशीन, वाहनों में गुप्त तहखाना बनाकर। शराब तस्करों की पैंतरेबाजी की भनक कुशीनगर पुलिस को नहीं लग रही है हालांकि बिहार पुलिस सीमा पर तस्करों को पकड़ ले रही है।
जिले के भौगोलिक ऐसी है कि बिहार प्रांत के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण जिले को जोड़ता है। बिहार में शराब बंदी के कारण शराब तस्करी के अधिक मामले सामने आते हैं। पुलिस की बढ़ती निगरानी के चलते शराब तस्कर तरीका बदलकर शराब की तस्करी कर रहे हैं, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण में पडरौना, खड्डा, तरायासुजान थाना क्षेत्र के रास्ते बिहार में पहुंचे शराब तस्करों की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की पैंतरेबाजी की कलई खुल रही है।
बोलेरो के इंजन के भीतर जगह बनाकर शराब छिपाने, वाहनों में किराए पर महिलाओं को बैठाकर शराब की खेप बिहार में भेजने, दूध के डिब्बों, ट्रक के अतिरिक्त पहिए, बाइक, गन्ने से लदी ट्रॉलियों और गैस सिलिंडरों में शराब छिपाकर तस्करी करने का मामला सामने आ चुके हैं। स
ड़क मार्ग के अलावा नदियों में नाव और रेलमार्ग भी तस्करों के लिए आवाजाही का जरिये बनते हैं। ट्रेनों के सामान और पेंट्रीकार तक के इस्तेमाल की खबरें सामने आती रही हैं। लग्जरी वाहनों से भी शराब की खेप ढोई जाती है। ताजा मामले में चूने की बोरियों के नीचे तहखाना बनाकर शराब ले जाई जा रही थी। तस्करों के बदलते तरीके निगरानी तंत्र के लिए चुनौती हैं। ऐसे में वाहनों की प्रभावी जांच और सीमावर्ती रास्तों पर सतर्कता ही तस्करी पर अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभा सकती है।