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पिता के हत्यारे को उम्रकैद
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फावड़े से प्रहार कर उतार दिया था मौत के घाट, दूसरा पुत्र दोषमुक्त
पडरौना। पिता के हत्यारोपी एक पुत्र को जनपद न्यायाधीश ने सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी मामले में एक भाई को दोषमुक्त कर दिया।
मुकदमे की पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल जीपी यादव ने बताया कि हाटा कोतवाली क्षेत्र के बढ़या खुर्द गांव के लोहरइया टोला में 31 मई 2005 को जमीन संबंधी विवाद को लेकर पंचायत हो रही थी। इसमें रामकेवल कुर्मी ने अपने पिता भरत कुर्मी के गले पर फावड़े से प्रहार करके हत्या कर दी थी। उसका भाई परशुराम भी वहां मौजूद था। भरत कुर्मी के तीसरे बेटे रमाकांत के पुत्र सर्वजीत ने दादा की हत्या का आरोपी दोनों चाचा को ठहराते हुए हाटा कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने रामकेवल और परशुराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। तब से दोनों भाई जेल में बंद थे। सोमवार को जनपद न्यायाधीश एजाज अहमद अंसारी ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए परशुराम को हत्या के आरोप से दोषमुक्त करते हुए छोड़ दिया। वहीं रामकेवल को अपने पिता की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धमकी देने के आरोप में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। ये सजाएं साथ साथ चलेंगी।
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पडरौना। पिता के हत्यारोपी एक पुत्र को जनपद न्यायाधीश ने सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी मामले में एक भाई को दोषमुक्त कर दिया।
मुकदमे की पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल जीपी यादव ने बताया कि हाटा कोतवाली क्षेत्र के बढ़या खुर्द गांव के लोहरइया टोला में 31 मई 2005 को जमीन संबंधी विवाद को लेकर पंचायत हो रही थी। इसमें रामकेवल कुर्मी ने अपने पिता भरत कुर्मी के गले पर फावड़े से प्रहार करके हत्या कर दी थी। उसका भाई परशुराम भी वहां मौजूद था। भरत कुर्मी के तीसरे बेटे रमाकांत के पुत्र सर्वजीत ने दादा की हत्या का आरोपी दोनों चाचा को ठहराते हुए हाटा कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने रामकेवल और परशुराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। तब से दोनों भाई जेल में बंद थे। सोमवार को जनपद न्यायाधीश एजाज अहमद अंसारी ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए परशुराम को हत्या के आरोप से दोषमुक्त करते हुए छोड़ दिया। वहीं रामकेवल को अपने पिता की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धमकी देने के आरोप में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। ये सजाएं साथ साथ चलेंगी।