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लीबिया में फंसे दस के आने का रास्ता साफ
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एयरपोर्ट के बाहर खड़े लीबिया में फंसे लोग।
- फोटो : KUSHINAGAR
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लीबिया में फंसे दस के आने का रास्ता साफ
घर वापसी के लिए टिकट तैयार, प्रवासी भारतीय मदद समूह के प्रयास से मिली सफलता
दुदही (कुशीनगर)। प्रवासी भारतीय मदद समूह की निस्वार्थ कोशिश आखिरकार रंग लगाई। लीबिया में फंसे कुशीनगर के तीन व्यक्तियों सहित 10 लोगों की वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है। इनमें कुशीनगर के तीन व्यक्तियों सहित दस की घर वापसी के लिए टिकट भी बन गया है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही वे अपने परिवार के बीच होंगे।
कुशीनगर जिले के पांच व्यक्तियों सहित देवरिया, गोरखपुर और अन्य जनपदों के 27 लोग लीबिया में फंसे हैं। उन्हें एजेंटों ने जिस कंपनी में भेजा था, उसने दुबई से लीबिया भेज दिया था, जहां उन्हें भोजन, इलाज और रुपये के लिए परेशान होना पड़ रहा था। उन लोगों ने प्रवासी भारतीय मदद समूह के संस्थापक अरविंद सागर से घर वापसी के लिए सहयोग मांगा था। इस संगठन ने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया था। इसके अलावा अमर उजाला ने 23 और 25 नवंबर के अपने अंक में इनकी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यह खबर सोशल मीडिया पर चलने के बाद एजेंटों में हड़कंप मच गया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। सात दिसंबर को भारतीय दूतावास की कोऑर्डिनेटर तबस्सुम मंसूर अपनी टीम के साथ लीबिया में फंसे 27 पीड़ितों से जाकर मिलीं और उनके खाने की उचित व्यवस्था और आर्थिक मदद के साथ साथ वतन वापसी के लिए दस लोगों को टिकट दिलाया। जिनकी वतन वापसी हो रही है, उनमें विनोद पांडेय देवरिया, जयनाथ प्रसाद बीन, मोहम्मद गुनी अंसारी और सतीश कुमार गोपालगंज, राजेश सोनकर गोरखपुर, विजय बहादुर, नेमू प्रसाद व कलामुद्दीन कुशीनगर, रूदल देवरिया और मनशरीफ निवासी बेतियां शामिल हैं। इन्हें एयरपोर्ट बोंग अल अरब से दोहा कतर होते हुए दिल्ली लाया जाएगा। वहां से वह अपने घर चले जाएंगे। इनके टिकट बन जाने की जानकारी प्रवासी भारतीय मदद समूह के संस्थापक अरविंद सागर ने भी दी है।
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घर वापसी के लिए टिकट तैयार, प्रवासी भारतीय मदद समूह के प्रयास से मिली सफलता
दुदही (कुशीनगर)। प्रवासी भारतीय मदद समूह की निस्वार्थ कोशिश आखिरकार रंग लगाई। लीबिया में फंसे कुशीनगर के तीन व्यक्तियों सहित 10 लोगों की वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है। इनमें कुशीनगर के तीन व्यक्तियों सहित दस की घर वापसी के लिए टिकट भी बन गया है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही वे अपने परिवार के बीच होंगे।
कुशीनगर जिले के पांच व्यक्तियों सहित देवरिया, गोरखपुर और अन्य जनपदों के 27 लोग लीबिया में फंसे हैं। उन्हें एजेंटों ने जिस कंपनी में भेजा था, उसने दुबई से लीबिया भेज दिया था, जहां उन्हें भोजन, इलाज और रुपये के लिए परेशान होना पड़ रहा था। उन लोगों ने प्रवासी भारतीय मदद समूह के संस्थापक अरविंद सागर से घर वापसी के लिए सहयोग मांगा था। इस संगठन ने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया था। इसके अलावा अमर उजाला ने 23 और 25 नवंबर के अपने अंक में इनकी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यह खबर सोशल मीडिया पर चलने के बाद एजेंटों में हड़कंप मच गया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। सात दिसंबर को भारतीय दूतावास की कोऑर्डिनेटर तबस्सुम मंसूर अपनी टीम के साथ लीबिया में फंसे 27 पीड़ितों से जाकर मिलीं और उनके खाने की उचित व्यवस्था और आर्थिक मदद के साथ साथ वतन वापसी के लिए दस लोगों को टिकट दिलाया। जिनकी वतन वापसी हो रही है, उनमें विनोद पांडेय देवरिया, जयनाथ प्रसाद बीन, मोहम्मद गुनी अंसारी और सतीश कुमार गोपालगंज, राजेश सोनकर गोरखपुर, विजय बहादुर, नेमू प्रसाद व कलामुद्दीन कुशीनगर, रूदल देवरिया और मनशरीफ निवासी बेतियां शामिल हैं। इन्हें एयरपोर्ट बोंग अल अरब से दोहा कतर होते हुए दिल्ली लाया जाएगा। वहां से वह अपने घर चले जाएंगे। इनके टिकट बन जाने की जानकारी प्रवासी भारतीय मदद समूह के संस्थापक अरविंद सागर ने भी दी है।
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