{"_id":"572f7ae04f1c1bbf5a5cd085","slug":"land-survey-of-international-airport-start","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के लैंड सर्वे और डिजाइनिंग का काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के लैंड सर्वे और डिजाइनिंग का काम शुरू
kushinagar
Updated Sun, 08 May 2016 11:14 PM IST
विज्ञापन
सर्वे
- फोटो : santosh verma
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कसया में बहुप्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर के निर्माण को लेकर रनवे और उससे जुडे़ अन्य निर्माण के लिए रविवार से टेक्निकल एक्सपर्ट की टीम ने लैंड सर्वे और डिजाइनिंग का काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही 12 किमी में रनवे के चारों तरफ बाउंड्री वाल का काम भी तेज कर दिया गया है। संबंधित इंजीनियर मातहतों के साथ रविवार को कार्य में लगे रहे।
अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए राइट्स को जिम्मेदारी दी गई है। राइट्स ने अलग-अलग कार्यों के लिए विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियों के लोगों को लगाया है। उन्हीं में से एक गुड़गांव की एजेंसी को केसीसी की जिम्मेदारी दी गई है। एजेंसी के टेक्निकल एक्सपर्ट मुहम्मद अरमान और ब्रजकिशोर ने बताया कि डीजीपीएस से डाटा कलेक्ट कर पीएस एसोसिएट दिल्ली को भेजा जाएगा। डीजीपीएस के जरिए 20 किमी परिक्षेत्र की भूमि के लेबल का डाटा लिया जाएगा। यह डाटा कलेक्ट कर पीएस एसोसिएट दिल्ली को भेजा जाएगा।
डाटा मानिटरिंग के बाद एयरपोर्ट परिसर में निर्माण स्थलों को चिह्नित किया जाएगा। प्रतिदिन हवाई पट्टी के किनारे चार स्थलों पर डीजीपीएस लगाए जाएंगे। सिस्टम मेें प्रतिदिन कलेक्ट डाटा डिजाइनिंग के लिए दिल्ली भेजा जाएगा। उसके बाद रनवे सहित होने वाले अन्य निर्माण कार्यों की एक्सपर्ट डिजाइनिंग केी रिपोर्ट तैयार कर कार्यदायी संस्था को भेजी जाएगी। डिजाइनिंग रिपोर्ट के मुताबिक ही कहां पर क्या बनना है, उसका निर्धारण किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए राइट्स को जिम्मेदारी दी गई है। राइट्स ने अलग-अलग कार्यों के लिए विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियों के लोगों को लगाया है। उन्हीं में से एक गुड़गांव की एजेंसी को केसीसी की जिम्मेदारी दी गई है। एजेंसी के टेक्निकल एक्सपर्ट मुहम्मद अरमान और ब्रजकिशोर ने बताया कि डीजीपीएस से डाटा कलेक्ट कर पीएस एसोसिएट दिल्ली को भेजा जाएगा। डीजीपीएस के जरिए 20 किमी परिक्षेत्र की भूमि के लेबल का डाटा लिया जाएगा। यह डाटा कलेक्ट कर पीएस एसोसिएट दिल्ली को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
डाटा मानिटरिंग के बाद एयरपोर्ट परिसर में निर्माण स्थलों को चिह्नित किया जाएगा। प्रतिदिन हवाई पट्टी के किनारे चार स्थलों पर डीजीपीएस लगाए जाएंगे। सिस्टम मेें प्रतिदिन कलेक्ट डाटा डिजाइनिंग के लिए दिल्ली भेजा जाएगा। उसके बाद रनवे सहित होने वाले अन्य निर्माण कार्यों की एक्सपर्ट डिजाइनिंग केी रिपोर्ट तैयार कर कार्यदायी संस्था को भेजी जाएगी। डिजाइनिंग रिपोर्ट के मुताबिक ही कहां पर क्या बनना है, उसका निर्धारण किया जा सकेगा।
विज्ञापन