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35 गांवों में पेयजल परियोजनाओं के लिए नहीं मिल पाई जमीन

Sat, 22 Jan 2022 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 11:18 PM IST
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Land could not be found for drinking water projects in 35 villages
जलजीवन मिशन के अंतर्गत पिपरासी गांव में ओवरहेड टैंक के लिए की जा रही बोरिंग। - फोटो : KUSHINAGAR
35 गांवों में पेयजल परियोजनाओं के लिए नहीं मिल पाई जमीन
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जल जीवन मिशन : 103 में से 30 जगह शुरू हो चुका है ओवरहेड टैंक का निर्माण
कुशीनगर। जल जीवन मिशन के तहत जनपद में स्वीकृत 103 परियोजनाओं में 30 स्थानों पर महराजगंज जिले के जल निगम ने बोरिंग और अन्य निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। जबकि 72 परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए जमीन चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। 35 ऐसे गांव में हैं, जहां इसके लिए जमीन नहीं मिल पाई है। विभाग ने डीएम से सहयोग मांगा है।
जिले में हर घर को नल से जोड़ने के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये की 500 पेयजल परियोजनाओं पर कार्य होना है। जमीन की उपलब्धता के आधार पर 103 परियोजनाओं के लिए शासन से स्वीकृति मिली है। इसके लिए अनुबंध हुआ है। चूंकि, ग्रामीण क्षेत्र की संपूर्ण पेयजल परियोजनाओं का कार्य अब कुशीनगर की बजाए महराजगंज के जलनिगम को मिल गया है, इसलिए जनपद मुख्यालय पर महराजगंज के जल निगम (ग्रामीण) की यूनिट स्थापित होने के बाद उसकी तरफ से कार्य शुरू करा दिया गया है।
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एक ही जिले में दो जनपदों की टीम कर रही कार्य
गोरखपुर मंडल के कुशीनगर और देवरिया जिले का जलनिगम शहरी क्षेत्रों के लिए अधिकृत किया गया है। जबकि महराजगंज और गोरखपुर के जल निगम की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र की परियोजनाओं का कार्य कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश जलनिगम अब उत्तर प्रदेश जलनिगम (ग्रामीण) और उत्तर प्रदेश जलनिगम (नगरीय) में विभक्त हो चुका है। इसी के आधार पर जिलों के कार्यों का आवंटन भी कर दिया गया है। ऐसी दशा में जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार के नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुभाग की तरफ से संचालित की जा रही परियोजनाओं को भी आवंटन के हिसाब से जनपदों को सौंप दिया गया है।
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पेयजल परियोजनाओं की स्थिति
जिले के 500 गांवों में इन परियोजनाओं को पूरा कराया जाना है। जमीन की उपलब्धता के आधार पर 103 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। स्वीकृत परियोजनाओं पर 350 करोड़ रुपये लागत आएगी। इससे 106 ग्राम पंचायतों के 176 राजस्व गांवों के लोग लाभान्वित होंगे। 70 हजार परिवारों में पानी का कनेक्शन पहुंच सकेगा। इसे 2022 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य मिला है। स्वीकृत हुई इन परियोजनाओं में से 30 स्थानों पर बोरिंग और ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू करा दिया गया है।

कोट
जनपद में 500 पेयजल परियोजनाएं लगाई जानी हैं। 103 की स्वीकृति शासन से मिल चुकी है। स्वॉयल टेस्टिंग के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। 30 जगह बोरिंग का कार्य प्रारंभ हो गया है। 72 परियोजनाओं के लिए जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। 35 परियोजनाएं जमीन के अभाव में लंबित हैं।
अनुराग गौतम, एक्सईएन, जलनिगम (ग्रामीण)
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