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मनरेगा में हुए धांधली का खुलासा
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मजदूर के जेल में रहने की अवधि में भी कर दिया भुगतान
तमकुहीराज (कुशीनगर)। क्षेत्र के बभनौली गांव में वर्ष 2020 में हुए मनरेगा के तहत विकास कार्य में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। इसका खुलासा गांव के एक व्यक्ति की तरफ से जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ है। प्रकरण सामने आने के बाद बीडीओ ने गलत तरीके से हुए भुगतान की गई धनराशि की रिकवरी और इस मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
गांव के प्रदीप कुमार सिंह गोरखपुर के आवास विकास कालोनी में रहते हैं। वह जब गांव आए तो मनरेगा के तहत गांव में कराए जा रहे निर्माण कार्य में धांधली की जानकारी हुई। उन्होंने मई 2020 का मस्टररोल निकलवाया तो कार्य के दौरान एक मजदूर के नाम पर सात दिन की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान किया गया है। वह मजदूर उस दौरान तीन दिन तक एक मामले में आरोपी होने के नाते देवरिया जेल में बंद था। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी बीडीओ/ट्रेनी एसडीएम गोपाल शर्मा को देते हुए कार्रवाई करने की मांग की।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ/एसडीएम गोपाल शर्मा ने शिकायत की जांच कराई, जिसमें आरोप सही मिला। उन्होंने बताया कि इस तरह का प्रकरण गंभीर है। जेल के दौरान मजदूरी को किए गए भुगतान की रिकवरी के लिए संबंधित को आदेश दिया गया है। इसके अलावा इस प्रकरण में शामिल अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है।
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तमकुहीराज (कुशीनगर)। क्षेत्र के बभनौली गांव में वर्ष 2020 में हुए मनरेगा के तहत विकास कार्य में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। इसका खुलासा गांव के एक व्यक्ति की तरफ से जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ है। प्रकरण सामने आने के बाद बीडीओ ने गलत तरीके से हुए भुगतान की गई धनराशि की रिकवरी और इस मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
गांव के प्रदीप कुमार सिंह गोरखपुर के आवास विकास कालोनी में रहते हैं। वह जब गांव आए तो मनरेगा के तहत गांव में कराए जा रहे निर्माण कार्य में धांधली की जानकारी हुई। उन्होंने मई 2020 का मस्टररोल निकलवाया तो कार्य के दौरान एक मजदूर के नाम पर सात दिन की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान किया गया है। वह मजदूर उस दौरान तीन दिन तक एक मामले में आरोपी होने के नाते देवरिया जेल में बंद था। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी बीडीओ/ट्रेनी एसडीएम गोपाल शर्मा को देते हुए कार्रवाई करने की मांग की।
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इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ/एसडीएम गोपाल शर्मा ने शिकायत की जांच कराई, जिसमें आरोप सही मिला। उन्होंने बताया कि इस तरह का प्रकरण गंभीर है। जेल के दौरान मजदूरी को किए गए भुगतान की रिकवरी के लिए संबंधित को आदेश दिया गया है। इसके अलावा इस प्रकरण में शामिल अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है।
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