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400 स्कूलों में बनेगा किचन गार्डेन, मिलेंगी ताजी सब्जियां
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हिरनही कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पोषण वाटिका का उदघाटन करते बीडीओ, सीडीपीओ।
- फोटो : KUSHINAGAR
400 स्कूलों में बनेगा किचन गार्डेन, मिलेंगी ताजी सब्जियां
बच्चों की अधिक संख्या और अधिक जमीन वाले विद्यालयों को प्राथमिकता
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन में ताजी हरी सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने एक और प्रयोग किया है। इस बार जिले के 400 स्कूलों में एमडीएम के लिए किचन गार्डेन बनाने का प्रस्ताव है। इस पर करीब 15 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों की सूची बनाई जा रही है। जहां बच्चों की संख्या अधिक है और जमीन भी उपलब्ध है, उन विद्यालयों में इसे प्राथमिकता दी जाएगी।
जिले में 2179 प्राथमिक और 824 जूनियर समेत कुल 3003 विद्यालय संचालित होते हैं। इनमें पढ़ाई करने वाले 3,34,585 छात्र-छात्राओं के लिए भोजन बनता है। इन विद्यार्थियों को ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने और सब्जियों की खेती को प्रेरित करने के लिए पडरौना, दुदही, कप्तानगंज, फाजिलनगर, हाटा, कसया, मोतीचक, सुकरौली और विशुनपुरा ब्लॉक के 29-29, रामकोला, नौरंगिया, सेवरही, तमकुही और खड्डा ब्लॉक के 28-28 समेत कुल 400 विद्यालयों में किचन गार्डेन की स्थापना की जाएगी। इसमें मौसमी सब्जियां उगाई जाएंगी, जिसका प्रयोग एमडीएम में प्रयुक्त होने वाली सब्जियों के लिए किया जाएगा। इसके जरिए बच्चों को सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला समन्वयक एमडीएम जितेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डेन बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से पांच हजार और मनरेगा से 10 हजार रुपये खर्च होगा। इसके लिए शासन ने जिले से 400 विद्यालयों की सूची मांगी थी। सूची निदेशालय को भेज दी गई। निदेशालय से अगला निर्देश मिलने पर किचन गार्डेन का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
रामकोला क्षेत्र के भटवलिया बनकट खोटही स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित सूर्य प्रताप ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में किचेन गार्डेन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इससे एक तरफ बच्चों में स्वावलंबन की भावना विकसित होने के साथ विद्यालय में पड़े अनुपयुक्त स्थान का सदुपयोग होगा। किचेन गार्डन में उगने वाली हरी सब्जियां मध्याह्न भोजन में शामिल की जाएंगी। इसके अलावा बच्चों के भीतर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का विकास होगा।
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बसडीला स्थित जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका स्वस्तिका श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालय में बनने वाले किचन गार्डेन से विद्यार्थियों के भीतर खेती के प्रति सकारात्मक भाव उत्पन्न होगा। विद्यालय में मिली जानकारी का लाभ उठाते हुए बच्चे अपने घर के आस-पास खाली पड़े स्थान पर सब्जियां उगाने और उसके प्रयोग के लिए प्रेरित होंगे।
अभिभावक विश्वनाथ सिंह ने बताया कि बाजार में मिलने वाली सब्जियां रासायनिक दवाओं से उगाई जाती हैं। जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं हैं। किचन गार्डेन के प्रयोगात्मक शिक्षण से बच्चों का ज्ञानवर्धन होगा।
अभिभावक धर्मदेव दूबे ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में किचेन गार्डेन की स्थापना करना सरकार की अच्छी पहल है। इससे विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन में ताजी सब्जियां मिलने के साथ ही उनमें खेती-किसानी के प्रति सकारात्मक भाव उत्पन्न होगा।
फोटो है।
सब्जियों के पौधे लगाकर की पोषण वाटिका की शुरुआत
हिरनही स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधे
अमर उजाला ब्यूरो
जटहां बाजार। क्षेत्र के हिरनही गांव स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर में सोमवार की शाम को पोषण वाटिका का उद्घाटन हुआ। इसमें बीडीओ और सीडीपीओ ने विभिन्न सब्जियों के पौधे लगाए।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से पोषण माह मनाया जा रहा है। इसके तहत चहिरनही गांव के कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय परिसर में पोषण वाटिका बनाई गई, जिसमें भिंडी, बैगन, पालक, गोभी, राजमा, मटर, लहसुन, मूली, धनिया समेत नौ तरह की सब्जियां लगाई गईं हैं। बीडीओ आनंद प्रकाश ने बताया कि शासन के निर्देश पर पोषण वाटिका के तहत सब्जियों को लगाया गया है। इसकी देखरेख के लिए प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीपीओ रश्मि तिवारी ने कहा कि पोषण वाटिका का उद्देश्य लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना है। हरी सब्जियों में सबसे अधिक पौष्टिकता मिलती है। इसलिए हमें अपने घर के आसपास खाली पड़े स्थानों में सब्जी उगानी चाहिए।
इस दौरान ग्राम प्रधान अतहर हुसैन, मुख्य सेविका गीता देवी, सचिव मनोज कुमार, मिथिलेश मल्ल, प्रधानाध्यापक हशाबुद्दीन अंसारी, तकनीकी सहायक सुभाष सिंह, जय सिंह, कस्तूरबा की वार्डन संजना, शशि प्रभा, प्रमोद, हसीना खातून, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा यादव, सरिता देवी, चांदनी पांडेय, आरती आदि मौजूद रहीं।
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बच्चों की अधिक संख्या और अधिक जमीन वाले विद्यालयों को प्राथमिकता
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन में ताजी हरी सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने एक और प्रयोग किया है। इस बार जिले के 400 स्कूलों में एमडीएम के लिए किचन गार्डेन बनाने का प्रस्ताव है। इस पर करीब 15 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों की सूची बनाई जा रही है। जहां बच्चों की संख्या अधिक है और जमीन भी उपलब्ध है, उन विद्यालयों में इसे प्राथमिकता दी जाएगी।
जिले में 2179 प्राथमिक और 824 जूनियर समेत कुल 3003 विद्यालय संचालित होते हैं। इनमें पढ़ाई करने वाले 3,34,585 छात्र-छात्राओं के लिए भोजन बनता है। इन विद्यार्थियों को ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने और सब्जियों की खेती को प्रेरित करने के लिए पडरौना, दुदही, कप्तानगंज, फाजिलनगर, हाटा, कसया, मोतीचक, सुकरौली और विशुनपुरा ब्लॉक के 29-29, रामकोला, नौरंगिया, सेवरही, तमकुही और खड्डा ब्लॉक के 28-28 समेत कुल 400 विद्यालयों में किचन गार्डेन की स्थापना की जाएगी। इसमें मौसमी सब्जियां उगाई जाएंगी, जिसका प्रयोग एमडीएम में प्रयुक्त होने वाली सब्जियों के लिए किया जाएगा। इसके जरिए बच्चों को सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला समन्वयक एमडीएम जितेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डेन बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से पांच हजार और मनरेगा से 10 हजार रुपये खर्च होगा। इसके लिए शासन ने जिले से 400 विद्यालयों की सूची मांगी थी। सूची निदेशालय को भेज दी गई। निदेशालय से अगला निर्देश मिलने पर किचन गार्डेन का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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रामकोला क्षेत्र के भटवलिया बनकट खोटही स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित सूर्य प्रताप ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में किचेन गार्डेन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इससे एक तरफ बच्चों में स्वावलंबन की भावना विकसित होने के साथ विद्यालय में पड़े अनुपयुक्त स्थान का सदुपयोग होगा। किचेन गार्डन में उगने वाली हरी सब्जियां मध्याह्न भोजन में शामिल की जाएंगी। इसके अलावा बच्चों के भीतर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का विकास होगा।
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बसडीला स्थित जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका स्वस्तिका श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालय में बनने वाले किचन गार्डेन से विद्यार्थियों के भीतर खेती के प्रति सकारात्मक भाव उत्पन्न होगा। विद्यालय में मिली जानकारी का लाभ उठाते हुए बच्चे अपने घर के आस-पास खाली पड़े स्थान पर सब्जियां उगाने और उसके प्रयोग के लिए प्रेरित होंगे।
अभिभावक विश्वनाथ सिंह ने बताया कि बाजार में मिलने वाली सब्जियां रासायनिक दवाओं से उगाई जाती हैं। जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं हैं। किचन गार्डेन के प्रयोगात्मक शिक्षण से बच्चों का ज्ञानवर्धन होगा।
अभिभावक धर्मदेव दूबे ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में किचेन गार्डेन की स्थापना करना सरकार की अच्छी पहल है। इससे विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन में ताजी सब्जियां मिलने के साथ ही उनमें खेती-किसानी के प्रति सकारात्मक भाव उत्पन्न होगा।
फोटो है।
सब्जियों के पौधे लगाकर की पोषण वाटिका की शुरुआत
हिरनही स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधे
अमर उजाला ब्यूरो
जटहां बाजार। क्षेत्र के हिरनही गांव स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर में सोमवार की शाम को पोषण वाटिका का उद्घाटन हुआ। इसमें बीडीओ और सीडीपीओ ने विभिन्न सब्जियों के पौधे लगाए।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से पोषण माह मनाया जा रहा है। इसके तहत चहिरनही गांव के कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय परिसर में पोषण वाटिका बनाई गई, जिसमें भिंडी, बैगन, पालक, गोभी, राजमा, मटर, लहसुन, मूली, धनिया समेत नौ तरह की सब्जियां लगाई गईं हैं। बीडीओ आनंद प्रकाश ने बताया कि शासन के निर्देश पर पोषण वाटिका के तहत सब्जियों को लगाया गया है। इसकी देखरेख के लिए प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीपीओ रश्मि तिवारी ने कहा कि पोषण वाटिका का उद्देश्य लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना है। हरी सब्जियों में सबसे अधिक पौष्टिकता मिलती है। इसलिए हमें अपने घर के आसपास खाली पड़े स्थानों में सब्जी उगानी चाहिए।
इस दौरान ग्राम प्रधान अतहर हुसैन, मुख्य सेविका गीता देवी, सचिव मनोज कुमार, मिथिलेश मल्ल, प्रधानाध्यापक हशाबुद्दीन अंसारी, तकनीकी सहायक सुभाष सिंह, जय सिंह, कस्तूरबा की वार्डन संजना, शशि प्रभा, प्रमोद, हसीना खातून, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा यादव, सरिता देवी, चांदनी पांडेय, आरती आदि मौजूद रहीं।