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Kushinagar News: राजा परीक्षित ने सुनी थी पहली बार श्रीमद्भागवत कथा
Mon, 25 May 2026 02:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 25 May 2026 02:00 AM IST
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मथौली। डुमरी गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा वाचक ने राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि मोक्ष प्राप्ति के लिए संसार में पहली बार राजा परीक्षित ने श्रीमद्भागवत कथा सुनी थी।
कथा वाचक आनंद ने कहा कि राजा परीक्षित को शृंगी ऋषि से शाप मिला था कि सात दिन बाद तक्षक नाग के डसने से उनकी मृत्यु हो जाएगी। मृत्यु के भय को दूर कर मोक्ष प्राप्त करने के लिए उन्होंने शुकदेव जी से सात दिनों तक यह कथा सुनी थी। कथा का शुभारंभ बुद्ध इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक ओमप्रकाश दुबे, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ब्रह्मदेव तिवारी व इंटरमीडिएट कॉलेज पकड़ी के पूर्व प्रधानाचार्य दरोगा द्विवेदी आदि ने व्यास पीठ की पूजन कर किया। इस दौरान अशोक पांडेय, अशोक सिंह, संजय तिवारी, गुड्डू पांडेय, अविनाश पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथा वाचक आनंद ने कहा कि राजा परीक्षित को शृंगी ऋषि से शाप मिला था कि सात दिन बाद तक्षक नाग के डसने से उनकी मृत्यु हो जाएगी। मृत्यु के भय को दूर कर मोक्ष प्राप्त करने के लिए उन्होंने शुकदेव जी से सात दिनों तक यह कथा सुनी थी। कथा का शुभारंभ बुद्ध इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक ओमप्रकाश दुबे, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ब्रह्मदेव तिवारी व इंटरमीडिएट कॉलेज पकड़ी के पूर्व प्रधानाचार्य दरोगा द्विवेदी आदि ने व्यास पीठ की पूजन कर किया। इस दौरान अशोक पांडेय, अशोक सिंह, संजय तिवारी, गुड्डू पांडेय, अविनाश पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
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