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Kushinagar News: किशोरी को शादी का झांसा देकर भगाने वाले आरोपी की जमानत याचिका खारिज
Sat, 26 Aug 2023 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 26 Aug 2023 12:44 AM IST
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पडरौना। कोतवाली क्षेत्र की 17 साल की एक किशोरी को शादी का झांसा देकर भगाने के आरोपी की जमानत याचिका न्यायालय ने शुक्रवार को खारिज की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वादी की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता फूलबदन प्रसाद ने की। उन्होंने बताया कि वादी ने तहरीर दी थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री बड़हरागंज के एक विद्यालय में पढ़ती है। उसी विद्यालय में दूसरे समुदाय का एक छात्र भी पढ़ता है। वह उनकी पुत्री को शादी का झांसा देकर बीते आठ मई को भगा ले गया। उसके भगाने में विद्यालय के प्रबंधक व कुछ अन्य लोगों का भी हाथ है।
पुलिस ने इस मामले में तहरीर के आधार पर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और विवेचना के दौरान किशोरी को बरामद कर उसका बयान भी लिया। उसके बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उसने शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के प्रभारी शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के न्यायालय में जमानत याचिका दायर की, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
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वादी की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता फूलबदन प्रसाद ने की। उन्होंने बताया कि वादी ने तहरीर दी थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री बड़हरागंज के एक विद्यालय में पढ़ती है। उसी विद्यालय में दूसरे समुदाय का एक छात्र भी पढ़ता है। वह उनकी पुत्री को शादी का झांसा देकर बीते आठ मई को भगा ले गया। उसके भगाने में विद्यालय के प्रबंधक व कुछ अन्य लोगों का भी हाथ है।
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पुलिस ने इस मामले में तहरीर के आधार पर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और विवेचना के दौरान किशोरी को बरामद कर उसका बयान भी लिया। उसके बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उसने शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के प्रभारी शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के न्यायालय में जमानत याचिका दायर की, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
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