{"_id":"577a9a204f1c1b6c107f9fe0","slug":"kaptanganj-canal-broke","type":"story","status":"publish","title_hn":"कप्तानगंज रजवाहा टूटा, फसलें जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कप्तानगंज रजवाहा टूटा, फसलें जलमग्न
kushinagar
Updated Mon, 04 Jul 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन
बाढ़
- फोटो : santosh verma
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कप्तानगंज। कस्बे से होकर गुजरने वाला कप्तानगंज-रजवाहा कोटवां गांव के सामने टूट गया है। इस रजवाहे के टूटने से कई एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। सोमवार को कप्तानगंज-परतावल मार्ग के गणेश चौक पर सड़क के ऊपर से पानी बह रहा था। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी रजवाहे के टूटे स्थान पर मरम्मत शुरू नहीं कराई गई थी।
क्षेत्र के कोटवा गांव के सामने से गुजरने वाला कप्तानगंज रजवाहा का दक्षिणी किनारा रविवार को कोटवा निवासी इन्नर के खेत के सामने टूट गया था। इससे रजवाहे का पानी किसानों के खेतों में जाने लगा। मरम्मत न होने से टूटे हुए स्थान की चौड़ाई बढ़ती गई और खेतों की ओर पानी का बहाव तेज होता गया। नतीजा यह हुआ कि सोहनी और कोटवा गांव के कई किसानों की धान की फसल जलमग्न हो गई है।
सोमवार को सुबह पानी कप्तानगंज-परतावल मार्ग तक पहुंच गया और गणेश चौक के सामने सडक़ के ऊपर से बहने लगा। पहले से ही बदहाल कप्तानगंज-परतावल मार्ग पानी बहने से अब और टूटने लगा है। राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रजवाहे के पानी से यशोदा सिंह, नरसिंह सिंह, वंशबहादुर सिंह सहित कई किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं हैं। इन लोगों ने अभी हाल में धान की रोपाई कराई थी। रजवाहे के पानी से पूरी फसल डूब गई है। अब इन्हें रोपे गए धान को नुकसान पहुंचने की चिंता सताने लगी है। रजवाहे का पानी समीप के वंशबहादुर सिंह के ईंट भट्ठे में भी घुसने लगा है। दूसरी ओर रजवाहा टूटने के 24 घंटे बाद भी टूटे स्थान की मरम्मत शुरू नहीं हो सकी थी। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक तो नहर का और दूसरे बरसात का पानी लगातार खेतों में पहुंच रहा है। इस संबंध में कप्तानगंज के जिलेदार नबीउल्लाह खान का कहना है कि कप्तानगंज रजवाहा टूटने की सूचना मिली है। सोमवार को रजवाहे का पानी बंद कराने के लिए ठेकेदार को लेबर लेकर मरम्मत कराने का आदेश दिया जा चुका है। शीघ्र ही मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र के कोटवा गांव के सामने से गुजरने वाला कप्तानगंज रजवाहा का दक्षिणी किनारा रविवार को कोटवा निवासी इन्नर के खेत के सामने टूट गया था। इससे रजवाहे का पानी किसानों के खेतों में जाने लगा। मरम्मत न होने से टूटे हुए स्थान की चौड़ाई बढ़ती गई और खेतों की ओर पानी का बहाव तेज होता गया। नतीजा यह हुआ कि सोहनी और कोटवा गांव के कई किसानों की धान की फसल जलमग्न हो गई है।
विज्ञापन
सोमवार को सुबह पानी कप्तानगंज-परतावल मार्ग तक पहुंच गया और गणेश चौक के सामने सडक़ के ऊपर से बहने लगा। पहले से ही बदहाल कप्तानगंज-परतावल मार्ग पानी बहने से अब और टूटने लगा है। राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रजवाहे के पानी से यशोदा सिंह, नरसिंह सिंह, वंशबहादुर सिंह सहित कई किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं हैं। इन लोगों ने अभी हाल में धान की रोपाई कराई थी। रजवाहे के पानी से पूरी फसल डूब गई है। अब इन्हें रोपे गए धान को नुकसान पहुंचने की चिंता सताने लगी है। रजवाहे का पानी समीप के वंशबहादुर सिंह के ईंट भट्ठे में भी घुसने लगा है। दूसरी ओर रजवाहा टूटने के 24 घंटे बाद भी टूटे स्थान की मरम्मत शुरू नहीं हो सकी थी। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक तो नहर का और दूसरे बरसात का पानी लगातार खेतों में पहुंच रहा है। इस संबंध में कप्तानगंज के जिलेदार नबीउल्लाह खान का कहना है कि कप्तानगंज रजवाहा टूटने की सूचना मिली है। सोमवार को रजवाहे का पानी बंद कराने के लिए ठेकेदार को लेबर लेकर मरम्मत कराने का आदेश दिया जा चुका है। शीघ्र ही मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन