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Kushinagar News: फाल्ट ठीक करने में लग रहे तीन से चार घंटे
Thu, 30 Jul 2026 01:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:33 AM IST
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पडरौन। उमस और गर्मी के बीच बिजली की आंख-मिचौली से परेशान शहरवासियों को अब फाल्ट ठीक होने में भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। फाल्ट को ठीक करने में बिजली निगम के कर्मचारियों को तीन से चार घंटे लग जा रहे हैं। इसकी वजह निगम के पास मैन पावर और उपकरणों की की कमी बताई जा रही है। यहां तक कि पोल पर चढ़ने के लिए अपनी सीढ़ी तक नहीं है। नगर पालिका की लिफ्ट मांगकर काम चलाया जा रहा है।
पिछले 24 घंटे में शहर में 20 से ज्यादा बार फाल्ट आई। हर बार फाल्ट ठीक होने में तीन-चार घंटे का समय लग रहा है। इससे घर, दुकान, अस्पताल और ट्यूबवेल सब प्रभावित हो रहे हैं। बिजली फाल्ट को सही करने में सबसे अधिक बाधा बिजली निगम के कर्मचारियों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होना है। हालत यह है कि बिजली निगम के पास हाइड्रोलिक लिफ्ट, इंसुलेटेड सीढ़ी और फाल्ट लोकेटिंग किट नहीं है। बिजली पोल पर काम करने के लिए नगर पालिका से लिफ्ट मांगनी पड़ती है।
लिफ्ट नही मिलने पर काम रुक जाता है। ट्रांसफार्मर जलने पर नया लगने में एक से दो दिन लग जाते हैं। एक लाइनमैन ने बताया कि 11 हजार की लाइन में फाल्ट आ जाए, तो सबसे पहले लिफ्ट के लिए नगर पालिका को फोन करना पड़ता है। लिफ्ट मिलने पर काम शुरू हो पाता है। दुकानदार संतोष जायसवाल ने बताया कि दोपहर 12 बजे लाइट गई। शाम दो बजे आई। इस बीच चार बार फोन किया। जवाब मिला कि लिफ्ट नहीं आई है। गृहिणी रेखा मिश्रा ने बताया कि बच्चे की तबीयत खराब है। इनवर्टर भी जवाब दे गया। दो घंटे तक पंखा बंद रहा।
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-उच्चाधिकारियों से उपकरण की मांग की गई है। बरसात में फाल्ट ज्यादा आ रहे हैं। नगर पालिका से सहयोग मिल रहा है। कोशिश है कि फाल्ट को जल्द से जल्द ठीक किया जाए। -सुरेंद्र कुमार, एक्सईएन पडरौना डिविजन
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पिछले 24 घंटे में शहर में 20 से ज्यादा बार फाल्ट आई। हर बार फाल्ट ठीक होने में तीन-चार घंटे का समय लग रहा है। इससे घर, दुकान, अस्पताल और ट्यूबवेल सब प्रभावित हो रहे हैं। बिजली फाल्ट को सही करने में सबसे अधिक बाधा बिजली निगम के कर्मचारियों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होना है। हालत यह है कि बिजली निगम के पास हाइड्रोलिक लिफ्ट, इंसुलेटेड सीढ़ी और फाल्ट लोकेटिंग किट नहीं है। बिजली पोल पर काम करने के लिए नगर पालिका से लिफ्ट मांगनी पड़ती है।
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लिफ्ट नही मिलने पर काम रुक जाता है। ट्रांसफार्मर जलने पर नया लगने में एक से दो दिन लग जाते हैं। एक लाइनमैन ने बताया कि 11 हजार की लाइन में फाल्ट आ जाए, तो सबसे पहले लिफ्ट के लिए नगर पालिका को फोन करना पड़ता है। लिफ्ट मिलने पर काम शुरू हो पाता है। दुकानदार संतोष जायसवाल ने बताया कि दोपहर 12 बजे लाइट गई। शाम दो बजे आई। इस बीच चार बार फोन किया। जवाब मिला कि लिफ्ट नहीं आई है। गृहिणी रेखा मिश्रा ने बताया कि बच्चे की तबीयत खराब है। इनवर्टर भी जवाब दे गया। दो घंटे तक पंखा बंद रहा।
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-उच्चाधिकारियों से उपकरण की मांग की गई है। बरसात में फाल्ट ज्यादा आ रहे हैं। नगर पालिका से सहयोग मिल रहा है। कोशिश है कि फाल्ट को जल्द से जल्द ठीक किया जाए। -सुरेंद्र कुमार, एक्सईएन पडरौना डिविजन