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आंदोलन कर रहे 120 लेखपालों की सेवा बाधित
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आंदोलन कर रहे 120 लेखपालों की सेवा बाधित
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 12 मांगों को लेकर धरना दे रहे थे लेखपाल
धरनारत लेखपालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने उठाया कड़ा कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। प्रदेश नेतृत्व पर पिछले डेढ़ माह से आंदोलनरत लेखपालों पर बुधवार को जिला प्रशासन की भृकुटि टेढ़ी हो गई। बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे 120 लेखपालों की सेवाबाधित कर दी गई। जिला प्रशासन ने तल्ख लहजे में चेतावनी दी है कि इसके बावजूद भी लेखपालों की हड़ताल और धरना प्रदर्शन बंद नहीं हुआ तो आगे विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जिले भर के लेखपाल 05 नवंबर से ही चरणबद्घ आंदोलन कर रहे हैं। इधर, तेरह दिसंबर से संगठन जिला मुख्यालय पर नियमित धरना प्रदर्शन कर रहा है। आंदोलन को देखते हुए शासन ने दो दिन पहले ऐस्मा लागू कर दिया था। इसके बाद भी लेखपालों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ। मंगलवार को लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए जिला मुख्यालय पर धरना दिया। समाधान दिवस में आए गोरखपुर के मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने आंदोलन कर रहे लेखपालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश जिला प्रशासन को दिया था। बुधवार की शाम को जिलाधिकारी के निर्देश पर 120 लेखपालों की सेवा बाधित कर दी गई। इसकी जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि 120 लेखपालों की सेवा बाधित करते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इसके बाद भी लेखपाल अगर आंदोलन करते हैं तो बृहस्पतिवार से निलंबन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
लेखपालों ने दिया धरना
पडरौना। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद बुधवार को भी लेखपालों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार धरना दिया। इस दौरान जिलामंत्री बंसबहादुर यादव, निधि मिश्रा, मीनू सिंह, शिवांगी मिश्रा, नीलेश रंजन, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीवन मिश्रा, मार्कंडेय मणि, ब्रजेश मणि, सुप्रिया, योगेंद्र गुप्ता, शीतल कुमार सिंह, बलराम कुशवाहा, बबिता सिंह, रमेश प्रसाद, मनोज चौरसिया, रामदर्शन शर्मा, अग्निवेश, मनीष, मीनू सिंह, पिंकी मिश्रा, सुप्रिया राज, उस्मान गनी, कृष्ण प्रसाद, बिहारी प्रसाद, अब्दुल कुद्दूस, देवेंद्र सिंह, तुफैल अहमद आदि मौजूद रहे।
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लेखपालों ने बनाई नई रणनीति
तमकुहीरोड। लेखपालों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए शुरू हुई प्रशासनिक सख्ती के बाद लेखपाल संघ ने भी आंदोलन की नई रणनीति बना दी है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि अलग अलग लोगों के नेतृत्व में तीन संघर्ष समितियों का गठन किया गया है। जिला इकाई के पदाधिकारियों पर कार्रवाई के बाद संघर्ष समितियों के पदाधिकारी आंदोलन की कमान संभालेंगे।
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प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 12 मांगों को लेकर धरना दे रहे थे लेखपाल
धरनारत लेखपालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने उठाया कड़ा कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। प्रदेश नेतृत्व पर पिछले डेढ़ माह से आंदोलनरत लेखपालों पर बुधवार को जिला प्रशासन की भृकुटि टेढ़ी हो गई। बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे 120 लेखपालों की सेवाबाधित कर दी गई। जिला प्रशासन ने तल्ख लहजे में चेतावनी दी है कि इसके बावजूद भी लेखपालों की हड़ताल और धरना प्रदर्शन बंद नहीं हुआ तो आगे विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जिले भर के लेखपाल 05 नवंबर से ही चरणबद्घ आंदोलन कर रहे हैं। इधर, तेरह दिसंबर से संगठन जिला मुख्यालय पर नियमित धरना प्रदर्शन कर रहा है। आंदोलन को देखते हुए शासन ने दो दिन पहले ऐस्मा लागू कर दिया था। इसके बाद भी लेखपालों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ। मंगलवार को लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए जिला मुख्यालय पर धरना दिया। समाधान दिवस में आए गोरखपुर के मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने आंदोलन कर रहे लेखपालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश जिला प्रशासन को दिया था। बुधवार की शाम को जिलाधिकारी के निर्देश पर 120 लेखपालों की सेवा बाधित कर दी गई। इसकी जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि 120 लेखपालों की सेवा बाधित करते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इसके बाद भी लेखपाल अगर आंदोलन करते हैं तो बृहस्पतिवार से निलंबन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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लेखपालों ने दिया धरना
पडरौना। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद बुधवार को भी लेखपालों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार धरना दिया। इस दौरान जिलामंत्री बंसबहादुर यादव, निधि मिश्रा, मीनू सिंह, शिवांगी मिश्रा, नीलेश रंजन, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीवन मिश्रा, मार्कंडेय मणि, ब्रजेश मणि, सुप्रिया, योगेंद्र गुप्ता, शीतल कुमार सिंह, बलराम कुशवाहा, बबिता सिंह, रमेश प्रसाद, मनोज चौरसिया, रामदर्शन शर्मा, अग्निवेश, मनीष, मीनू सिंह, पिंकी मिश्रा, सुप्रिया राज, उस्मान गनी, कृष्ण प्रसाद, बिहारी प्रसाद, अब्दुल कुद्दूस, देवेंद्र सिंह, तुफैल अहमद आदि मौजूद रहे।
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लेखपालों ने बनाई नई रणनीति
तमकुहीरोड। लेखपालों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए शुरू हुई प्रशासनिक सख्ती के बाद लेखपाल संघ ने भी आंदोलन की नई रणनीति बना दी है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि अलग अलग लोगों के नेतृत्व में तीन संघर्ष समितियों का गठन किया गया है। जिला इकाई के पदाधिकारियों पर कार्रवाई के बाद संघर्ष समितियों के पदाधिकारी आंदोलन की कमान संभालेंगे।