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Kushinagar News: दीवान की भूमिका की जांच तेज, साक्ष्य जुटा रही टीम
Sat, 23 Aug 2025 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:47 AM IST
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कुशीनगर। धर्मांतरण प्रकरण में पीड़िता को न्याय की सीढ़ी से खींचकर बर्बरता करने के मामले में तमकुहीराज थाने पर तैनात रहे दीवान पर भी पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके बाद उसे लाइन हाजिर कर दिया गया। अब सीओ खुद दीवान की भूमिका की जांच कर रहे हैं। जालीनोट कांड का मुख्य आरोपी रफी खान उर्फ बबलू का धर्मांतरण गिरोह में नाम आने और छांगुर कनेक्शन के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
इसके अतिरिक्त पुलिस जालीनोट कांड में मिले क्लू को भी इस केस से जोड़कर देख रही है। भले ही आरोपी और उसका पक्ष रखते हुए लोग खुद को निर्दोष बता रहे हैं, लेकिन जाली नोट प्रकरण में रफी के मोबाइल से अश्लील फोटो, वीडियो व लड़कियों के नंबर मिले थे। इसके अलावा तब एक महिला ने जमीन के हेराफेरी का आरोप लगाया था। तब रफी खान उर्फ बबलू के मित्र चर्चित प्रॉपर्टी डीलर का नाम सामने आया था। उस समय चर्चा थी कि वह शहाबुद्दीन का रिश्तेदार है और अपनी काली कमाई को समाजसेवा के माध्यम से सफेद करने में जुटा है।
अब जब पीड़िता ने जाली नोट गिरोह के सरगना बबलू खान सहित उक्त चर्चित प्रॉपर्टी डीलर पर आरोप लगाया तो फिर उसके शहाबुद्दीन कनेक्शन की चर्चा होने लगी है। सूत्रों की मानें तो शहाबुद्दीन की मौत के बाद उसने पूरे पैसे को कुशीनगर में धर्म परिवर्तन, अश्लीलता और छांगुर जैसे गिरोह में लगाया है। पुलिस इन सभी एंगल पर जांच करते हुए किसी भी बात को स्पष्ट कहने में गुरेज कर रही है। हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस भी कुछ बताने से परहेज कर रही है, लेकिन आरोपियों के बैकग्राउंड खंगालने के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम के बारे में साक्ष्य जुटा रही है।
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धर्मांतरण मामले में दर्ज मुकदमे में अधिकतर नाम प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जाली नोट प्रकरण से भी जुड़े हैं। इसमें रफी खान उर्फ बबलू के अलावा रितेश मिश्रा, आलमगीर अंसारी और उसका बेटा प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े हैं तो इम्तेयाज दीवान पर भी मुकदमा दर्ज है। सीओ खुद उसकी भूमिका की जांच कर रहे है। जाली नोट प्रकरण में गिरफ्तार हुए बदमाशों में अधिकतर प्रॉपर्टी डीलिंग और राजनीति से जुड़े हुए थे। उस समय जांच में जमीन में हेरफेर कर धनार्जन और महिलाओं संग अश्लीलता की बात सामने आई थी।
पर्दे के पीछे से सपोर्ट करने को लेकर एक चर्चित प्रॉपर्टी डीलर का नाम सामने आया था जो इस धर्मांतरण गिरोह में भी शामिल है। बताया जाता है कि वह 2019 में कुशीनगर में अपनी एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया। इसका उद्देश्य जमीन के खरीद फरोख्त से जुड़ा हुआ था। महज पांच वर्षों में इस कंपनी में कई बेरोजगार युवक और युवतियों को नौकरी दी जाती है। कुशीनगर में जमीन का इतना बड़ा स्कोप नहीं होने के बावजूद प्रॉपर्टी डीलिंग से एक कंपनी इतनी ऊपर कैसे जा सकती है।
मिट्टी में मिलाए जाएंगे दोषी : राज्य पिछड़ा आयोग के सदस्य फूलबदन कुशवाहा ने मामले से जुड़े आरोपियों पर आरोप सिद्ध होने के बाद उनको मिट्टी में मिलाने की बात कही। फूलबदन ने कहा कि सुनियोजित तरीके से गैंग काम कर रहा है। यही लोग हैं जिन्हें कुशीनगर पुलिस ने जाली नोट प्रकरण में जेल भेजा था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कथित नेता रफी खान उर्फ बबलू के मोबाइल में अश्लील फोटो मिला था। जाली नोट प्रकरण में पर्दे के पीछे से कार्य करने वाले आलमगीर द्वारा हिंदू युवतियों को नौकरी दिया जाता है। बहुत सारे एंगल हैं, सब पर पुलिस जांच कर रही है। प्रदेश सरकार में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी पीड़िता के साथ गलत हुआ है तो उस मामले में कड़ी कार्रवाई होगी।
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इसके अतिरिक्त पुलिस जालीनोट कांड में मिले क्लू को भी इस केस से जोड़कर देख रही है। भले ही आरोपी और उसका पक्ष रखते हुए लोग खुद को निर्दोष बता रहे हैं, लेकिन जाली नोट प्रकरण में रफी के मोबाइल से अश्लील फोटो, वीडियो व लड़कियों के नंबर मिले थे। इसके अलावा तब एक महिला ने जमीन के हेराफेरी का आरोप लगाया था। तब रफी खान उर्फ बबलू के मित्र चर्चित प्रॉपर्टी डीलर का नाम सामने आया था। उस समय चर्चा थी कि वह शहाबुद्दीन का रिश्तेदार है और अपनी काली कमाई को समाजसेवा के माध्यम से सफेद करने में जुटा है।
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अब जब पीड़िता ने जाली नोट गिरोह के सरगना बबलू खान सहित उक्त चर्चित प्रॉपर्टी डीलर पर आरोप लगाया तो फिर उसके शहाबुद्दीन कनेक्शन की चर्चा होने लगी है। सूत्रों की मानें तो शहाबुद्दीन की मौत के बाद उसने पूरे पैसे को कुशीनगर में धर्म परिवर्तन, अश्लीलता और छांगुर जैसे गिरोह में लगाया है। पुलिस इन सभी एंगल पर जांच करते हुए किसी भी बात को स्पष्ट कहने में गुरेज कर रही है। हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस भी कुछ बताने से परहेज कर रही है, लेकिन आरोपियों के बैकग्राउंड खंगालने के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम के बारे में साक्ष्य जुटा रही है।
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धर्मांतरण मामले में दर्ज मुकदमे में अधिकतर नाम प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जाली नोट प्रकरण से भी जुड़े हैं। इसमें रफी खान उर्फ बबलू के अलावा रितेश मिश्रा, आलमगीर अंसारी और उसका बेटा प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े हैं तो इम्तेयाज दीवान पर भी मुकदमा दर्ज है। सीओ खुद उसकी भूमिका की जांच कर रहे है। जाली नोट प्रकरण में गिरफ्तार हुए बदमाशों में अधिकतर प्रॉपर्टी डीलिंग और राजनीति से जुड़े हुए थे। उस समय जांच में जमीन में हेरफेर कर धनार्जन और महिलाओं संग अश्लीलता की बात सामने आई थी।
पर्दे के पीछे से सपोर्ट करने को लेकर एक चर्चित प्रॉपर्टी डीलर का नाम सामने आया था जो इस धर्मांतरण गिरोह में भी शामिल है। बताया जाता है कि वह 2019 में कुशीनगर में अपनी एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया। इसका उद्देश्य जमीन के खरीद फरोख्त से जुड़ा हुआ था। महज पांच वर्षों में इस कंपनी में कई बेरोजगार युवक और युवतियों को नौकरी दी जाती है। कुशीनगर में जमीन का इतना बड़ा स्कोप नहीं होने के बावजूद प्रॉपर्टी डीलिंग से एक कंपनी इतनी ऊपर कैसे जा सकती है।
मिट्टी में मिलाए जाएंगे दोषी : राज्य पिछड़ा आयोग के सदस्य फूलबदन कुशवाहा ने मामले से जुड़े आरोपियों पर आरोप सिद्ध होने के बाद उनको मिट्टी में मिलाने की बात कही। फूलबदन ने कहा कि सुनियोजित तरीके से गैंग काम कर रहा है। यही लोग हैं जिन्हें कुशीनगर पुलिस ने जाली नोट प्रकरण में जेल भेजा था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कथित नेता रफी खान उर्फ बबलू के मोबाइल में अश्लील फोटो मिला था। जाली नोट प्रकरण में पर्दे के पीछे से कार्य करने वाले आलमगीर द्वारा हिंदू युवतियों को नौकरी दिया जाता है। बहुत सारे एंगल हैं, सब पर पुलिस जांच कर रही है। प्रदेश सरकार में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी पीड़िता के साथ गलत हुआ है तो उस मामले में कड़ी कार्रवाई होगी।