{"_id":"5b7c656142c792465274a952","slug":"inverted-boat-in-gundak-death-of-farmer-due-to-drowning","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंडक में पलटी नाव, डूबने से किसान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंडक में पलटी नाव, डूबने से किसान की मौत
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:47 AM IST
विज्ञापन
गंडक में पलटी नाव, डूबने से किसान की मौत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खड्डा (कुशीनगर)। बड़ी गंडक नदी के उस पार से खेती करके लौट रहे किसानों की दो नाव मंगलवार की सुबह असंतुलित होकर पलट गईं। नाव पटलने के कारण नदी में डूबने से एक किसान की मौत हो गई और एक अन्य का पता नहीं चल सका। डूब रहे लोगों को बचाने पहुंचे पिता-पुत्र की दूसरी नाव भी असंतुलित होकर कारण पलट गई। पिता-पुत्र ने तैरकर अपनी जान बचाई। उधर, नदी में डूबे एक किसान का काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं चला। पांच लोगों को डूबने से सुरक्षित बचा लिया। सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर काफी संख्या में गांव के लोगों के अलावा एसडीएम और पुलिस कर्मी भी पहुंच गए।
खड्डा थाना क्षेत्र ग्राम सभा मदनपुर सुकरौली निवासी नत्थू (45) मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे अपनी नाव लेकर नदी उस पार खेती के लिए निकले थे। उनके साथ नाव पर पिता कोलाई (70) और पुत्र संतोष (20) उसी नाव पर सवार हो गए। इनके अलावा पड़ोसी विजय बहादुर सिंह (50) और बगल के गांव गैनही जंगल के रामदरश (55) सहित कुल पांच लोग नाव में सवार हुए थे। इनकी नाव गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर नदी में गई थी। नाव अभी किनारे से करीब 20 मीटर दूर थी कि तेज धारा में इनकी नाव असंतुलित होकर पलट गई। डूबती नाव को पकड़कर यह लोग मदद के लिए शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर गांव के ही रम्मन (42) जो अपनी नाव लेकर नदी के किनारे मौजूद थे, अपने बेटे नागेंद्र (16) के साथ डूब रहे लोगों को बचाने के लिए नाव लेकर आगे बढ़ गए। रम्मन ने डूब रहे चार लोगों को अपनी नाव में चढ़ा लिया, लेकिन तभी उसकी नाव भी असंतुलित होकर पलट गई। रम्मन और उनके पुत्र नागेश्वर तैरकर किसी तरह नदी से बाहर निकल गए, लेकिन अन्य पांच लोग फिर डूबने लगे। काफी दूर तक नदी में बहने के बाद उनका शोर सुनकर भेड़िहारी गांव के पास कुछ लोग बड़ी नाव लेकर पहुंचे। उन लोगों ने नत्थू, कोलाई, संतोष व रामदरश को नाव पर चढ़ा लिया, लेकिन तब तक रामदरश की मौत हो चुकी थी, जबकि विजय बहादुर का काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं चल पाया। गोताखोरों और बचाव दस्ते के साथ एसडीएम अरविंद कुमार ने भी लापता व्यक्ति की तलाश की। एसडीएम ने बताया कि गोताखोरों की मदद से लापता व्यक्ति की तलाश कराई जा रही है। नदी में छोटी व ओवरलोड नाव चलाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
विज्ञापन
खड्डा थाना क्षेत्र ग्राम सभा मदनपुर सुकरौली निवासी नत्थू (45) मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे अपनी नाव लेकर नदी उस पार खेती के लिए निकले थे। उनके साथ नाव पर पिता कोलाई (70) और पुत्र संतोष (20) उसी नाव पर सवार हो गए। इनके अलावा पड़ोसी विजय बहादुर सिंह (50) और बगल के गांव गैनही जंगल के रामदरश (55) सहित कुल पांच लोग नाव में सवार हुए थे। इनकी नाव गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर नदी में गई थी। नाव अभी किनारे से करीब 20 मीटर दूर थी कि तेज धारा में इनकी नाव असंतुलित होकर पलट गई। डूबती नाव को पकड़कर यह लोग मदद के लिए शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर गांव के ही रम्मन (42) जो अपनी नाव लेकर नदी के किनारे मौजूद थे, अपने बेटे नागेंद्र (16) के साथ डूब रहे लोगों को बचाने के लिए नाव लेकर आगे बढ़ गए। रम्मन ने डूब रहे चार लोगों को अपनी नाव में चढ़ा लिया, लेकिन तभी उसकी नाव भी असंतुलित होकर पलट गई। रम्मन और उनके पुत्र नागेश्वर तैरकर किसी तरह नदी से बाहर निकल गए, लेकिन अन्य पांच लोग फिर डूबने लगे। काफी दूर तक नदी में बहने के बाद उनका शोर सुनकर भेड़िहारी गांव के पास कुछ लोग बड़ी नाव लेकर पहुंचे। उन लोगों ने नत्थू, कोलाई, संतोष व रामदरश को नाव पर चढ़ा लिया, लेकिन तब तक रामदरश की मौत हो चुकी थी, जबकि विजय बहादुर का काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं चल पाया। गोताखोरों और बचाव दस्ते के साथ एसडीएम अरविंद कुमार ने भी लापता व्यक्ति की तलाश की। एसडीएम ने बताया कि गोताखोरों की मदद से लापता व्यक्ति की तलाश कराई जा रही है। नदी में छोटी व ओवरलोड नाव चलाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
विज्ञापन