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Kushinagar News: अवैध यूनीपोल की भरमार
Sun, 20 Aug 2023 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 20 Aug 2023 11:22 PM IST
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नगर में लगे होर्डिंग के बारे में नगर पालिका को पता ही नहीं
फोटो है
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। नगर के विभिन्न मार्गों पर अवैध तरीके से यूनीपोल लगा कर लोगों को विज्ञापन पढ़ाए जा रहे हैं। इससे इन यूनीपोल लगाने वालों की तो मोटी आमदनी हो रही है। लेकिन वे टैक्स के रूप में एक रुपये भी नहीं जमा कर रहे हैं। अवैध यूनीपोल लगाने वाले नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर अपना कारोबार चला रहे हैं। यह खेल लाखों का है। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो नगर में लगे यूनीपोलों पर विज्ञापन के लिए मात्र एक ही व्यक्ति पंजीकृत है। बाकी नगर में विज्ञापन कब और किसने लगाया, नगर पालिका के जिम्मेदारों को भी पता नहीं है ।
इनसे सालाना लगभग लाख का रुपये राजस्व का चूना लग रहा है। गृहकर-जलकर की भांति विज्ञापन भी नगर पालिका की आय का जरिया है। विज्ञापन के धंधेबाजों ने पूरे नगर में अपना जाल फैला लिया। बाबुओं की मिलीभगत से बिना नगर पालिका से अनुमति लिए जगह-जगह यूनिपोल लगवा लिए।
विज्ञापन के कारोबार के ये हैं नियम
नगर के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में नगर पालिका से व ग्रामीण इलाकों में विज्ञापन सामग्री लगाने के लिए जिला पंचायत से अनुमति की जरूरत होती है। नगर पालिका में तो इसके लिए बाकायदा बाइलाज बना है। इसके तहत निर्धारित जगह पर यूनिपोल या होर्डिंग लगवाने के लिए राजस्व विभाग में प्रार्थनापत्र देना होता है। साथ ही 10 हजार रुपये सिक्योरिटी व 10500 रुपये सालाना टैक्स के रूप में जमा करना होता है।
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ऐसे चल रहा विज्ञापन का अवैध धंधा
विज्ञापन के धंधेबाज बाबुओं से सेटिंग करके विज्ञापन बुक करते रहते हैं। यूनिपोल सड़कों पर लगाए हैं। नगर के विभिन्न मार्गों पर विज्ञापन की होड़ लगी हुई है। विद्युत पोल के सहारे कहीं भी बड़े-बड़े विज्ञापन लगा देते हैं।
नगर में लगे सभी यूनिपोल की नंबरिंग कराई जाएगी। जिससे वैध व अवैध की पहचान होगी। सर्वे कराकर नगर में धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद कुशीनगर
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कसया। नगर के विभिन्न मार्गों पर अवैध तरीके से यूनीपोल लगा कर लोगों को विज्ञापन पढ़ाए जा रहे हैं। इससे इन यूनीपोल लगाने वालों की तो मोटी आमदनी हो रही है। लेकिन वे टैक्स के रूप में एक रुपये भी नहीं जमा कर रहे हैं। अवैध यूनीपोल लगाने वाले नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर अपना कारोबार चला रहे हैं। यह खेल लाखों का है। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो नगर में लगे यूनीपोलों पर विज्ञापन के लिए मात्र एक ही व्यक्ति पंजीकृत है। बाकी नगर में विज्ञापन कब और किसने लगाया, नगर पालिका के जिम्मेदारों को भी पता नहीं है ।
इनसे सालाना लगभग लाख का रुपये राजस्व का चूना लग रहा है। गृहकर-जलकर की भांति विज्ञापन भी नगर पालिका की आय का जरिया है। विज्ञापन के धंधेबाजों ने पूरे नगर में अपना जाल फैला लिया। बाबुओं की मिलीभगत से बिना नगर पालिका से अनुमति लिए जगह-जगह यूनिपोल लगवा लिए।
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विज्ञापन के कारोबार के ये हैं नियम
नगर के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में नगर पालिका से व ग्रामीण इलाकों में विज्ञापन सामग्री लगाने के लिए जिला पंचायत से अनुमति की जरूरत होती है। नगर पालिका में तो इसके लिए बाकायदा बाइलाज बना है। इसके तहत निर्धारित जगह पर यूनिपोल या होर्डिंग लगवाने के लिए राजस्व विभाग में प्रार्थनापत्र देना होता है। साथ ही 10 हजार रुपये सिक्योरिटी व 10500 रुपये सालाना टैक्स के रूप में जमा करना होता है।
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ऐसे चल रहा विज्ञापन का अवैध धंधा
विज्ञापन के धंधेबाज बाबुओं से सेटिंग करके विज्ञापन बुक करते रहते हैं। यूनिपोल सड़कों पर लगाए हैं। नगर के विभिन्न मार्गों पर विज्ञापन की होड़ लगी हुई है। विद्युत पोल के सहारे कहीं भी बड़े-बड़े विज्ञापन लगा देते हैं।
नगर में लगे सभी यूनिपोल की नंबरिंग कराई जाएगी। जिससे वैध व अवैध की पहचान होगी। सर्वे कराकर नगर में धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद कुशीनगर