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Kushinagar News: कुपोषित पुनर्वास केंद्र में बच्चों को भर्ती करने के लिए किया प्रेरित
Sat, 14 Dec 2024 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 14 Dec 2024 01:48 AM IST
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अंबाला सिटी। जिले में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही विभाग की ओर से प्रदेश के कई जिलों में ड्यूल डेस्क की कमी को पूरा करने के लिए पोर्टल पर डिमांड मांगी है।
इसके लिए शिक्षा मंत्री भी कह चुके हैं कि जिले के सभी राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी व अन्य संसाधनों को पूरा किया जाएगा। विभाग ने 20 दिसंबर तक पोर्टल पर ड्यूल डेस्क की डिमांड देने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जहां भी शिक्षकों की कमी है। उसे पूरा किया जाएगा। संसाधनों की कमी को भी प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। अंबाला जिला से अंतर जिला तबादला प्रक्रिया में 200 से ज्यादा शिक्षक चले गए थे, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी जिले में कोई शिक्षक नहीं आया। विभाग की ओर से उसके बाद तबादला प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। इस वजह से किसी स्कूल में एक ही शिक्षक रह गया है, जबकि कहीं शिक्षक सरप्लस हो गए हैं।
विभाग की ओर से शिक्षकों की नियमित भर्ती भी नहीं की गई है। शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ भी मांग कर चुका है। असल में कई वर्षों से बाहरी जिलों के शिक्षक अंबाला में तैनात थे। अंतर जिला तबादला पोर्टल खुलते ही शिक्षक अपने गृह जिलों व आसपास के जिलों में चले गए। इस वजह से शिक्षकों की कमी हो गई। सबसे ज्यादा कमी अंबाला खंड वन में हुई।
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इसके लिए शिक्षा मंत्री भी कह चुके हैं कि जिले के सभी राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी व अन्य संसाधनों को पूरा किया जाएगा। विभाग ने 20 दिसंबर तक पोर्टल पर ड्यूल डेस्क की डिमांड देने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जहां भी शिक्षकों की कमी है। उसे पूरा किया जाएगा। संसाधनों की कमी को भी प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। अंबाला जिला से अंतर जिला तबादला प्रक्रिया में 200 से ज्यादा शिक्षक चले गए थे, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी जिले में कोई शिक्षक नहीं आया। विभाग की ओर से उसके बाद तबादला प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। इस वजह से किसी स्कूल में एक ही शिक्षक रह गया है, जबकि कहीं शिक्षक सरप्लस हो गए हैं।
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विभाग की ओर से शिक्षकों की नियमित भर्ती भी नहीं की गई है। शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ भी मांग कर चुका है। असल में कई वर्षों से बाहरी जिलों के शिक्षक अंबाला में तैनात थे। अंतर जिला तबादला पोर्टल खुलते ही शिक्षक अपने गृह जिलों व आसपास के जिलों में चले गए। इस वजह से शिक्षकों की कमी हो गई। सबसे ज्यादा कमी अंबाला खंड वन में हुई।
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