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जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन खत्म
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जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन खत्म
कुत्ते, बंदर, बिल्ली के काटने पर मरीजों का नहीं लग पा रहा इंजेक्शन
इंजेक्शन उपलब्ध रहने पर औसतन 40 से 50 मरीज आते हैं प्रतिदिन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कुत्ते, बंदर, बिल्ली या सियार के काटने पर मरीजों को जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लग पा रहा है। लगभग दस दिनों से इंजेक्शन के खत्म होने से लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में जनपद मुख्यालय ही नहीं, दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। मांग के बावजूद अब तक इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाया है। कुत्ते, बंदर, बिल्ली या सियार का काटना घातक होता है। मरीज को रेबीज रोग न हो, इसलिए इंजेक्शन लगाया जाता है। जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीज दूर-दराज क्षेत्रों से आते हैं। स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक इस अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन उपलब्ध रहने पर 40-50 मरीजों को प्रतिदिन लगाया जाता है, लेकिन इधर लगभग दस दिनों से यह इंजेक्शन खत्म है। तभी से कक्ष में ताला लगा हुआ है। जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एंटी रेबीज इंजेक्शन की मांग की गई है।
अस्पताल में प्रतिदिन मरीज एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए आ रहे हैं, लेकिन उन्हें इंजेक्शन नहीं लग पा रहा है। इंजेक्शन लखनऊ स्थित कॉरपोरेशन के स्टोर में भी उपलब्ध नहीं है। सीएमओ कार्यालय के स्टोर में भी इंजेक्शन नहीं है। पहले एंटी रेबीज इंजेक्शन के 300 वॉयल की मांग की गई थी, लेकिन नहीं मिल सकी। शुक्रवार को इसके 600 वॉयल की पुन: मांग की गई है।
डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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कुत्ते, बंदर, बिल्ली के काटने पर मरीजों का नहीं लग पा रहा इंजेक्शन
इंजेक्शन उपलब्ध रहने पर औसतन 40 से 50 मरीज आते हैं प्रतिदिन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कुत्ते, बंदर, बिल्ली या सियार के काटने पर मरीजों को जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लग पा रहा है। लगभग दस दिनों से इंजेक्शन के खत्म होने से लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में जनपद मुख्यालय ही नहीं, दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। मांग के बावजूद अब तक इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाया है। कुत्ते, बंदर, बिल्ली या सियार का काटना घातक होता है। मरीज को रेबीज रोग न हो, इसलिए इंजेक्शन लगाया जाता है। जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीज दूर-दराज क्षेत्रों से आते हैं। स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक इस अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन उपलब्ध रहने पर 40-50 मरीजों को प्रतिदिन लगाया जाता है, लेकिन इधर लगभग दस दिनों से यह इंजेक्शन खत्म है। तभी से कक्ष में ताला लगा हुआ है। जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एंटी रेबीज इंजेक्शन की मांग की गई है।
अस्पताल में प्रतिदिन मरीज एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए आ रहे हैं, लेकिन उन्हें इंजेक्शन नहीं लग पा रहा है। इंजेक्शन लखनऊ स्थित कॉरपोरेशन के स्टोर में भी उपलब्ध नहीं है। सीएमओ कार्यालय के स्टोर में भी इंजेक्शन नहीं है। पहले एंटी रेबीज इंजेक्शन के 300 वॉयल की मांग की गई थी, लेकिन नहीं मिल सकी। शुक्रवार को इसके 600 वॉयल की पुन: मांग की गई है।
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डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल