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Kushinagar News: गन्ना गोष्ठी में दी उन्नतशील प्रजातियों की जानकारी
Wed, 01 May 2024 04:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 01 May 2024 04:41 AM IST
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कसया/टेकुआटार। अहिरौली बाजार स्थित बैंक सभागार में गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच की ओर से गन्ना विकास गोष्ठी हुई। किसानों को उन्नति व गुणवत्ता युक्त खेती को लेकर जागरूक करते हुए पेड़ी गन्ने का प्रबंध, गन्ना सर्वेक्षण, गन्ना फसल सुरक्षा, खरपतवार नियंत्रण, सिंचाई विधि की जानकारी कृषि विशेषज्ञों ने दी। सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि 400 क्विंटतल एकड़ उपज के लिए गन्ने की अधिक उपज देने वाली प्रजातियां 140201, 13235, 0118 की बुआई समय से ट्रेंच विधि से करें। गन्ने के साथ सुविधा अनुसार मूंग ,आलू, प्याज, लहसुन, गोभी, टमाटर, खीरा आदि की सह फसली खेती को लेकर जागरूक किया और सह फसली विधि का फोटोग्राफ दिखाकर समझाया।
सहायक निदेशक ने बताया कि 200 कुंतल एकड़ गन्ने के उपज से किसानों को कोई लाभ नहीं है। उपज 400 से 500 कुंतल एकड़ होनी चाहिए। सेवरही गन्ना शोध के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर के पी सिंह ने बताया कि गन्ने की एक प्रजाति विकसित करने में 9 वर्ष का समय लग जाता है। किसान गन्ने की अगेती प्रजाति के साथ सामान्य प्रजातियां 8452, 9232 तथा पानी लगने वाले खेतों में 10 239 व यूपी 5125 की बुवाई करें। सेवरही के कीट वैज्ञानिक डॉ बी के मिश्रा ने मथमुड़िया कीट नियंत्रण के लिए ट्राईको कार्ड व बोलियम फ्लेक्सी का प्रयोग मई के प्रथम सप्ताह में करने का सुझाव दिया। बडौदा यूपी बैंक अहिरौली बाजार के शाखा प्रबंधक अभिनव प्रताप सिंह ने बताया कि बैंक से किसानों को समय समय पर कृषि लोन , पशु लोन की सुविधा किसानों को प्रदान की जाती है। सहायक निदेशक ने सभी किसानों से अपील किया कि अपने खेत पर रहकर गन्ना सर्वेक्षण कराए और घोषणा पत्र अवश्य भरे। रामकोला चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक संजय त्रिपाठी व संजय चौबे ने बताया कि किसानों को असुविधा न हो इस लिए चीनी मिल द्वारा समय समय से गन्ना का भुगतान किसानों के खाते में भेज दिया जा रहा है। अभी तक चीनी मिल ने 15 अप्रैल तक भुगतान कर दिया गया है । 22 तक की एडवाइज भेजी जा रही है ।इस वर्ष 10 लाख कुंतल मिल द्वारा अधिक गन्ना पेराई किया गया है। 87 लाख कुंतल गन्ना पेराई कर 277 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। अध्यक्षता प्रगतिशील किसान राधेश्याम जायसवाल ने किया। इस दौरान आत्मा गुप्ता, रविंद्र राय, विजय कुमार मिश्रा, अमरनाथ यादव, राम उग्रह गुप्ता, जंटू कुशवाहा, गोविंद कुशवाहा, घनश्याम कुशवाहा, बृज नारायण यादव आदि किसान मौजूद रहे।
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सहायक निदेशक ने बताया कि 200 कुंतल एकड़ गन्ने के उपज से किसानों को कोई लाभ नहीं है। उपज 400 से 500 कुंतल एकड़ होनी चाहिए। सेवरही गन्ना शोध के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर के पी सिंह ने बताया कि गन्ने की एक प्रजाति विकसित करने में 9 वर्ष का समय लग जाता है। किसान गन्ने की अगेती प्रजाति के साथ सामान्य प्रजातियां 8452, 9232 तथा पानी लगने वाले खेतों में 10 239 व यूपी 5125 की बुवाई करें। सेवरही के कीट वैज्ञानिक डॉ बी के मिश्रा ने मथमुड़िया कीट नियंत्रण के लिए ट्राईको कार्ड व बोलियम फ्लेक्सी का प्रयोग मई के प्रथम सप्ताह में करने का सुझाव दिया। बडौदा यूपी बैंक अहिरौली बाजार के शाखा प्रबंधक अभिनव प्रताप सिंह ने बताया कि बैंक से किसानों को समय समय पर कृषि लोन , पशु लोन की सुविधा किसानों को प्रदान की जाती है। सहायक निदेशक ने सभी किसानों से अपील किया कि अपने खेत पर रहकर गन्ना सर्वेक्षण कराए और घोषणा पत्र अवश्य भरे। रामकोला चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक संजय त्रिपाठी व संजय चौबे ने बताया कि किसानों को असुविधा न हो इस लिए चीनी मिल द्वारा समय समय से गन्ना का भुगतान किसानों के खाते में भेज दिया जा रहा है। अभी तक चीनी मिल ने 15 अप्रैल तक भुगतान कर दिया गया है । 22 तक की एडवाइज भेजी जा रही है ।इस वर्ष 10 लाख कुंतल मिल द्वारा अधिक गन्ना पेराई किया गया है। 87 लाख कुंतल गन्ना पेराई कर 277 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। अध्यक्षता प्रगतिशील किसान राधेश्याम जायसवाल ने किया। इस दौरान आत्मा गुप्ता, रविंद्र राय, विजय कुमार मिश्रा, अमरनाथ यादव, राम उग्रह गुप्ता, जंटू कुशवाहा, गोविंद कुशवाहा, घनश्याम कुशवाहा, बृज नारायण यादव आदि किसान मौजूद रहे।
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