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Kushinagar News: मुसीबत में रिश्ते नहीं, इंसानियत सबसे बड़ा सहारा बनती है ा
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दुदही(कुशीनगर)। जब कोई अनजान अपनत्व का हाथ बढ़ाता है तो पीड़ित की पीड़ा कुछ कम हो जाती है। बाढ़ की विभीषिका के बीच मंगलवार को गौरहा गांव के 20 वर्षीय सत्यम तिवारी ने कुछ ऐसा ही जज्बा दिखाया। अपनी जान जोखिम में डालकर वह करीब एक किलोमीटर तक गहरे पानी में पहुंचा और बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व अन्य ग्रामीणों को सहारा देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाता रहा। सुबह से शाम तक लोगों की मदद में जुटे सत्यम के साहस की हर तरफ सराहना हो रही है।
मंगलवार को जवही गांव के सैकड़ों ग्रामीण बाढ़ के पानी में घिर गए थे। चारों तरफ पानी बढ़ता जा रहा था और लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, उस समय तक एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। गौरहा के 20 वर्षीय सत्यम तिवारी ने मदद के लिए आगे आने का फैसला किया। सत्यम हाथ में लाठी लेकर करीब एक किलोमीटर तक पानी के बीच से होकर बाढ़ में फंसे लोगों तक पहुंचा। पानी लगातार बढ़ रहा था लेकिन हिम्मत नहीं छोड़ी।
उसने पहले कुछ पुरुषों को अपने साथ लेकर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सहारा देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने लगा।ग्रामीणों के अनुसार, सत्यम सुबह से लेकर शाम तक लगातार लोगों की मदद में जुटा रहा। इस दौरान वह खुद भी गहरे पानी और तेज बहाव के बीच लोगों का सहारा बना रहा।
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मंगलवार को जवही गांव के सैकड़ों ग्रामीण बाढ़ के पानी में घिर गए थे। चारों तरफ पानी बढ़ता जा रहा था और लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, उस समय तक एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। गौरहा के 20 वर्षीय सत्यम तिवारी ने मदद के लिए आगे आने का फैसला किया। सत्यम हाथ में लाठी लेकर करीब एक किलोमीटर तक पानी के बीच से होकर बाढ़ में फंसे लोगों तक पहुंचा। पानी लगातार बढ़ रहा था लेकिन हिम्मत नहीं छोड़ी।
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उसने पहले कुछ पुरुषों को अपने साथ लेकर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सहारा देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने लगा।ग्रामीणों के अनुसार, सत्यम सुबह से लेकर शाम तक लगातार लोगों की मदद में जुटा रहा। इस दौरान वह खुद भी गहरे पानी और तेज बहाव के बीच लोगों का सहारा बना रहा।
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