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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   In the treatment of cancer, "poverty" became the obstacle

कैंसर पीड़ित के इलाज में ‘गरीबी’ बनी बाधा

Thu, 17 Dec 2015 11:42 PM IST
Updated Thu, 17 Dec 2015 11:42 PM IST
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कुबेरस्थान। पडरौना ब्लॉक के कल्याण छापर गांव के निवासी 50 वर्षीय कैलाश छह महीने से कैंसर से पीड़ित हैं। गरीबी के चलते उनका इलाज नहीं हो पा रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें ‘एम्स’ के लिए रेफर कर दिया है, लेकिन धन की व्यवस्था नहीं होने के कारण उनके घरवाले उन्हें दिल्ली नहीं ले जा पा रहे हैं।
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कैलाश की पत्नी मुन्नी देवी ने बताया कि उसके पति को छह माह पूर्व पेट में दर्द की शिकायत हुई तो निजी डॉक्टर से इलाज कराया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जब दर्द बढ़ने लगा तो उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच कराने के बाद डॉक्टर ने कैंसर की पुष्टि करते हुए उन्हें ‘एम्स’ के लिए रेफर कर दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इलाज नहीं हो पा रहा है।
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 कैलाश के परिवार में पत्नी के अलावा चार बेटे हैं। उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी कैलाश के पर ही है। उनके बिस्तर पकड़ लेने की वजह से घरवाले भुखमरी के शिकार हो गए हैं। इस संबंध में एडीओ पंचायत लालचंद प्रसाद का कहना है कि पीड़ित के पास बीपीएल कार्ड है। चूंकि कैंसर पीड़ित की मदद के लिए ब्लॉक स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है। पीड़ित के घरवालों को सांसद और विधायक से संपर्क करना चाहिए।
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