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बंधुछापर में आबादी के बीच लगा है कूड़े का ढेर

Wed, 08 Dec 2021 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 11:24 PM IST
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In Bandhuchapar there is a pile of garbage among the population
पडरौना नगर के बंधुछापर गांव में क्षतिग्रस्त नाली। - फोटो : KUSHINAGAR
बंधुछापर में आबादी के बीच लगा है कूड़े का ढेर
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गांव में नहीं जाते सफाई कर्मचारी, गांव में ही फेंका जाता है कूड़ा
नालियों की सफाई नहीं, मिट्टी से भर गई हैं नालियां
पडरौना। नगर पालिका क्षेत्र में शामिल बंधुछापर ऐसा गांव है, जहां सफाईकर्मी नहीं जाते हैं। लोग आबादी के बीच ही कूड़ा डालते हैं। शुद्ध पेयजल के लिए लगे इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब पड़े हैं। नालियां कहीं भर गई हैं तो कहीं ओवर फ्लो होने से सड़क पर पानी बहता रहता है। वहां के लोग संक्रामक बीमारियों के फैलने के डर से सशंकित रहते हैं।
पडरौना नगर पालिका का हिस्सा बने बंधुछापर के लोगों को भी समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस मोहल्ले के लोगों का कहना है कि शहर के विस्तारीकरण के बाद सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मोहल्ला वासियों के मुताबिक न तो समय से सफाई कर्मचारी जाते हैं न कूड़ा-कचरा उठवाया जाता है। इससे आबादी के बीच ही कूड़े का ढेर लगा हुआ है।
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इस गांव में लगा इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब पड़ा है, लेकिन इसे ठीक नहीं कराया जाता है। अन्य हैंडपंपों की दशा भी संतोषजनक नहीं बताई जाती। नालियों की नियमित सफाई न होने जलनिकासी नहीं हो पा रही है। कुछ नालियां तो मिट्टी से भर गई हैं। जबकि कुछ की सफाई न होने से ओवर फ्लो हो जाती हैं। यहां ग्राम पंचायत से ही स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, जो खराब पड़ी है। इसे भी ठीक नहीं कराया गया। लोगों को अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए अब ब्लॉक की जगह नगरपालिका का चक्कर लगाना पड़ता है।
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मोहल्लेवासी बोले: कर्मचारी न आने से नहीं होती सफाई
चार फोटो
बंधुछापर निवासी नियाज अंसारी ने कहा कि हैंडपंप क्षतिग्रस्त है। पेयजल आपूर्ति का संकट है, लेकिन इसे ठीक कराने की व्यवस्था नहीं हो रही है। रामजीत प्रसाद ने कहा कि यहां ग्राम पंचायतों के कार्यकाल की सुविधाएं ही रह गई हैं। नई सुविधाएं नगर पालिका से मिलनी चाहिए। सफाई, शुद्ध पेयजल, स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं मिलती। जितेंद्र मौर्या का कहना है कि सफाई न होने से नालियां मिट्टी से पट गई हैं। कुछ तो सफाई और देखरेख के अभाव में बदहाल हैं। राजकुमार गौतम ने कहा कि मोहल्ले में सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं न ही कूड़ा उठाने वाली गाड़ी ही आती है। लोग आबादी के बीच ही कूड़ा फेंकते हैं। इस वजह से आबादी के बीच में ही कूड़े का ढेर लगा है।

‘बजट मिलते ही सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी’
चेयरमैन विनय जायसवाल का कहना है कि सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका में शामिल गांवों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन दृढ़ संकल्पित हैं। बजट प्राप्त होते ही जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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