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Kushinagar News: टेंट-बेसमेंट में अवैध अस्पताल...कार्रवाई के बाद भी फर्जी चिकित्सक बेलगाम
Wed, 29 Jan 2025 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 29 Jan 2025 12:32 AM IST
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पडरौना। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेसमेंट में संचालित अवैध अस्पताल को सील कर दिया। जिले में यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है, जब टेंट बेसमेंट वाले अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी की हो। इससे पहले भी जब स्वास्थ्य विभाग से तालमेल गड़बड़ होता है तो सीएमओ के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्र में विभाग एक-दो अस्पतालों को सील कर देता है।
सूत्रों के अनुसार कुछ माह बाद विभाग के पास बंद लिफाफे में मोटी रकम पहुंचती है और ईमान के साथ विभाग डॉक्टरों और अस्पतालों के नाम बदल देता है और उनके शह पर अस्पताल फिर से संचालित होने लगता है। इन दिनों फाजिलनगर, गुरवलिया बाजार, दुदही बाजार के आसपास टेंट से लेकर बेसमेंट तक ऐसे फर्जी अस्पताल और क्लीनिक चल रहे हैं, जहां बोर्ड पर फर्जी डॉक्टर और विधिमान्य डिग्रियां दिखाकर लोगों को ठगी का प्रयास होता है। स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्रवाई के कारण पूरे जिले में ऐसे अवैध अस्पतालों का संजाल है।
मरीजों की मौत के बाद जब लोग हंगामा करते हैं तो विभाग सजगता दिखाता है। सूत्रों की मानें तो इस बार भी पडरौना में डॉक्टर पर कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ पर शिथिलता का जब आरोप लगा तो कार्रवाई कर संजीदगी दिखाने का प्रयास किया गया है। कार्रवाई के बाद अगले कुछ महीने बाद यह अस्पताल अपने नए नाम और कलेवर में संचालित होते हुए दिख रहे हैं।
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जिले का स्वास्थ्य महकमा भले ही कार्रवाई की रिकॉर्ड को पेश कर गुड वर्क का प्रयास कर ले, लेकिन बैड वर्क इन तमाम गुड वर्क पर हावी है। इसकी वजह है स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मिलीभगत और उच्चाधिकारियों को भ्रामक सूचना देकर गुमराह करना है। पिछले कुछ समय में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालित हो रहे हैं और धंधेबाजों निडर होते जा रहे हैं।
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सूत्रों के अनुसार कुछ माह बाद विभाग के पास बंद लिफाफे में मोटी रकम पहुंचती है और ईमान के साथ विभाग डॉक्टरों और अस्पतालों के नाम बदल देता है और उनके शह पर अस्पताल फिर से संचालित होने लगता है। इन दिनों फाजिलनगर, गुरवलिया बाजार, दुदही बाजार के आसपास टेंट से लेकर बेसमेंट तक ऐसे फर्जी अस्पताल और क्लीनिक चल रहे हैं, जहां बोर्ड पर फर्जी डॉक्टर और विधिमान्य डिग्रियां दिखाकर लोगों को ठगी का प्रयास होता है। स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्रवाई के कारण पूरे जिले में ऐसे अवैध अस्पतालों का संजाल है।
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मरीजों की मौत के बाद जब लोग हंगामा करते हैं तो विभाग सजगता दिखाता है। सूत्रों की मानें तो इस बार भी पडरौना में डॉक्टर पर कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ पर शिथिलता का जब आरोप लगा तो कार्रवाई कर संजीदगी दिखाने का प्रयास किया गया है। कार्रवाई के बाद अगले कुछ महीने बाद यह अस्पताल अपने नए नाम और कलेवर में संचालित होते हुए दिख रहे हैं।
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जिले का स्वास्थ्य महकमा भले ही कार्रवाई की रिकॉर्ड को पेश कर गुड वर्क का प्रयास कर ले, लेकिन बैड वर्क इन तमाम गुड वर्क पर हावी है। इसकी वजह है स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मिलीभगत और उच्चाधिकारियों को भ्रामक सूचना देकर गुमराह करना है। पिछले कुछ समय में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालित हो रहे हैं और धंधेबाजों निडर होते जा रहे हैं।