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Kushinagar News: शाम को नहीं मिली बस तो ई-रिक्शा बुक कर यात्रा की पूरी
Tue, 24 Oct 2023 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 24 Oct 2023 02:20 AM IST
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पडरौना। दशहरा त्योहार पर घर जाने वाले लोगों को सोमवार की शाम साधनों के लिए परेशानी उठानी पड़ी। दिन में तो परिहन निगम की पर्याप्त बसें मिली, लेकिन शाम छह बजे के बाद बसों का संचालन कम हो गया। इसकी वजह से लोगों को पडरौला से कसया तक जाने के लिए ई-रिक्शा बुक करना पड़ा। जबकि सामान्य दिनों में पडरौना से शाम सात बजे तक बसें मिलती हैं।
पडरौना से आए कसया के सुरेश कुमार सिंह परिवार के साथ किसी कार्य से पडरौना आए थे। उन्हें कार्य निपटाने में विलंब हो गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे परिवार के साथ रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे तो कोई बस नहीं मिली। एक बस खड़ी थी, उसके परिचालक ने कहा कि पर्याप्त सवारी मिलेगी तभी बस आगे जाएगी। यदि कोई अन्य सवारी मिले तो जा सकते हैं। मजबूरन उन्हें कसया तक के लिए तीन सौ रुपये में ई-रिक्शा बुक कर घर जाना पड़ा।
इसी तरह शाम करीब सात बजे गोरखपुर जाने के लिए पडरौना बस स्टेशन के पास संजीव सिंह, सुनील मद्देशिया, अनिरुद्ध जायसवाल, नितेन विश्वकर्मा, शंभूशरण तिवारी आदि लोग बस के इंतजार में खड़े थे। कुछ देर बाद कानपुर जाने वाली एक बस आई तो वे जा सके। इस संबंध में पडरौना डिपो के एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि डिपो की तरफ से बसों का संचालन में पूरी गंभीरता बरती जाती है। त्योहार की वजह से इस तरह की परेशानी आई है।
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पडरौना से आए कसया के सुरेश कुमार सिंह परिवार के साथ किसी कार्य से पडरौना आए थे। उन्हें कार्य निपटाने में विलंब हो गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे परिवार के साथ रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे तो कोई बस नहीं मिली। एक बस खड़ी थी, उसके परिचालक ने कहा कि पर्याप्त सवारी मिलेगी तभी बस आगे जाएगी। यदि कोई अन्य सवारी मिले तो जा सकते हैं। मजबूरन उन्हें कसया तक के लिए तीन सौ रुपये में ई-रिक्शा बुक कर घर जाना पड़ा।
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इसी तरह शाम करीब सात बजे गोरखपुर जाने के लिए पडरौना बस स्टेशन के पास संजीव सिंह, सुनील मद्देशिया, अनिरुद्ध जायसवाल, नितेन विश्वकर्मा, शंभूशरण तिवारी आदि लोग बस के इंतजार में खड़े थे। कुछ देर बाद कानपुर जाने वाली एक बस आई तो वे जा सके। इस संबंध में पडरौना डिपो के एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि डिपो की तरफ से बसों का संचालन में पूरी गंभीरता बरती जाती है। त्योहार की वजह से इस तरह की परेशानी आई है।
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