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Kushinagar News: पुराने शॉपिंग कांप्लेक्सों में लग जाए आग तो काबू पाना होगा मुश्किल
Fri, 21 Apr 2023 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 21 Apr 2023 12:45 AM IST
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धर्मशाला रोड, जटहां बाजार रोड और कोतवाली रोड के आसपास हैं अधिकतर कांप्लेक्स
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर में कई ऐसे शॉपिंग कांप्लेक्स हैं, जहां सीढि़यां संकरी हैं। एक बार में एक आदमी ही जा सकता है। अंदर भी आग से बचाव के समुचित इंतजाम नहीं हैं। यदि वहां आग लग जाए तो उस पर काबू पाना मुश्किल होगा। क्योंकि इनके बाहर पार्किंग की सुविधा भी नहीं है। बाहर दुकानदारों और ग्राहकों के वाहन खड़े रहते हैं। पडरौना शहर में पिछले दस वर्षों के भीतर 15 से अधिक शॉपिंग कांप्लेक्स और कटरा बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन हकीकत यह है कि कुछ शॉपिंग कांप्लेक्सों को छोड़कर अधिकतर मानक विहीन हैं। नगरीय विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराए खुलने वाले शॉपिंग कांप्लेक्सों पर अफसर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थिति यह है कि न तो इन शॉपिंग कांप्लेक्सों के पास खुद का पार्किंग स्थल है और न ही आग बुझाने के लिए उपकरण।
पेयजल की व्यवस्था भी नहीं रहती है। इन कांप्लेक्सों के आगे सड़क की पटरी पर बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों के कारण जाम की समस्या उत्पन्न होती रहती है। सड़क की पटरियों पर खड़े वाहनों का यातायात पुलिस भी चालान करने से पीछे नहीं हटती है। हालांकि, शहर में जाम लगने के कारण यातायात पुलिस की यह कार्रवाई जायज भी रहती है।
जनपद की सबसे पुरानी पडरौना नगरपालिका में पिछले दस वर्षों के भीतर कई बड़े शॉपिंग कांप्लेक्स खुले हैं। ग्राहक एक ही छत के नीचे सभी तरह के सामान उपलब्ध होने की वजह से इन कांप्लेक्सों में जाना उचित समझते हैं। प्रमुख सड़कों से लेकर गलियों तक बड़े-बड़े शॉपिंग कांप्लेक्स हैं, जिनमें अधिकतर मानक विहीन हैं। वे बिना नक्शा पास कराए ही बन गए हैं। सर्वाधिक परेशानी सुभाष चौक से कठकुइयां मोड़, धर्मशाला रोड से साहबगंज तक होती है। मानक विहीन बने शॉपिंग कांप्लेक्स में पीने के पानी, आग लगने पर बुझाने के उपकरण, आपातकालीन स्थिति में निकलने के लिए अलग से दूसरा द्वार भी नहीं है।
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घर के नक्शे में जरा सी अनदेखी होने पर निर्माण तोड़ने का आदेश देने वाले अधिकारी शॉपिंग कांप्लेक्स को लेकर उदासीन रहते हैं। हालत यह है कि यदि इन शॉपिंग कांप्लेक्सों में किसी वजह से आग लग जाए तो भगदड़ की स्थिति में लोगों का सुरक्षित निकल पाना मुश्किल होगा।
...
क्या हैं नक्शा पास कराने के लिए नियम
शॉपिंग कांप्लेक्स बनने के लिए सबसे पहले जमीन के कागजात और उसका नक्शा नगर विकास अथवा नगरीय विकास प्राधिकरण को देना होता है। विभाग नक्शे की गहन जांच के दौरान यह सुनिश्चित करता है कि पार्किंग की सुविधा है या नहीं। बिना पार्किंग के कोई भी नक्शा स्वीकृत नहीं किया जा सकता। पार्किंग के लिए भी शॉपिंग कांप्लेक्स के बराबर एरिया तय किया जाता है। आम तौर पर बेसमेंट में ही पार्किंग की सुविधा दी जाती है। नक्शा स्वीकृत करने के बदले प्रति वर्गफीट के हिसाब से विकास शुल्क व वर्गमीटर के हिसाब से मानचित्र शुल्क जमा करना होता है।
... पडरौना में स्थित पुराने शॉपिंग कांप्लेक्स में सीढि़यां बहुत संकरी होती हैं, जिससे उनमें जाने में कठिनाई होती है। यदि आग लग जाए तो भगदड़ की स्थिति में सुरक्षित निकलना मुश्किल होगा।
शैलेश गोंड
... पडरौना में किसी भी शॉपिंग कांप्लेक्स के बाहर वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में सड़क पर गाड़ियां खड़ी करनी पड़ती हैं। अक्सर यातायात पुलिस ऐसे वाहनों का चालान कर देती है।
सत्यम
...
शॉपिंग कांप्लेक्स में न तो पेयजल की व्यवस्था होती है और न ही आग से बचाव के इंतजाम होते हैं। जबकि सुरक्षा के लिहाज से ये जरूरी हैं। गोरखपुर, कानपुर सहित कई बड़े शहरों में कांप्लेक्स में आग लग चुकी है।
संजय यादव
...
शहर में धड़ल्ले से शॉपिंग कांप्लेक्स खुलते जा रहे हैं, लेकिन वहां सुविधा कुछ भी नहीं है। उनके बेसमेंट में दुकानें खुली हुई हैं। गाड़ियां कहां खड़ी करें।
सिद्धार्थ वर्मा
...
कोट
शॉपिंग कांप्लेक्स हों या निजी भवन, सबके लिए नक्शा पास कराना जरूरी है। विभाग की तरफ से हमेशा इसका निरीक्षण किया जाता है। जो भी मानक के अनुरूप नहीं पाए जाते, उन्हें नोटिस दी जाती है।
-विक्रमा राम, जेई, मास्टर प्लान
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर में कई ऐसे शॉपिंग कांप्लेक्स हैं, जहां सीढि़यां संकरी हैं। एक बार में एक आदमी ही जा सकता है। अंदर भी आग से बचाव के समुचित इंतजाम नहीं हैं। यदि वहां आग लग जाए तो उस पर काबू पाना मुश्किल होगा। क्योंकि इनके बाहर पार्किंग की सुविधा भी नहीं है। बाहर दुकानदारों और ग्राहकों के वाहन खड़े रहते हैं। पडरौना शहर में पिछले दस वर्षों के भीतर 15 से अधिक शॉपिंग कांप्लेक्स और कटरा बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन हकीकत यह है कि कुछ शॉपिंग कांप्लेक्सों को छोड़कर अधिकतर मानक विहीन हैं। नगरीय विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराए खुलने वाले शॉपिंग कांप्लेक्सों पर अफसर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थिति यह है कि न तो इन शॉपिंग कांप्लेक्सों के पास खुद का पार्किंग स्थल है और न ही आग बुझाने के लिए उपकरण।
पेयजल की व्यवस्था भी नहीं रहती है। इन कांप्लेक्सों के आगे सड़क की पटरी पर बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों के कारण जाम की समस्या उत्पन्न होती रहती है। सड़क की पटरियों पर खड़े वाहनों का यातायात पुलिस भी चालान करने से पीछे नहीं हटती है। हालांकि, शहर में जाम लगने के कारण यातायात पुलिस की यह कार्रवाई जायज भी रहती है।
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जनपद की सबसे पुरानी पडरौना नगरपालिका में पिछले दस वर्षों के भीतर कई बड़े शॉपिंग कांप्लेक्स खुले हैं। ग्राहक एक ही छत के नीचे सभी तरह के सामान उपलब्ध होने की वजह से इन कांप्लेक्सों में जाना उचित समझते हैं। प्रमुख सड़कों से लेकर गलियों तक बड़े-बड़े शॉपिंग कांप्लेक्स हैं, जिनमें अधिकतर मानक विहीन हैं। वे बिना नक्शा पास कराए ही बन गए हैं। सर्वाधिक परेशानी सुभाष चौक से कठकुइयां मोड़, धर्मशाला रोड से साहबगंज तक होती है। मानक विहीन बने शॉपिंग कांप्लेक्स में पीने के पानी, आग लगने पर बुझाने के उपकरण, आपातकालीन स्थिति में निकलने के लिए अलग से दूसरा द्वार भी नहीं है।
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घर के नक्शे में जरा सी अनदेखी होने पर निर्माण तोड़ने का आदेश देने वाले अधिकारी शॉपिंग कांप्लेक्स को लेकर उदासीन रहते हैं। हालत यह है कि यदि इन शॉपिंग कांप्लेक्सों में किसी वजह से आग लग जाए तो भगदड़ की स्थिति में लोगों का सुरक्षित निकल पाना मुश्किल होगा।
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क्या हैं नक्शा पास कराने के लिए नियम
शॉपिंग कांप्लेक्स बनने के लिए सबसे पहले जमीन के कागजात और उसका नक्शा नगर विकास अथवा नगरीय विकास प्राधिकरण को देना होता है। विभाग नक्शे की गहन जांच के दौरान यह सुनिश्चित करता है कि पार्किंग की सुविधा है या नहीं। बिना पार्किंग के कोई भी नक्शा स्वीकृत नहीं किया जा सकता। पार्किंग के लिए भी शॉपिंग कांप्लेक्स के बराबर एरिया तय किया जाता है। आम तौर पर बेसमेंट में ही पार्किंग की सुविधा दी जाती है। नक्शा स्वीकृत करने के बदले प्रति वर्गफीट के हिसाब से विकास शुल्क व वर्गमीटर के हिसाब से मानचित्र शुल्क जमा करना होता है।
... पडरौना में स्थित पुराने शॉपिंग कांप्लेक्स में सीढि़यां बहुत संकरी होती हैं, जिससे उनमें जाने में कठिनाई होती है। यदि आग लग जाए तो भगदड़ की स्थिति में सुरक्षित निकलना मुश्किल होगा।
शैलेश गोंड
... पडरौना में किसी भी शॉपिंग कांप्लेक्स के बाहर वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में सड़क पर गाड़ियां खड़ी करनी पड़ती हैं। अक्सर यातायात पुलिस ऐसे वाहनों का चालान कर देती है।
सत्यम
...
शॉपिंग कांप्लेक्स में न तो पेयजल की व्यवस्था होती है और न ही आग से बचाव के इंतजाम होते हैं। जबकि सुरक्षा के लिहाज से ये जरूरी हैं। गोरखपुर, कानपुर सहित कई बड़े शहरों में कांप्लेक्स में आग लग चुकी है।
संजय यादव
...
शहर में धड़ल्ले से शॉपिंग कांप्लेक्स खुलते जा रहे हैं, लेकिन वहां सुविधा कुछ भी नहीं है। उनके बेसमेंट में दुकानें खुली हुई हैं। गाड़ियां कहां खड़ी करें।
सिद्धार्थ वर्मा
...
कोट
शॉपिंग कांप्लेक्स हों या निजी भवन, सबके लिए नक्शा पास कराना जरूरी है। विभाग की तरफ से हमेशा इसका निरीक्षण किया जाता है। जो भी मानक के अनुरूप नहीं पाए जाते, उन्हें नोटिस दी जाती है।
-विक्रमा राम, जेई, मास्टर प्लान