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Kushinagar News: लकड़बग्घे ने महिला समेत दो पर फिर किया हमला, गांव में दहशत

Tue, 08 Oct 2024 05:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 08 Oct 2024 05:55 AM IST
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Hyena again attacks two people including woman, panic in village
मंसाछापर। (कुशीनगर)। जंगल कुरमौल गांव के लकड़बग्घा ने दूसरे दिन हमला कर एक महिला समेत दो लोगोंं को जख्मी कर दिया। घायलों का इलाज विशुनपुरा सीएचसी में कराया गया। दो दिन में लकड़बग्घा चार लोगों को घायल कर चुका है। सोमवार को पूरे दिन वन विभाग की टीम ने कांबिंग की, लेकिन लकड़बग्घा का पता नहीं चला। एहतियात के तौर पर वनकर्मियों ने गांव वालों को खेतों के तरफ जाने से मना किया है। पशुओं को दरवाजे के बजाए घर के अंदर बांधने की अपील की। दहशत के बीच गांव वालों की रात कट रही है।
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पडरौना कोतवाली के जंगल कुरमौल गांव के लोग लकड़बग्धा के हमले से दहशत में हैं। रविवार की सुबह खेत में काम कर रहे दो किसानों पर हमला के बाद देर शाम को दरवाजे के सामने खेत में काम कर रही किशोर चौहान की पत्नी इंद्रवाती (50) पर हमला कर दिया। उनका हाथ जख्मी हो गया। गांव वालों के शोर मचाने पर लकड़बग्घा सरेह में चला गया। देर रात इलाज के बाद महिला को घर लाया गया। रात करीब 11 बजे इसी गांव में अपने खेत में सब्जी की खेती का रखवाली कर रहे रामजीत पर लकड़बग्घा ने हमला किया। किसी तरह से वह भागने में सफल रहे। रामजीत के शोर मचाने पर आसपास के लोग हाथ में लाठी डंडा लेकर लकडबग्घा की तलाश की, लेकिन पता नहीं चला।
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सोमवार की सुबह साइकिल सवार एक व्यक्ति को लकड़बग्घा ने दौड़ा लिया, संयोग ठीक था कि लोगों के शोर मचाने पर वह भागकर गन्ने की खेतों में छिप गया। इसकी जानकारी होते ही सोमवार को सुबह वन दरोगा रामध्यान पांडेय और कांस्टेबल संदीप पटेल पहुंचे और गांव वालों से मिलकर जानकारी ली। वन विभाग की जांच में किसी तरह का कोई पदचिह्न नहीं दिखा। वन दरोगा ने लोगों से खेतों की तरफ न जाने और बहुत ही जरूरी होने पर समूह में जाने की अपील की है। बच्चों को घर में रखें, दरवाजे पर खुले में जानवरों को न बांधें। जब तक लकड़बग्घा न पकड़ा जाए, तब तक सतर्क रहने की जरूरत है।
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शाम होते ही घर में कैद हो जा रहे बच्चे
-जंगल कुरमौल गांव में चार लोगों को लकड़बग्घा घायल कर चुका है। इसके बाद से ही लोगों में दहशत है। शाम होते ही लोग बच्चों को घर मे कैद कर दे रहे हैं। जानकार बताते हैं की वह बहुत खतरनाक जानवर होता है और बच्चों की जान भी ले सकता है।
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पहले भी तेंदुआ मचा चुका है, दहशत

-जंगल कुरमौल और जंगल नाहर छपरा गांव में तीन महीने पहले तक तेंदुआ की चहलकदमी से लोग परेशान हो चुके हैं। लोग उस दहशत से उबरे ही थे कि लकड़बग्घा ने खौफजदा कर दिया है।

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नाहर छपरा गांव की तरफ पहुंचा लकड़बग्घा
-जंगल कुरमौल गांव के बगल में स्थित नाहर छपरा में सोमवार की सुबह से लोगों ने लकड़बग्घा होने की चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, अब तक इस गांव में किसी ने सामने से लकड़बग्घा को नहीं देखा है। ग्राम प्रधान रामप्रताप कुशवाहा ने बताया की किसी ने अब तक सामने से लकड़बग्घा नहीं देखा है, लेकिन लोग चर्चा कर रहे हैं।

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क्या कहते है, लोग

गांव के लोग दहशत में हैं। लकड़बग्घा ने मेरी पत्नी को जख्मी कर दिया है। अगर समय पर लोग नहीं दौड़े होते तो अप्रिय घटना हो गई होती। -किशोर चौहान

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शाम होते ही बच्चों को घरों में ही रखा जा रहा है। लकड़बग्घा कब किस पर हमला कर दे, कोई नहीं जानता, इसलिए सब लोग दहशत में हैं। -रामजीत

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-टीम के साथ कांबिंग की जा रही है। अब तक लकड़बग्घा का पदचिह्न नहीं दिखा है। लोगों को खेतों की तरफ अकेले नहीं जाने की अपील की गई है। खासकर बच्चे घर से बाहर न जाएं। -रामध्यान पांडेय, वन दरोगा।
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