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दहेज हत्या के दोषी पति को सात साल कारावास की सजा
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दहेज हत्या के दोषी पति को सात साल कारावास की सजा
पडरौना। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुजौली शुक्ल में गांव में पांच वर्ष पहले दहेज के लिए हुई विवाहिता की हत्या के मामले में न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुना दिया। दोषी पति को कोर्ट ने सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं, सास-ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) जीपी यादव ने बताया कि देवरिया जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हिरनही गांव के निवासी रामदुलार पांडेय ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि अपनी पुत्री रेशमा पांडेय की शादी उन्होंने कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुजौली शुक्ल गांव के निवासी उमेश शुक्ला के पुत्र निखिल उर्फ रंजीत शुक्ला से 28 नवंबर 2012 को की थी।
उन्होंने बताया था कि ससुराल वाले रेशमा को दहेज के लिए पीटते थे। चार अगस्त 2017 को उनके दामाद निखिल उर्फ रंजीत ने फोन पर बताया कि रेशमा की मौत हो गई है। रामदुलार पांडेय ने नेबुआ नौरंगिया थाने में रेशमा के पति, सास और ससुर पर दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
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इस मुकदमे की सुनवाई मंगलवार को न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु की कोर्ट में हुई। न्यायालय ने साक्ष्य के आधार पर निखिल उर्फ रंजीत को दहेज हत्या का दोषी पाया और उसे सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सास व ससुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। बचाव पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी राकेश कुमार पांडेय कर रहे थे।
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पडरौना। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुजौली शुक्ल में गांव में पांच वर्ष पहले दहेज के लिए हुई विवाहिता की हत्या के मामले में न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुना दिया। दोषी पति को कोर्ट ने सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं, सास-ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) जीपी यादव ने बताया कि देवरिया जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हिरनही गांव के निवासी रामदुलार पांडेय ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि अपनी पुत्री रेशमा पांडेय की शादी उन्होंने कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुजौली शुक्ल गांव के निवासी उमेश शुक्ला के पुत्र निखिल उर्फ रंजीत शुक्ला से 28 नवंबर 2012 को की थी।
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उन्होंने बताया था कि ससुराल वाले रेशमा को दहेज के लिए पीटते थे। चार अगस्त 2017 को उनके दामाद निखिल उर्फ रंजीत ने फोन पर बताया कि रेशमा की मौत हो गई है। रामदुलार पांडेय ने नेबुआ नौरंगिया थाने में रेशमा के पति, सास और ससुर पर दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
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इस मुकदमे की सुनवाई मंगलवार को न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु की कोर्ट में हुई। न्यायालय ने साक्ष्य के आधार पर निखिल उर्फ रंजीत को दहेज हत्या का दोषी पाया और उसे सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सास व ससुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। बचाव पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी राकेश कुमार पांडेय कर रहे थे।