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न्यायमूर्ति ने कोर्ट का लोकार्पण किया
kushinagar
Updated Fri, 21 Oct 2016 10:53 PM IST
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अायाोजन
- फोटो : santosh verma
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पडरौना। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में नवनिर्मित कोर्ट और कार्यालय का लोकार्पण किया। उसके बाद उन्होंने सभी कोर्ट का निरीक्षण किया।
जनपद मुख्यालय रवींद्रनगर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में 2,59,43,000 रुपये की लागत से कार्यालय सहित दो कोर्ट भूतल और दो कोर्ट प्रथम तल पर बनवाए गए हैं। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की तरफ से किया गया है।
हाईकोर्ट इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सूर्यप्रकाश केसरवानी शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचे और नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण किया। उसके बाद सभी कोर्ट का निरीक्षण किया।
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इस अवसर पर जनपद न्यायमूर्ति सुभाषचंद, सीजेएम सिद्धार्थ सिंह, बार कौंसिल के अध्यक्ष महंथ गोपाल दास सहित न्यायिक मजिस्ट्रेट व अन्य लोग मौजूद थे।
अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति को ज्ञापन सौंपा
पडरौना। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में आए हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सूर्यप्रकाश केसरवानी ने जनपद सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने न्यायालय के दोनों तरफ प्रस्तावित सडक़ निर्माण, कसया के आउटलेइंग कोर्ट को जिला एवं सत्र न्यायालय में मर्ज करने, पुरानी पत्रावलियां वापस मंगाने और एडिशनल कोर्ट स्थापित करने से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इससे पहले एसोसिएशन के अध्यक्ष महंथ गोपालदास और मंत्री संजय कुमार तिवारी ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति को बुके एवं महात्मा बुद्ध की प्रतिमा भेंट की। इस दौरान आरके शाही, विनोद गौतम, हरिशंकर दीक्षित, अमरनाथ पांडेय, खुर्शेद आलम, राघवेंद्र सिंह, प्रभाकर राम त्रिपाठी, राकेश कुमार पांडेय, मिथिलेश दीक्षित, प्रसिद्ध नारायण दीक्षित, बृजकिशोर पांडेय सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
कसया कोर्ट का किया निरीक्षण
कसया। जिले में आए हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज सूर्यप्रकाश केसरवानी ने कसया न्यायालय में भी नए भवन कक्ष का लोकार्पण किया। न्यायालय परिसर का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ हुई बैठक में भी हिस्सा लिया। प्रशासनिक जज ने बार व बेंच के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने एवं वादकारियों के हितों का ख्याल रखने की बात कही।
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जनपद मुख्यालय रवींद्रनगर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में 2,59,43,000 रुपये की लागत से कार्यालय सहित दो कोर्ट भूतल और दो कोर्ट प्रथम तल पर बनवाए गए हैं। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की तरफ से किया गया है।
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हाईकोर्ट इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सूर्यप्रकाश केसरवानी शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचे और नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण किया। उसके बाद सभी कोर्ट का निरीक्षण किया।
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इस अवसर पर जनपद न्यायमूर्ति सुभाषचंद, सीजेएम सिद्धार्थ सिंह, बार कौंसिल के अध्यक्ष महंथ गोपाल दास सहित न्यायिक मजिस्ट्रेट व अन्य लोग मौजूद थे।
अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति को ज्ञापन सौंपा
पडरौना। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में आए हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सूर्यप्रकाश केसरवानी ने जनपद सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने न्यायालय के दोनों तरफ प्रस्तावित सडक़ निर्माण, कसया के आउटलेइंग कोर्ट को जिला एवं सत्र न्यायालय में मर्ज करने, पुरानी पत्रावलियां वापस मंगाने और एडिशनल कोर्ट स्थापित करने से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इससे पहले एसोसिएशन के अध्यक्ष महंथ गोपालदास और मंत्री संजय कुमार तिवारी ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति को बुके एवं महात्मा बुद्ध की प्रतिमा भेंट की। इस दौरान आरके शाही, विनोद गौतम, हरिशंकर दीक्षित, अमरनाथ पांडेय, खुर्शेद आलम, राघवेंद्र सिंह, प्रभाकर राम त्रिपाठी, राकेश कुमार पांडेय, मिथिलेश दीक्षित, प्रसिद्ध नारायण दीक्षित, बृजकिशोर पांडेय सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
कसया कोर्ट का किया निरीक्षण
कसया। जिले में आए हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज सूर्यप्रकाश केसरवानी ने कसया न्यायालय में भी नए भवन कक्ष का लोकार्पण किया। न्यायालय परिसर का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ हुई बैठक में भी हिस्सा लिया। प्रशासनिक जज ने बार व बेंच के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने एवं वादकारियों के हितों का ख्याल रखने की बात कही।