फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Hospital operator used to perform surgery without registration and degree, case

Kushinagar News: बिना पंजीकरण और डिग्री हॉस्पिटल संचालक करता था सर्जरी, केस

Wed, 21 Aug 2024 05:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2024 05:24 AM IST
विज्ञापन
Hospital operator used to perform surgery without registration and degree, case
पडरौना। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा बाजार में खुशी हॉस्पिटल पांच महीने से बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहा था। लेटर पैड पर नौ डॉक्टरों के नाम दर्ज थे लेकिन संचालक बिना किसी डिग्री और प्रशिक्षण के खुद ही मरीजों का इलाज और ऑपरेशन करता था। भर्ती मरीजों की बीएचटी पर न तो एनेस्थिसिया के डॉक्टर के हस्ताक्षर मिले और न ही किसी सर्जन के। जांच में इस बात की पुष्टि होने के बाद संचालक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है।
विज्ञापन



क्षेत्र के एक व्यक्ति ने आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर खुशी हॉस्पिटल की जांच की मांग की थी। बताया था कि आयुष्मान भारत योजना में भी यह हॉस्पिटल सूचीबद्ध है। शिकायतकर्ता ने डॉक्टरों के फर्जी पंजीकरण, आयुष्मान लाभार्थियों की फर्जी रिपोर्ट तैयार करने व गलत तरीके से उपचार का आरोप लगाया था। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में जेल में बंद डीपीसी डॉ. दीपक कुशवाहा व आईएसएडीसी अखिलेश विश्वकर्मा की भी संलिप्तता का संदेह जताया था।
विज्ञापन




उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के अधीक्षक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने टीम के साथ जांच की। जांच में मिली कमियों के बाद संचालक को नोटिस दिया गया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया को भेजी गई रिपोर्ट में जांच टीम ने बताया कि हॉस्पिटल का पंजीकरण नहीं है। भर्ती मरीजों की बीएचटी पर न तो सर्जन के हस्ताक्षर मिले और न ही एनेस्थिसिया के डॉक्टर के। मरीज के अंगूठे का निशान भी प्रमाणित नहीं मिला। नेबुआ नौरंगिया थाने के इंस्पेक्टर हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि एमओआईसी की तहरीर पर खुशी हॉस्पिटल के संचालक राजू श्रीवास्तव के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं के साथ इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट-1956 के तहत केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



बॉक्स
नौ चिकित्सकों का नाम दिखाकर किया भ्रमित
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि हॉस्पिटल के लेटर पैड पर नौ चिकित्सकों के नाम दिखा कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। चिकित्सक के नाम के स्थान पर डॉ. खुशी हास्पिटल लिखा गया है। जांच में यह भी पता चला कि 40 वर्षीय गुड्डी देवी पत्नी जितेन्द्र यादव निवासी ग्राम सिंगहा के बच्चेदानी का ऑपरेशन व 25 वर्षीय सुनीता देवी पत्नी अर्जुन चौरसिया निवासी बलकुड़िया बाजार के बच्चेदानी व पित्त की थैली का ऑपरेशन एक साथ किया गया। बीएचटी में एनेस्थिसिया नोट्स में मरीज के पति का हस्ताक्षर है।

बॉक्स
मरीजों की जिंदगी से करता रहा खिलवाड़
बिना किसी डिग्री के सर्जरी करते हुए संचालक का फोटोग्राफ व वायरल वीडियो भी जांच रिपोर्ट में शामिल है। जांच टीम ने बताया कि हॉस्पिटल संचालक ने खुद ही ऑपरेशन किए हैं। जबकि उसके पास किसी प्रकार की चिकित्सकीय डिग्री नहीं है, जो क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट-2010 के नियमों का खुला उल्लंघन है। हॉस्पिटल के डिस्प्ले बोर्ड पर दर्ज चिकित्सकों से इलाज न कराकर बिना डिग्री वाले अनधिकृत व्यक्तियों से और खुद मरीजों का इलाज किया जाता है, जो मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ है।


0
मार्च के बाद खुशी हॉस्पिटल के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराया गया। ऑनलाइन आवेदन में त्रुटियां मिली थीं, जिसके चलते नवीनीकरण नहीं हो सका था। पूर्व में भी यह हॉस्पिटल सील किया गया था। बिना पंजीकरण अस्पताल के संचालन और डॉक्टर की जगह संचालक द्वारा खुद बिना किसी डिग्री और प्रशिक्षण के इलाज व सर्जरी किए जाने पर एमओआईसी ने केस दर्ज कराया है। - डॉ. आरडी कुशवाहा, एसीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed