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सद्भावना मार्च निकाला, चहल-पहल लौटी
अमर उजाला ब्यूरो/कुशीनगर
Updated Tue, 27 Oct 2015 12:03 AM IST
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कसया। ताजिया ले जाने के रास्ते को लेकर कस्बे में हुआ बवाल धीरे-धीरे शांत हो गया। सोमवार को बाजार में चहल-पहल लौट आई। डीएम की अगुवाई में शांति सद्भावना मार्च निकालकर लोगों से शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की गई।
इस दौरान कस्बे के प्रबुद्ध लोगों के साथ भदंत ज्ञानेश्वर और बौद्ध भिक्षु भी शामिल हुए।
शनिवार को भोर में मोहर्रम की चौकी रस्म अता करने के बाद जैन गली के गुलाबी चौक होकर ताजिया ले जाया गया। एक समुदाय के लोगों का आरोप था कि इस दौरान चौक पर बने पंडाल का बांस काटकर रास्ता बनाया गया। उनका यह भी कहना था कि इस रास्ते कभी ताजिया नहीं आता-जाता था।
इस बार प्रशासन की ओर से एक नई परंपरा डाल दी। इस बात को लेकर दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए और दोपहर होते-होते बवाल बढ़ गया।
समुदाय विशेष के लोग ताजिया सड़क पर रखकर रास्ता साफ कराने की मांग करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने दोनों पक्ष के लोगों को सीओ दफ्तर बुलाकर माहौल शांत कराने में जुटा रहा।
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आखिर में वार्ता विफल हुई और शाम को झंडा फाड़ने के आरोप में पथराव हुआ। पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे। रात में पुलिस की ओर से कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
शनिवार और रविवार को डीएम और एसपी लगातार कैंप करते रहे और कस्बे की दुकानें बंद रहीं। कसबे में काफी संख्या में फोर्स तैनात रही।
हालांकि रविवार को शाम को शांति कमेटी की बैठक में हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ देना का निर्णय लिया गया और कैंडल मार्च निकालकर शांति बनाए रखने का संकल्प लिया गया। इसके बाद माहौल भी बदला और रात में बाहर से बुलाई गई फोर्स हटा दी गई।
सोमवार को सुबह दुकानें खुलीं और लगभग 11 बजे डीएम लोकेश एम, एडीएम रामकेवल तिवारी, एएसपी लालसाहब यादव, एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ विनय कुमार सिंह, एसओ ज्ञानेंद्र नाथ शुक्ल के साथ कस्बे के प्रबुद्ध लोगों ने गांधी चौक से गोलाबाजार तक शांति सद्भावना मार्च निकाला।
भारत माता का जयघोष हुआ और वंदेमातरम भी गाया गया। इस मौके पर कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष भदंत ज्ञानेश्वर, चेयरमैन मुकेश्वर मद्धेशिया, तहसीलदार वंदना पांडेय, नायब तहसीलदार प्रीति सिंह, पंचानंद मिश्र, डॉक्टर जीपी राय, मुस्तफा वैद्य, कृष्ण कुमार, अजय , कैफुल अली, विक्की जायसवाल, भंते महेंद्र, भंते शीलप्रकाश, धम्म नयना, मजीबुल्लाह राही सहित काफी संख्या में दोनों समुदाय के कई लोग मौजूद रहे।
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इस दौरान कस्बे के प्रबुद्ध लोगों के साथ भदंत ज्ञानेश्वर और बौद्ध भिक्षु भी शामिल हुए।
शनिवार को भोर में मोहर्रम की चौकी रस्म अता करने के बाद जैन गली के गुलाबी चौक होकर ताजिया ले जाया गया। एक समुदाय के लोगों का आरोप था कि इस दौरान चौक पर बने पंडाल का बांस काटकर रास्ता बनाया गया। उनका यह भी कहना था कि इस रास्ते कभी ताजिया नहीं आता-जाता था।
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इस बार प्रशासन की ओर से एक नई परंपरा डाल दी। इस बात को लेकर दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए और दोपहर होते-होते बवाल बढ़ गया।
समुदाय विशेष के लोग ताजिया सड़क पर रखकर रास्ता साफ कराने की मांग करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने दोनों पक्ष के लोगों को सीओ दफ्तर बुलाकर माहौल शांत कराने में जुटा रहा।
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आखिर में वार्ता विफल हुई और शाम को झंडा फाड़ने के आरोप में पथराव हुआ। पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे। रात में पुलिस की ओर से कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
शनिवार और रविवार को डीएम और एसपी लगातार कैंप करते रहे और कस्बे की दुकानें बंद रहीं। कसबे में काफी संख्या में फोर्स तैनात रही।
हालांकि रविवार को शाम को शांति कमेटी की बैठक में हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ देना का निर्णय लिया गया और कैंडल मार्च निकालकर शांति बनाए रखने का संकल्प लिया गया। इसके बाद माहौल भी बदला और रात में बाहर से बुलाई गई फोर्स हटा दी गई।
सोमवार को सुबह दुकानें खुलीं और लगभग 11 बजे डीएम लोकेश एम, एडीएम रामकेवल तिवारी, एएसपी लालसाहब यादव, एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ विनय कुमार सिंह, एसओ ज्ञानेंद्र नाथ शुक्ल के साथ कस्बे के प्रबुद्ध लोगों ने गांधी चौक से गोलाबाजार तक शांति सद्भावना मार्च निकाला।
भारत माता का जयघोष हुआ और वंदेमातरम भी गाया गया। इस मौके पर कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष भदंत ज्ञानेश्वर, चेयरमैन मुकेश्वर मद्धेशिया, तहसीलदार वंदना पांडेय, नायब तहसीलदार प्रीति सिंह, पंचानंद मिश्र, डॉक्टर जीपी राय, मुस्तफा वैद्य, कृष्ण कुमार, अजय , कैफुल अली, विक्की जायसवाल, भंते महेंद्र, भंते शीलप्रकाश, धम्म नयना, मजीबुल्लाह राही सहित काफी संख्या में दोनों समुदाय के कई लोग मौजूद रहे।