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गैस संकट : 700 लोग कतार में<bha>;</bha> 200 लोगों को ही मिला सिलिंडर, कई खाली हाथ लौटे
Fri, 13 Mar 2026 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 13 Mar 2026 01:32 AM IST
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गैस की किल्लत से दुकानों पर जलती अंगीठी ।संवाद
हाटा। नगर के अर्चना इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम पर बृहस्पतिवार को गैस वितरण के दौरान अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला। 306 सिलिंडर की आपूर्ति की सूचना पर सुबह से ही उपभोक्ता अपने खाली सिलिंडर लेकर गोदाम पहुंच गए। देखते ही देखते करीब 700 लोगों की लंबी लाइन लग गई।
बताया जाता है कि कई लोग सुबह 7 बजे से ही लाइन में लगे थे, लेकिन 11 बजे तक गोदाम का गेट नहीं खोला गया। एजेंसी के कर्मचारी गोदाम के अंदर मौजूद थे, लेकिन वितरण शुरू नहीं होने से लोग घंटों धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। एजेंसी के कर्मचारियों का कहना था कि भीड़ अधिक होने से पुलिस के आने के बाद ही गैस सिलिंडर का वितरण शुरू किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
दोपहर बाद पुलिस की मौजूदगी में गैस वितरण शुरू कराया गया। हालांकि सिलिंडर की संख्या कम और उपभोक्ताओं की भीड़ अधिक होने के से अफरा-तफरी मची रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि करीब 300 सिलिंडर आने की बात कही जा रही थी, लेकिन वितरण के दौरान केवल करीब 200 लोगों को ही सिलिंडर मिल सका। इसके बाद सिलिंडर खत्म होने की घोषणा कर दी गई। लाइन में लगे सैकड़ों लोगों को निराश लौटना पड़ा।
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सुबह 7 बजे से ही लाइन में खड़े बभनौली गांव के प्रमोद पांडेय ने बताया कि वह लाइन में 201 लोगों के पीछे खड़े थे। काफी इंतजार के बाद जब उनका नंबर आया तो बताया गया कि सिलिंडर खत्म हो गया है। उन्हें खाली सिलिंडर लेकर ही लौटना पड़ा। नाराज लोगों ने गैस आपूर्ति की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से नियमित और पर्याप्त गैस उपलब्ध कराने की मांग की है।
=====
होटल, ढाबाें पर पर अंगीठी के सहारे बन रहे पकवान
सुकरौली। इन दिनों रसोई गैस की किल्लत से होटल, ढाबा और नाश्ते की दुकानों पर अंगीठी का सहारा लेना पड़ रहा है। कई दुकानदार गैस के अभाव में लकड़ी और कोयले की अंगीठी पर ही पकवान तैयार कर रहे हैं।
कस्बे के कई चाय विक्रेताओं का कहना है कि समय से गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में अंगीठी जलाकर समोसा, पकौड़ी और चाय बनाई जा रही है। इससे काम तो चल रहा है, लेकिन धुआं और अधिक मेहनत की वजह से दिक्कत भी बढ़ गई है।
उधर, गैस की कमी के चलते बाजार में अंगीठी और कोयले की मांग भी अचानक बढ़ गई है। दुकानों पर अंगीठी खरीदने वालों की भीड़ देखी जा रही है। धर्मेंद्र, ज्ञानप्रकाश, गुड्डू, राजेश, जयप्रकाश आदि का कहना है कि जब तक गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक अंगीठी ही सहारा रहेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
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बताया जाता है कि कई लोग सुबह 7 बजे से ही लाइन में लगे थे, लेकिन 11 बजे तक गोदाम का गेट नहीं खोला गया। एजेंसी के कर्मचारी गोदाम के अंदर मौजूद थे, लेकिन वितरण शुरू नहीं होने से लोग घंटों धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। एजेंसी के कर्मचारियों का कहना था कि भीड़ अधिक होने से पुलिस के आने के बाद ही गैस सिलिंडर का वितरण शुरू किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
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दोपहर बाद पुलिस की मौजूदगी में गैस वितरण शुरू कराया गया। हालांकि सिलिंडर की संख्या कम और उपभोक्ताओं की भीड़ अधिक होने के से अफरा-तफरी मची रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि करीब 300 सिलिंडर आने की बात कही जा रही थी, लेकिन वितरण के दौरान केवल करीब 200 लोगों को ही सिलिंडर मिल सका। इसके बाद सिलिंडर खत्म होने की घोषणा कर दी गई। लाइन में लगे सैकड़ों लोगों को निराश लौटना पड़ा।
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सुबह 7 बजे से ही लाइन में खड़े बभनौली गांव के प्रमोद पांडेय ने बताया कि वह लाइन में 201 लोगों के पीछे खड़े थे। काफी इंतजार के बाद जब उनका नंबर आया तो बताया गया कि सिलिंडर खत्म हो गया है। उन्हें खाली सिलिंडर लेकर ही लौटना पड़ा। नाराज लोगों ने गैस आपूर्ति की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से नियमित और पर्याप्त गैस उपलब्ध कराने की मांग की है।
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होटल, ढाबाें पर पर अंगीठी के सहारे बन रहे पकवान
सुकरौली। इन दिनों रसोई गैस की किल्लत से होटल, ढाबा और नाश्ते की दुकानों पर अंगीठी का सहारा लेना पड़ रहा है। कई दुकानदार गैस के अभाव में लकड़ी और कोयले की अंगीठी पर ही पकवान तैयार कर रहे हैं।
कस्बे के कई चाय विक्रेताओं का कहना है कि समय से गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में अंगीठी जलाकर समोसा, पकौड़ी और चाय बनाई जा रही है। इससे काम तो चल रहा है, लेकिन धुआं और अधिक मेहनत की वजह से दिक्कत भी बढ़ गई है।
उधर, गैस की कमी के चलते बाजार में अंगीठी और कोयले की मांग भी अचानक बढ़ गई है। दुकानों पर अंगीठी खरीदने वालों की भीड़ देखी जा रही है। धर्मेंद्र, ज्ञानप्रकाश, गुड्डू, राजेश, जयप्रकाश आदि का कहना है कि जब तक गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक अंगीठी ही सहारा रहेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।

गैस की किल्लत से दुकानों पर जलती अंगीठी ।संवाद