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Kushinagar News: कूड़ा डंपिंग ग्राउंड का पता नहीं, कमिश्नखोरी के भेट चढ़े 76 लाख के वाहन और कूड़ेदान

Sun, 08 Oct 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 08 Oct 2023 01:04 AM IST
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Garbage dumping ground not known, vehicles and dustbins worth Rs 76 lakh lost in commission fraud
-ढाई साल से धूल फांक रहा उपकरण, कचरा सफाई के लिए खरीदे गए उपकरण
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-ढाई साल पूर्व हुई खरीदे गए वाहन,जंग खा रहे कूड़ेदान,भूल गए जिम्मेदार

खड्डा। नगर में कूड़ा निस्तारण के लिए करीब 76 लाख खर्च कर खरीदे गए कंपैक्टर ( कचरा ट्रक) और कूड़ेदान कमिश्नखोरी के भेंट चढ़ गए हैं। ढ़ाई साल से इंस्तेमाल नहीं होने के कारण जंग खा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बिना कूड़ा डंपिंग ग्राउंड बने ही जिम्मेदारों ने उपकरणों की खरीद में जल्दीबाजी दिखाई। वाहन की खरीदारी के समय वाहन पुराना होने का आरोप लगा था,लेकिन विभागीय मिलीभगत के कारण मामले को दबा दिया गया। इसकी निष्पक्ष तरीके से जांच हो जाए तो उपकरणों की सप्लाई देने वाला फर्म मालिक के अलावा कई अफसरों की गर्दन फंस सकती है।



नगर में कूड़ा निस्तारण के लिए अभी तक कोई ठोस इंतजाम नहीं हो सका है। पांच साल से डंपिंग ग्राउंड निर्माण के लिए जमीन ढूंढा जा रहा है, जो अभी तक नहीं मिल सका। लेकिन 36 लाख रुपये खर्च कर कंपैक्टर वाहन खरीदा गया। इसके अलावा 40 लाख खर्च कर 40 कूड़ेदान खरीदा गया, जो अलग-अलग स्थानों पर जमीन में लगेगा। इसमें लोग कूड़ा लाकर डालेंगे और कंपैक्टर वाहन आकर ले जाएगा। हाईड्रोलिक सिस्टम से कूड़ा वाहन में लोड हो जाएगा। जब वाहन और कूड़ेदान खरीदे गए तो वाहन को लोगों ने पुराना बताते हुए फर्जी बिल बाउचर लगाकर भुगतान करने का आरोप नगर पंचायत प्रशासन पर लगाया था। कार्रवाई तो दूर जांच करना भी जिम्मेदार उचित नहीं समझे। इससे सफाईकर्मियों का काम कम होगा। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के अभी तक यह चालू नहीं हो सका। आज भी नगर का कूड़ा सड़कों के किनारे आबादी के आस-पास फेंका जा रहा है। इसकी वजह से फैल रही गंदगी से बीमारियां फैलने का भय लोगों में बना हुआ है।
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क्या होता है कंपैक्टर वाहन

इस ट्रक को ऐसा डिजाइन किया गया है कि इसमे कूड़ा व अपशिष्ट डालने के बाद,मशीन हाईड्रोलिक की मदद से कचरा को लोड करता है। एक बार में ज्यादा मलवा इसमे समा जाता है। डंपिंग ग्राउंड में आसानी से डाल देता है। तमाम फायदे इस ट्रक के इस्तेमाल से होते हैं। परंतु अफसोस की बात है कि यह उपकरण आज तक नहीं लगे और न ही इसका इस्तेमाल किया गया।
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कंपैक्टर मशीन चलाने वाला कोई चालक नहीं है। इसकी तलाश की जा रही है। डंपिग ग्राउंड के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। एमआरएफ तकनीक से इसका निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। कंपैक्टर वाहन ठीक है। ज्यादे दिन से खड़ा होने के कारण कोई दिक्कत आई होगी।
- संतोष कुमार वर्मा, ईओ, खड्डा
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