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Kushinagar News: गंडक की कटान तेज, नरवाजोत बांध पर पत्थर धंसे
Fri, 29 Aug 2025 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:36 AM IST
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तमकुहीरोड। गंडक नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद भी नरवाजोत में कटान का सिलसिला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भी आधी रात में कटान तेज होने से बांध के किनारे पुराने बचाव कार्य का 10-15 मीटर हिस्सा धंस गया। इससे अफरा तफरी मच गई। इसकी सूचना मिलते ही एक्सईएन ,एसडीओ, जेई पिपराघाट पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। तीन बजे रात तक बोल्डर व जीओ बैग से डंपिंग कराकर क्षतिग्रस्त हिस्से का मरम्मत कराया गया। लोगों का कहना है कि नदी बांध के पास बैकरोलिंग करती हुई बांध पर दबाव बनाए हुए है, जो बांध की सुरक्षा के लिए कभी भी खतरनाक साबित हो सकता है, ऐसे में बांध की सुरक्षा को मजबूत नहीं बनाया गया तो बांध के साथ बांध के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक साढ़े सत्रह किलो मीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। इससे के किनारे किनारे नरवाजोत बांध व एपी बांध बना है, जो बांध के किनारे बसे गांवों के लगभग बीस हजार की आबादी के लिए सुरक्षा कवच के समान है। यह नदी अपनी धारा बदलने के लिए जानी जाती है, लेकिन पिछले एक पखवाड़े से नदी ने नरवाजोत बांध के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के हिस्से को कटान के जद में ले रखा है। बांध पर कटान की सूचना मिलते ही बाढ़ खंड कुशीनगर के एक्सईएन महेश कुमार सिंह, बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह, जेई रमेशधर दुबे,जेई सुनील कुमार यादव व सभी अभियंता मौके पर पहुंच गए और देर रात तक बोल्डर व जीओ बैग की डंपिंग करा कर क्षतिग्रस्त हिस्से का मरम्मत कराया गया। बावजूद इसके नदी की ओर से बांध के पास लगातार बैकरोलिंग करने के चलते बृहस्पतिवार को भी बांध पर कटान का खतरा बना रहा और अभियंता बांध की चौकसी में लगे रहे।
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सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक साढ़े सत्रह किलो मीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। इससे के किनारे किनारे नरवाजोत बांध व एपी बांध बना है, जो बांध के किनारे बसे गांवों के लगभग बीस हजार की आबादी के लिए सुरक्षा कवच के समान है। यह नदी अपनी धारा बदलने के लिए जानी जाती है, लेकिन पिछले एक पखवाड़े से नदी ने नरवाजोत बांध के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के हिस्से को कटान के जद में ले रखा है। बांध पर कटान की सूचना मिलते ही बाढ़ खंड कुशीनगर के एक्सईएन महेश कुमार सिंह, बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह, जेई रमेशधर दुबे,जेई सुनील कुमार यादव व सभी अभियंता मौके पर पहुंच गए और देर रात तक बोल्डर व जीओ बैग की डंपिंग करा कर क्षतिग्रस्त हिस्से का मरम्मत कराया गया। बावजूद इसके नदी की ओर से बांध के पास लगातार बैकरोलिंग करने के चलते बृहस्पतिवार को भी बांध पर कटान का खतरा बना रहा और अभियंता बांध की चौकसी में लगे रहे।
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