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Kushinagar News: गंडक ने दिखाए तेवर, भैसहा गेज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से 32 सेमी ऊपर
Fri, 07 Aug 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:39 AM IST
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नरवाजोत में नदी का बढ़ा जलस्तर।संवाद
खड्डा(कुशीनगर)। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को वाल्मीकि गंडक बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़ते हुए शाम तक दो लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया। भैसहा गेज पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 32 सेंटीमीटर ऊपर चला गया।
वाल्मीकि गंडक बैराज के अनुसार, सुबह छह बजे 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद डिस्चार्ज लगातार बढ़ता रहा और शाम पांच बजे यह बढ़कर लगभग 2.05 लाख क्यूसेक पहुंच गया। डिस्चार्ज में वृद्धि का असर खड्डा क्षेत्र के भैसहा गेज पर भी दिखा। सुबह आठ बजे जलस्तर 95.12 मीटर (चेतावनी बिंदु से 12 सेमी ऊपर) था, जो शाम चार बजे बढ़कर 95.32 मीटर (चेतावनी बिंदु से 32 सेमी ऊपर) पहुंच गया।जलस्तर बढ़ने से चेतावनी तटबंध के ठोकर संख्या-2 के पास नदी का दबाव बढ़ गया। दबाव के कारण कुछ सीमेंटेड ब्लॉक क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालांकि सिंचाई विभाग की टीम मौके पर निगरानी बनाए हुए है और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब नदी के जलस्तर पर टिकी हैं। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे है लेकिन लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के कारण विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है।
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बयान
गंडक नदी के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। ठोकर संख्या दो के पास दबाव जरूर बढ़ा है लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कहीं भी खतरे जैसी कोई बात नहीं है। विभाग की टीमें 24 घंटे सतर्क हैं। -मनोरंजन चौधरी, एसडीओ, बाढ़ खंड
रोहुआ नाला उफान पर, जान जोखिम में डालकर आवागमन
बारिश के चलते रोहुआ नाला उफान पर आ गया है। इससे गंडक नदी के उस पार बसे मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर समेत कई गांवों तथा महाराजगंज जिले के निचलौल ब्लॉक के सोहगीबरवा क्षेत्र के लोगों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है।
सोहगी बरवा से नौरंगिया (बिहार) मार्ग पर रोहुआ नाले में पानी भर जाने के कारण लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने निजी स्तर पर नाव की व्यवस्था कर दी है, जिससे जरूरतमंदों को नाला पार कराया जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग बाइक, साइकिल और पैदल ही पानी में उतरकर आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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वाल्मीकि गंडक बैराज के अनुसार, सुबह छह बजे 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद डिस्चार्ज लगातार बढ़ता रहा और शाम पांच बजे यह बढ़कर लगभग 2.05 लाख क्यूसेक पहुंच गया। डिस्चार्ज में वृद्धि का असर खड्डा क्षेत्र के भैसहा गेज पर भी दिखा। सुबह आठ बजे जलस्तर 95.12 मीटर (चेतावनी बिंदु से 12 सेमी ऊपर) था, जो शाम चार बजे बढ़कर 95.32 मीटर (चेतावनी बिंदु से 32 सेमी ऊपर) पहुंच गया।जलस्तर बढ़ने से चेतावनी तटबंध के ठोकर संख्या-2 के पास नदी का दबाव बढ़ गया। दबाव के कारण कुछ सीमेंटेड ब्लॉक क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालांकि सिंचाई विभाग की टीम मौके पर निगरानी बनाए हुए है और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब नदी के जलस्तर पर टिकी हैं। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे है लेकिन लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के कारण विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है।
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गंडक नदी के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। ठोकर संख्या दो के पास दबाव जरूर बढ़ा है लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कहीं भी खतरे जैसी कोई बात नहीं है। विभाग की टीमें 24 घंटे सतर्क हैं। -मनोरंजन चौधरी, एसडीओ, बाढ़ खंड
रोहुआ नाला उफान पर, जान जोखिम में डालकर आवागमन
बारिश के चलते रोहुआ नाला उफान पर आ गया है। इससे गंडक नदी के उस पार बसे मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर समेत कई गांवों तथा महाराजगंज जिले के निचलौल ब्लॉक के सोहगीबरवा क्षेत्र के लोगों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है।
सोहगी बरवा से नौरंगिया (बिहार) मार्ग पर रोहुआ नाले में पानी भर जाने के कारण लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने निजी स्तर पर नाव की व्यवस्था कर दी है, जिससे जरूरतमंदों को नाला पार कराया जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग बाइक, साइकिल और पैदल ही पानी में उतरकर आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है।