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Kushinagar News: गंडक उफनाई, एपी-नरवाजोत बांध पर बढ़ा दबाव
Wed, 06 Aug 2025 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 06 Aug 2025 12:09 AM IST
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एपी बांध के किनारे बहती गंडक नदी। संवाद
तमकुहीरोड। नेपाल में बारिश के बाद गंडक नदी उफान पर है। एपी और नरवाजोत तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। इससे तटवर्ती गांव वालों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। वहीं बाढ़ खंड विभाग का बचाव के लिए बंधे पर कराए जाने वाले कार्य अभी भी अधूरे हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते बचाव कार्य रूका हुआ है। बारिश के चलते बाढ़ खंड विभाग के अभियंता अलर्ट हो गए है और बंधे की निगरानी बढ़ा दी गई है। गंडक नदी का डिस्चार्ज में मंगलवार को सुबह छह बजे 1.34 लाख क्यूसेक रहा तो दोपहर में 1.42 लाख क्यूसेक हो गया। नदी का डिस्चार्ज बढ़ने पर यह खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि बाढ़ खंड के अभियंताओं ने किसी प्रकार के खतरे से निपटने के लिए तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। नरवाजोत, पिपराघाट, जवही दयाल, विरवट कोन्हवलिया, मुसहर टोला, बाकखाश, बाघाचौर, नोनिया पट्टी, कचहरी टोला सहित बांध के अन्य संवेदनशील जगहों पर पानी का दबाव फिलहाल धीरे धीरे कम होने लगा है।
जिसे लेकर तटबंधों के किनारे बसे गांवों के लोगों का कहना है कि नरवाजोत को छोड़कर शेष सभी छह परियोजनाओं का काम लगभग तीन चौथाई से अधिक पूरा हो चुका है, ऐसे में फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है, लेकिन अभी भी बरसात का समय शेष है और अगर नेपाल की पहाड़ियों पर भारी बारिश होती है तो उसका असर तटबंधों पर पड़ सकता है, क्योंकि उसके बाद गंडक नदी के डिस्चार्ज में वृद्धि हो जाएगी और बांध पर पानी का दबाब बढ़ सकता है। यही कारण है कि किसी प्रकार के संभावित खतरे को देखते हुए बांध बचाव में लगे जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि ने तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और सभी अभियंता बांध की निगरानी में जुटे हैं। बारिश के चलते नदियों में पानी का उतार चढ़ाव बढ़ गया है।
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जिसे लेकर तटबंधों के किनारे बसे गांवों के लोगों का कहना है कि नरवाजोत को छोड़कर शेष सभी छह परियोजनाओं का काम लगभग तीन चौथाई से अधिक पूरा हो चुका है, ऐसे में फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है, लेकिन अभी भी बरसात का समय शेष है और अगर नेपाल की पहाड़ियों पर भारी बारिश होती है तो उसका असर तटबंधों पर पड़ सकता है, क्योंकि उसके बाद गंडक नदी के डिस्चार्ज में वृद्धि हो जाएगी और बांध पर पानी का दबाब बढ़ सकता है। यही कारण है कि किसी प्रकार के संभावित खतरे को देखते हुए बांध बचाव में लगे जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि ने तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और सभी अभियंता बांध की निगरानी में जुटे हैं। बारिश के चलते नदियों में पानी का उतार चढ़ाव बढ़ गया है।
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