{"_id":"60b678158ebc3e5563719c1f","slug":"gandak-rever-in-kushinagar-kushinagar-news-gkp396556663","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुशीनगर में छितौनी तटबंध का ठोकर धंसा, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुशीनगर में छितौनी तटबंध का ठोकर धंसा, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
विज्ञापन
कुशीनगर में छितौनी तटबंध का ठोकर धंसा, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
खड्डा (कुशीनगर)। छितौनी तटबंध की सुरक्षा के लिए बने स्पर-सी (ठोकर) के नोज का हिस्सा हल्की बाढ़ में ही धंस गया। अभी कुछ दिन पहले ही ठोकर को सुदृढ़ करने के नाम पर बड़ी धनराशि खर्च की गई थी। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग गया है। उधर, ठोकर धंसने से लोगों में भय व्याप्त है।
खड्डा क्षेत्र में गंडक नदी के किनारे बने छितौनी तटबंध की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण ठोकर (स्पर-सी किलोमीटर 6.800 ) स्थापित है। इसके महत्व को देखते हुए सुरक्षा का प्रोजेक्ट तैयार कर बाढ़ खंड की देखरेख में कार्य कराया गया। लेकिन मानक की गंभीर अनदेखी की गई। जानकारों के अनुसार सूखे समय में ठोकर के सामने व अपसाइड में नीचे से मिट्टी भरी बोरियों का नींव बनाकर ऊपर तार की जाली में पत्थर भरकर कई लेयर में सुरक्षा घेरा बनाकर सुदृढ़ करना था। इसके लिए बाहर से मिट्टी लाकर बोरी भराई करना थी, लेकिन संबंधित लोगों ने बगल से बालू-मिट्टी खोदकर उसी से आधा अधूरा नींव बनाकर ऊपर जाली बिछा दी। इसका परिणाम हुआ की मंगलवार की सुबह इस ठोकर का बड़ा हिस्सा दरक गया व कुछ धंस गया।
आसपास के मदनपुर, भेड़ीहारी, सिसवा गोपाल, भैसहां, हनुमानगढ़, पकड़ी बृजलाल आदि के ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़खंड के अभियंताओं की मिलीभगत से मरम्मत कार्य में गड़बड़ी की गई है। इससे आने वाले बाढ़ में तटबंध टूट सकता है, जिसके चलते तबाही मच जाएगी।
विज्ञापन
बाढ़ खंड के एई बोले
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता राजेंद्र पासवान का कहना है कि ठोकर के बगल का जो हिस्सा धंसा है, उसकी जानकारी हुई है। क्षतिग्रस्त हिस्से की पुन: मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन
खड्डा (कुशीनगर)। छितौनी तटबंध की सुरक्षा के लिए बने स्पर-सी (ठोकर) के नोज का हिस्सा हल्की बाढ़ में ही धंस गया। अभी कुछ दिन पहले ही ठोकर को सुदृढ़ करने के नाम पर बड़ी धनराशि खर्च की गई थी। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग गया है। उधर, ठोकर धंसने से लोगों में भय व्याप्त है।
खड्डा क्षेत्र में गंडक नदी के किनारे बने छितौनी तटबंध की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण ठोकर (स्पर-सी किलोमीटर 6.800 ) स्थापित है। इसके महत्व को देखते हुए सुरक्षा का प्रोजेक्ट तैयार कर बाढ़ खंड की देखरेख में कार्य कराया गया। लेकिन मानक की गंभीर अनदेखी की गई। जानकारों के अनुसार सूखे समय में ठोकर के सामने व अपसाइड में नीचे से मिट्टी भरी बोरियों का नींव बनाकर ऊपर तार की जाली में पत्थर भरकर कई लेयर में सुरक्षा घेरा बनाकर सुदृढ़ करना था। इसके लिए बाहर से मिट्टी लाकर बोरी भराई करना थी, लेकिन संबंधित लोगों ने बगल से बालू-मिट्टी खोदकर उसी से आधा अधूरा नींव बनाकर ऊपर जाली बिछा दी। इसका परिणाम हुआ की मंगलवार की सुबह इस ठोकर का बड़ा हिस्सा दरक गया व कुछ धंस गया।
विज्ञापन
आसपास के मदनपुर, भेड़ीहारी, सिसवा गोपाल, भैसहां, हनुमानगढ़, पकड़ी बृजलाल आदि के ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़खंड के अभियंताओं की मिलीभगत से मरम्मत कार्य में गड़बड़ी की गई है। इससे आने वाले बाढ़ में तटबंध टूट सकता है, जिसके चलते तबाही मच जाएगी।
विज्ञापन
बाढ़ खंड के एई बोले
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता राजेंद्र पासवान का कहना है कि ठोकर के बगल का जो हिस्सा धंसा है, उसकी जानकारी हुई है। क्षतिग्रस्त हिस्से की पुन: मरम्मत कराई जाएगी।