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Kushinagar News: गंडक में उफान...50 हजार की आबादी पर बढ़ा संकट
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छितौनी तटबंध के बीरभार ठोकर पर नदी का रौद्र रूप --
कुशीनगर। लगातार बारिश के कारण नारायणी (गंडक) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 50 हजार आबादी पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के 35 से अधिक गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा गया है। वाल्मीकि बैराज से तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से नदी का तेवर उग्र हो गया है।
नदी उस पार बसे करीब 25 हजार से अधिक लोग दोहरे संकट में घिर गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और नदी किनारे के घरों को खाली कराया जा रहा है। तटवर्ती गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया गया है।
छितौनी, एपी, नरवाजोत तटबंधों पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अफसरों ने बांधों व गांवों में डेरा डाल दिया है। एसडीआरएफ, राजस्वकर्मी और आपदा मित्रों को सक्रिय किया गया है। तहसीलदार महेश कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी प्रभावित गांवों में पहुंची है।
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सोहगीबरवा क्षेत्र की स्थिति : सोहगीबरवा क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। नदी की एक धारा जंगल के रास्ते रोहुआ नाले में मिलने से भोथहा, मटियरवा, दवनहवा जैसे गांव पानी से घिरने लगे हैं। सोहगीवरवा-नौरंगिया बिहार मार्ग पर रोहुआ नाला उफनने से गांवों से बाहर निकलने का एकमात्र सहारा अब नाव ही है।
प्रशासन लाउडस्पीकर से लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की अपील कर रहा है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर राहत व बचाव कार्यों की तैयारियां तेज की गई हैं, जबकि ग्रामीणों की नजरें नदी के अगले पानी छोड़े जाने पर टिकी हैं।
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नदी उस पार बसे करीब 25 हजार से अधिक लोग दोहरे संकट में घिर गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और नदी किनारे के घरों को खाली कराया जा रहा है। तटवर्ती गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया गया है।
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छितौनी, एपी, नरवाजोत तटबंधों पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अफसरों ने बांधों व गांवों में डेरा डाल दिया है। एसडीआरएफ, राजस्वकर्मी और आपदा मित्रों को सक्रिय किया गया है। तहसीलदार महेश कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी प्रभावित गांवों में पहुंची है।
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सोहगीबरवा क्षेत्र की स्थिति : सोहगीबरवा क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। नदी की एक धारा जंगल के रास्ते रोहुआ नाले में मिलने से भोथहा, मटियरवा, दवनहवा जैसे गांव पानी से घिरने लगे हैं। सोहगीवरवा-नौरंगिया बिहार मार्ग पर रोहुआ नाला उफनने से गांवों से बाहर निकलने का एकमात्र सहारा अब नाव ही है।
प्रशासन लाउडस्पीकर से लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की अपील कर रहा है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर राहत व बचाव कार्यों की तैयारियां तेज की गई हैं, जबकि ग्रामीणों की नजरें नदी के अगले पानी छोड़े जाने पर टिकी हैं।

छितौनी तटबंध के बीरभार ठोकर पर नदी का रौद्र रूप --