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गंडक खतरे के निशान से ऊपर
kushinagar
Updated Sat, 02 Jul 2016 11:04 PM IST
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बाढ़
- फोटो : santosh verma
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कुशीनगर। शनिवार को दिन में गंडक नदी उफना गई। वाल्मीकिनगर बैराज से 183400 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की वजह से छितौनी बांध के भैसहां गेज पर जलस्तर वार्निंग लेबल से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। अचानक बढ़े इस पानी के चलते नदी के किनारे बसे खड्डा क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तमकुही क्षेत्र में पिपराघाट के सामने सड़क निर्माण का कार्य प्रभावित हुआ है। वहीं, अहिरौलीदान के सामने भी कटान तेज हो गया है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम से ही गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। शुक्रवार को नदी का डिस्चार्ज एक लाख 21 हजार क्यूसेक था। शनिवार को सुबह आठ बजे डिस्चार्ज 150200 क्यूसेक हो गया। दोपहर 12 बजे डिस्चार्ज बढ़कर 183400 क्यूसेक तक पहुंच गया। शाम पांच बजे छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर 95.25 मीटर दर्ज किया गया जो चेतावनी बिंदु से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। जल स्तर बढ़ने से खड्डा विकास खंड के नदी उस पार बसे गांव शिवपुर, नरायनपुर, हरिहरपुर, मरचहवा, बसंतपुर, बालगोविंद छपरा, शाहपुर, विंध्याचलपुर आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इन गांव के सरेह तक नदी का पानी पहुंच चुका है। गांव के जवाहिर, कन्हैया, शिवकुमारी, बाबूलाल, बेचन, अनिल आदि का कहना है कि जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होते ही नदी का पानी गांवों में घुसना शुरू हो जाएगा।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के चलते नदी के किनारे पिपराघाट गांव के सामने चल रहे सड़क और बांध निर्माण के कार्य में दिक्कत आ रही है। कार्यस्थल तक नदी का पानी पहुंच जाने से कार्य प्रभावित हो रहा है। शनिवार को नदी का पानी निर्माण स्थल के निचले हिस्से में भर गया। जिन स्थानों पर बोल्डर की लांचिंग हो रही है, उसके दो तिहाई हिस्से में भी पानी भर गया है। इस संबंध में बाढ़ खंड डिवीजन के सहायक अभियंता केएस भारती का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदी के रुख को देखते हुए कार्य तेज कर दिया गया है।
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तरयासुजान प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार की शाम से बढ़ रहे पानी के चलते नदी एक बार फिर अहिरौलीदान गांव के कचहरी टोला तक पहुंच गई है। लहरों ने किनारों को तेजी से काटना शुरू कर दिया है। कटान रोकने के लिए अब तक बाढ़ खंड डिवीजन की तरफ से कोई उपाय नहीं किए जाने से लोग निराश हैं। नदी का जलस्तर और बढ़ते ही इस इलाके में तबाही तय मानी जा रही है।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम से ही गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। शुक्रवार को नदी का डिस्चार्ज एक लाख 21 हजार क्यूसेक था। शनिवार को सुबह आठ बजे डिस्चार्ज 150200 क्यूसेक हो गया। दोपहर 12 बजे डिस्चार्ज बढ़कर 183400 क्यूसेक तक पहुंच गया। शाम पांच बजे छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर 95.25 मीटर दर्ज किया गया जो चेतावनी बिंदु से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। जल स्तर बढ़ने से खड्डा विकास खंड के नदी उस पार बसे गांव शिवपुर, नरायनपुर, हरिहरपुर, मरचहवा, बसंतपुर, बालगोविंद छपरा, शाहपुर, विंध्याचलपुर आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इन गांव के सरेह तक नदी का पानी पहुंच चुका है। गांव के जवाहिर, कन्हैया, शिवकुमारी, बाबूलाल, बेचन, अनिल आदि का कहना है कि जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होते ही नदी का पानी गांवों में घुसना शुरू हो जाएगा।
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तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के चलते नदी के किनारे पिपराघाट गांव के सामने चल रहे सड़क और बांध निर्माण के कार्य में दिक्कत आ रही है। कार्यस्थल तक नदी का पानी पहुंच जाने से कार्य प्रभावित हो रहा है। शनिवार को नदी का पानी निर्माण स्थल के निचले हिस्से में भर गया। जिन स्थानों पर बोल्डर की लांचिंग हो रही है, उसके दो तिहाई हिस्से में भी पानी भर गया है। इस संबंध में बाढ़ खंड डिवीजन के सहायक अभियंता केएस भारती का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदी के रुख को देखते हुए कार्य तेज कर दिया गया है।
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तरयासुजान प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार की शाम से बढ़ रहे पानी के चलते नदी एक बार फिर अहिरौलीदान गांव के कचहरी टोला तक पहुंच गई है। लहरों ने किनारों को तेजी से काटना शुरू कर दिया है। कटान रोकने के लिए अब तक बाढ़ खंड डिवीजन की तरफ से कोई उपाय नहीं किए जाने से लोग निराश हैं। नदी का जलस्तर और बढ़ते ही इस इलाके में तबाही तय मानी जा रही है।