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Kushinagar News: ठोकर से टकरा रही गंडक, कंक्रीट ब्लॉक नदी में समाए
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खड्डा। गंडक नदी का डिस्चार्ज कई दिनों से एक लाख क्यूसेक के आसपास बना हुआ है और जलस्तर भी चेतावनी बिंदु से नीचे है। इसके बावजूद नदी की तेज धारा छितौनी तटबंध के किमी 4. 180 के पास स्थित ठोकर संख्या दो से लगातार टकरा रही है। ठोकर के अग्रभाग (नोज) के पास सुरक्षा के लिए लगाए गए कंक्रीट ब्लॉक कुछ हिस्सा नदी में धंस गए हैं। नदी की चपेट में आने से वहां खड़ा एक पेड़ भी कटकर बह गया। हालांकि फिलहाल मुख्य तटबंध को कोई खतरा नहीं है, लेकिन ठोकर को नुकसान होने पर आसपास की अन्य ठोकरों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है।
बाढ़खंड के अभियंता मौके पर नजर बनाए हुए हैं और ठोकर को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मुख्य तटबंध सुरक्षित है।
शनिवार को वाल्मीकि गंडक बैराज से नदी में छोड़े जा रहे पानी का डिस्चार्ज सुबह तीन बजे 1.06 लाख क्यूसेक था। चार और पांच बजे यह बढ़कर 1.16 लाख क्यूसेक, छह और सात बजे 1.24 लाख क्यूसेक तथा आठ से दस बजे तक 1.26 लाख क्यूसेक रहा। इसके बाद 11 और 12 बजे डिस्चार्ज 1.31 लाख क्यूसेक पहुंच गया। दोपहर एक से शाम चार बजे तक इसमें कमी आई और डिस्चार्ज 1.29 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया।
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डिस्चार्ज में कमी के चलते शनिवार सुबह आठ बजे भैसहा गेज स्थल पर नदी का जलस्तर 94.78 मीटर दर्ज हुआ, जो चेतावनी बिंदु से 22 सेंटीमीटर नीचे था। शाम चार बजे जलस्तर बढ़कर 94.95 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ठोकर पर नदी के दबाव को लेकर बाढ़खंड के अभियंता सतर्क हैं। वहीं, गंडक पार के बाढ़ प्रभावित गांवों में फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है और लोगों को राहत है।
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बाढ़खंड के अभियंता मौके पर नजर बनाए हुए हैं और ठोकर को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मुख्य तटबंध सुरक्षित है।
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शनिवार को वाल्मीकि गंडक बैराज से नदी में छोड़े जा रहे पानी का डिस्चार्ज सुबह तीन बजे 1.06 लाख क्यूसेक था। चार और पांच बजे यह बढ़कर 1.16 लाख क्यूसेक, छह और सात बजे 1.24 लाख क्यूसेक तथा आठ से दस बजे तक 1.26 लाख क्यूसेक रहा। इसके बाद 11 और 12 बजे डिस्चार्ज 1.31 लाख क्यूसेक पहुंच गया। दोपहर एक से शाम चार बजे तक इसमें कमी आई और डिस्चार्ज 1.29 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया।
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डिस्चार्ज में कमी के चलते शनिवार सुबह आठ बजे भैसहा गेज स्थल पर नदी का जलस्तर 94.78 मीटर दर्ज हुआ, जो चेतावनी बिंदु से 22 सेंटीमीटर नीचे था। शाम चार बजे जलस्तर बढ़कर 94.95 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ठोकर पर नदी के दबाव को लेकर बाढ़खंड के अभियंता सतर्क हैं। वहीं, गंडक पार के बाढ़ प्रभावित गांवों में फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है और लोगों को राहत है।