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किसान नहीं देना चाहते मिल को अपनी कृषि योग्य भूमि

Mon, 25 Jul 2022 12:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jul 2022 12:12 AM IST
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किसान नहीं देना चाहते मिल को अपनी कृषि योग्य भूमि
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- 35 एकड़ भूमि पर होना है डिस्टलरी का निर्माण
- फैक्ट्री से घोषित अकृषित भूमि पर रोपी धान की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। बिड़ला ग्रुप की ओर से हाटा के न्यू इंडिया शुगर मिल के पास प्रस्तावित डिस्टलरी निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि पर पेंच फंस गया है। किसान अपनी अधिग्रहित भूमि मिल को नहीं देना चाह रहे हैं। इसके लिए किसान लगातार अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन के सहयोग से मिल प्रबंधन जबरन उनकी भूमि लेना चाह रहा है।
हाटा क्षेत्र में बिड़ला ग्रुप की ओर से न्यू इंडिया शुगर मिल के बगल में डेढ़ अरब रुपये के बजट से डिस्टलरी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए ग्रुप की ओर से बजट भी जारी कर दिया गया है, लेकिन जिन किसानों की भूमि पर यह प्लांट लगाया जाना है। उस भूमि के स्वामी किसान अपनी भूमि को उपजाऊ बताते हुए मिल देने से इन्कार कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि चीनी मिल की ओर से जिस जमीन को गैर कृषि बताया जा रहा है, उस भूमि पर वह अरसे से खेती करके अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब चीनी मिल का निर्माण हुआ था। तब मिल की ओर से उस समय अधिग्रहित भूमि की चहारदीवारी या तारबंदी करा दी गई थी, लेकिन अब एकबार फिर से उन लोगों की नजर कृषि भूमि पर पड़ गई है। किसान अवधेश सिंह, रामनिवास यादव, बबलू यादव, अजीत यादव, रंजीत सिंह, मनोज और रजक आदि ने बताया कि बगैर किसी कानूनी प्रक्रिया को अपनाए मिल प्रबंधन ने लोगों की खतौनी में अपना नाम दर्ज करा लिया है। जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से कोई बातचीत नहीं की गई है और न ही जमीन के बदले मुआवजा ही दिया गया है। किसानों ने कहा कि प्रशासन केवल बल प्रयोग की धमकी दे रहा है। जिसका किसान शांति के साथ मुकाबला करेंगे, लेकिन अपनी भूमि नहीं देंगे। किसानों ने जबरदस्ती करने की दशा में अमरण अनशन की चेतावनी भी दी है।
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इस संबंध में चीनी मिल के जीएम करन सिंह ने बताया कि अधिग्रहण कानून के तहत किसानों की जमीनों का अधिग्रहण प्रशासन की ओर से किया गया है। किसानों को सरकारी दर का दोगुना भुगतान भी दिया जा रहा है। किसी भी किसान से कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जा रही है।
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