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Kushinagar News: नेपाल की बाढ़ में लापता जितेंद्र के पुतले का किया अंतिम संस्कार
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गोड़रिया। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के कटकुईया लीला पट्टी निवासी 26 वर्षीय जितेंद्र यादव लापता हो गए। बागमती नदी के किनारे रसुआ प्रखंड में स्थित त्रिशूल-216 हाइड्रोकेमिकल कंपनी में काम करने गए, जितेंद्र से 26 अगस्त की सुबह परिवार की आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। कई दिन बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने भारी मन से जितेंद्र का पुतला बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र से संपर्क टूटने के बाद परिवार लगातार उनके साथियों और परिचितों से जानकारी जुटाता रहा। नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति और लगातार आ रही चिंताजनक सूचनाओं ने परिवार की बेचैनी और बढ़ा दी। हर फोन की घंटी पर परिजनों को जितेंद्र की खबर मिलने की उम्मीद रहती थी, लेकिन इंतजार लंबा होता गया। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद परिजनों ने 11 सितंबर की देर शाम जितेंद्र का पुतला तैयार कर अंतिम संस्कार किया।
पिता बच्चा यादव ने पुतले को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। जितेंद्र की शादी पश्चिम चंपारण निवासी निभा से हुई है। उनके दो वर्षीय पुत्र हर्ष यादव, एक वर्षीय आदर्श यादव और छह वर्षीय पुत्री शिष्टी हैं। जितेंद्र के लापता होने से पत्नी और तीनों बच्चों के सामने भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। पिता बच्चा यादव के दो पुत्रों में जितेंद्र छोटे थे। बड़े पुत्र का नाम खजांती यादव है। बेटे के लापता होने के बाद पुतले का अंतिम संस्कार करने के बावजूद परिवार की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। परिजनों को अब भी इंतजार है कि नेपाल से कभी कोई खबर आए और जितेंद्र के सुरक्षित होने की जानकारी मिले।
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परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र से संपर्क टूटने के बाद परिवार लगातार उनके साथियों और परिचितों से जानकारी जुटाता रहा। नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति और लगातार आ रही चिंताजनक सूचनाओं ने परिवार की बेचैनी और बढ़ा दी। हर फोन की घंटी पर परिजनों को जितेंद्र की खबर मिलने की उम्मीद रहती थी, लेकिन इंतजार लंबा होता गया। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद परिजनों ने 11 सितंबर की देर शाम जितेंद्र का पुतला तैयार कर अंतिम संस्कार किया।
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पिता बच्चा यादव ने पुतले को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। जितेंद्र की शादी पश्चिम चंपारण निवासी निभा से हुई है। उनके दो वर्षीय पुत्र हर्ष यादव, एक वर्षीय आदर्श यादव और छह वर्षीय पुत्री शिष्टी हैं। जितेंद्र के लापता होने से पत्नी और तीनों बच्चों के सामने भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। पिता बच्चा यादव के दो पुत्रों में जितेंद्र छोटे थे। बड़े पुत्र का नाम खजांती यादव है। बेटे के लापता होने के बाद पुतले का अंतिम संस्कार करने के बावजूद परिवार की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। परिजनों को अब भी इंतजार है कि नेपाल से कभी कोई खबर आए और जितेंद्र के सुरक्षित होने की जानकारी मिले।
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