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Kushinagar News: आवास बनवानेे के लिए मिली धनराशि, बनाई दुकानें
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- प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के पात्रों ने किया धन का दुरुपयोग
- हाटा नगर के थरुआडीह में बनी दुकानों पर लिखा है प्रधानमंत्री आवास
- चार लाभार्थियों को मिला था 7.48 लाख रुपया
हाटा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में मिले धन का दुरुपयोग खुलेआम किया जा रहा है। वार्ड नंबर-17 थरूआडीह में चार लोगों को योजना के तहत 7.48 लाख रुपये दिया गया था। लेकिन इन सभी ने मकान बनवाने के बजाए दस दुकान बनवा ली। उस पर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का बोर्ड भी लगा दिया है। जानकारी होने पर एसडीएम ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में ऐसे लोगों को अनुदान दिया जाता है। जिनके पास पक्का मकान न हो। इसी योजना के तहत वार्ड नंबर-17 थरूआडीह की सेजरा, साबिया, सिराजुद्दीन और सायका ने आवेदन किया था। चारों का चयन योजना में किया गया। हर एक को 1.87 लाख रुपये का अनुदान प्रशासन ने दिया। चारों ने सरकार की तरफ से मिले 7.48 लाख रुपये से मकान बनवाने के बजाए दस दुकान बनवा लिया। यह उदाहरण मात्र है। ऐसे कई अपात्र लाेगों ने इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। आंकड़े के अनुसार हाटा नगर पालिका क्षेत्र में अब तक करीब आठ हजार आवास बनकर तैयार हो चुके हैं और अभी दो हजार से अधिक आवास निर्माणाधीन है।
मकान के लिए दिया जाता है धन
एसडीएम हीरा लाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत लोगों को मकान के लिए धन दिया जाता है। इस योजना के तहत मिले रुपये का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है। इसकी जांच कराई जाएगी। ऐसे लोगों को भी आवास योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए, जिनके पास पहले से आवासीय घर हों। जांच में दोषी पाए जाने पर इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- हाटा नगर के थरुआडीह में बनी दुकानों पर लिखा है प्रधानमंत्री आवास
- चार लाभार्थियों को मिला था 7.48 लाख रुपया
हाटा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में मिले धन का दुरुपयोग खुलेआम किया जा रहा है। वार्ड नंबर-17 थरूआडीह में चार लोगों को योजना के तहत 7.48 लाख रुपये दिया गया था। लेकिन इन सभी ने मकान बनवाने के बजाए दस दुकान बनवा ली। उस पर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का बोर्ड भी लगा दिया है। जानकारी होने पर एसडीएम ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में ऐसे लोगों को अनुदान दिया जाता है। जिनके पास पक्का मकान न हो। इसी योजना के तहत वार्ड नंबर-17 थरूआडीह की सेजरा, साबिया, सिराजुद्दीन और सायका ने आवेदन किया था। चारों का चयन योजना में किया गया। हर एक को 1.87 लाख रुपये का अनुदान प्रशासन ने दिया। चारों ने सरकार की तरफ से मिले 7.48 लाख रुपये से मकान बनवाने के बजाए दस दुकान बनवा लिया। यह उदाहरण मात्र है। ऐसे कई अपात्र लाेगों ने इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। आंकड़े के अनुसार हाटा नगर पालिका क्षेत्र में अब तक करीब आठ हजार आवास बनकर तैयार हो चुके हैं और अभी दो हजार से अधिक आवास निर्माणाधीन है।
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मकान के लिए दिया जाता है धन
एसडीएम हीरा लाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत लोगों को मकान के लिए धन दिया जाता है। इस योजना के तहत मिले रुपये का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है। इसकी जांच कराई जाएगी। ऐसे लोगों को भी आवास योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए, जिनके पास पहले से आवासीय घर हों। जांच में दोषी पाए जाने पर इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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