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Kushinagar News: डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक ने महापरिनिर्वाण मंदिर में की पूजा

Fri, 07 Aug 2026 02:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:19 AM IST
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Former Director General of DRDO offered prayers at Mahaparinirvana Temple
नीति आयोग के सदस्य और डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक डॉ. वीके सारस्वत को सम्मानित करते प्राचार्य प् - फोटो : Archive
कसया। पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात वैज्ञानिक, नीति आयोग के सदस्य और डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक डॉ. वीके सारस्वत ने बृहस्पतिवार को सपत्नीक कुशीनगर का भ्रमण किया। उन्होंने महापरिनिर्वाण मंदिर सहित प्रमुख बौद्ध स्थलों पर दर्शन-पूजन कर विश्व शांति, मानव कल्याण और वैश्विक सद्भाव की कामना की।
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इसके बाद डॉ. सारस्वत बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय पहुंचे, जहां प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। महाविद्यालय परिवार ने उन्हें भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।
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डॉ. सारस्वत देश के उन चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल हैं, जिन्होंने स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक के रूप में उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (बीएमडी) कार्यक्रम के साथ ही पृथ्वी एयर डिफेंस (पीएडी) और एडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी) इंटरसेप्टर मिसाइलों के विकास का नेतृत्व किया। रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्तमान में वह नीति आयोग के सदस्य के रूप में विज्ञान, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार को मार्गदर्शन दे रहे हैं। सम्मान कार्यक्रम में गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. शंभु कुमार, डॉ. पारस नाथ सहित आदि शिक्षाविद् और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने कहा कि डॉ. वी. के. सारस्वत जैसे वैज्ञानिक का महाविद्यालय आगमन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है। उनके जीवन संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण से युवा पीढ़ी को अनुसंधान, नवाचार और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। महाविद्यालय परिवार ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व का सान्निध्य विद्यार्थियों के लिए लंबे समय तक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
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