फाजिलनगर। जोगिया जनूबी पट्टी में आयोजित दो दिवसीय लोकरंग महोत्सव का रंगारंग कार्यक्रम के साथ समापन हो गया। आयोजक ने सभी अतिथियों और लोक कलाकारों को लोकरंग को मोमेंटम भेंट कर फिर अगले वर्ष आने का न्यौता दिया। आयोजन के दूसरे दिन लोकरंग का शुरुआत लोकरंग सांस्कृतिक समिति के लोक अभियान में संभावना कला मंच के सहभागिता पर हुआ। आयोजक सुभाष चंद्र कुशवाहा ने कहा कि संभावना कला मंच ने लोकरंग को नए ऊंचाई देने का कार्य किया है। दूसरे रात्रि की पहली प्रस्तुति आरा बिहार के लोकगायक राजू रंजन और उनके सहयोगी सुनील कुमार, मनोज कुमार, रोहित राज तथा सनोज कुमार ने एक दिन सारी रतिया जगले में बितईती राजा जी तथा सुतल में रहनी खाटी देखनी सपनावा राति सुनाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। शेखवानिया कुशीनगर के रामबृक्ष कुशवाहा के साथ पहुंचे कलाकार राम अवध कुशवाहा जयचन्द, रामध्यान आदि की टीम ने फारूवाही नृत्य प्रस्तुत कर लोक संस्कृतियों को जीवंत कर दिया। गौरी बाजार देवरिया के सद्गुरु कबीर भजन मंडली के संत रामसनेही दास की टीम ने निर्गुन गायन प्रस्तुत कर लोगों को विलुप्त हो रही लोक गायकी से परिचित कराने का काम किए। इस दौरान विष्णुदेव राय, हदीश अंसारी, भुनेश्वर राय, इसराइल अंसारी, सिकन्दर, अनुभव राय, नितांत सिंह, असलम अंसारी, योगेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।