{"_id":"6a973e4bbe9b762bca03a14e","slug":"focus-on-mishrauli-dol-mela-police-will-keep-an-eye-on-every-corner-kushinagar-news-c-205-1-ksh1004-167007-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: मिश्रौली डोल मेले पर फोकस, चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: मिश्रौली डोल मेले पर फोकस, चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर
विज्ञापन
पडरौना। पटहेरवा थाना क्षेत्र रगड़गंज बाजार के डोल मेला में हंगामे और प्रतिबंध के बावजूद तेज आवाज में डीजे बजाने, भगदड़ और बवाल के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो है। जन्माष्टमी के अगले दिन पांच सितंबर को निकलने वाले पारंपरिक मिश्रौली डोल मेले को सकुशल संपन्न कराना अब पुलिस की प्राथमिकता है। स्थानीय प्रशासन व पुलिस दोनों मिश्रौली गांव के विवादित और संवेदनशील इतिहास को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात करने की योजना बनाई है।
डोल मेला को लेकर शिकंजा कसते हुए करीब 1000 संदिग्ध लोगों को पहले ही पाबंद कर दिया गया है। पड़रौना तहसील क्षेत्र का मिश्रौली गांव पहले के विवादों के चलते पुलिस और प्रशासनिक महकमे की अति संवेदनशील सूची में शामिल है। रगड़गंज की घटना से सबक लेते हुए आसपास के लगभग 19 गांवों में स्थानीय खुफिया तंत्र की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
मेले को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए एसडीएम राजीव निगम व सीओ राकेश प्रताप सिंह की अगुवाई में कुछ दिन पहले ही स्थानीय नागरिकों व पीस कमेटी के साथ बैठक की जा चुकी है। बैठक में साफ हिदायत दी गई कि मेले के दौरान बिना अनुमति तेज आवाज में डीजे, डीजे की मनमानी उंचाई पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे में मेला मार्ग और संवेदनशील रास्तों पर सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों तथा भारी पुलिस बल की निगरानी के लिए तैयारी कर ली गई है।
विज्ञापन
0
डोल मेलों के सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है। मिश्रौली डोल मेले को सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया गया है। मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता व तय मानक से अधिक आवाज में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। शांति भंग करने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को जेल भिजवाया जाएगा। क्षेत्र के लोगों से अपील है कि वे त्योहार को शांतिपूर्वक मनाएं और पुलिस का सहयोग करें। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी,कुशीनगर
0
डोल मेला से जुड़े तथ्य
1992 : पडरौना कोतवाली थाना क्षेत्र के मिश्रौली डोल मेला में जन्माष्टमी के अगले दिन निकाले जा रहे डोल और झांकियों के दौरान विशेष मार्ग पर विरोध के कारण तनाव हो गया था। कई थानों की पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा था। इस दौरान जिला देवरिया था।
2003 : डोल उठाने और जुलूस के रास्तों को लेकर उपजे विवाद ने पुलिस प्रशासन को सकते में डाल दिया था।
2006 : मेले के दौरान गंभीर विवाद व उपद्रव के बाद 14 गांवों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। तत्कालीन डीएम और एसपी को निलंबित कर दिया गया था। फिलहाल कुछ वर्षों से स्थानीय प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और पीस कमेटी की सतर्कता के कारण यह मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रहा है। मेले में 17 से 19 गांवों से झांकियां और डोल मिश्रौली बाजार पहुंचते हैं।
00000
समउर बाजार में डोल मेला 23-24 को
पिपरा कनक। समउर बाजार में लगने वाले डोल मेले को लेकर चौकी प्रभारी ने क्षेत्र के लोगों व व्यवसायियों के साथ बैठक कर आमसहमति से डोल मेला की तिथि 23-24 सितंबर तय की। इस दौरान राजेश सिंह, श्रवन कुमार गौतम, अरुण कुमार सिंह, मनोज सिंह, गोपाल गुप्ता, मिथलेश मद्देशिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
डोल मेला को लेकर शिकंजा कसते हुए करीब 1000 संदिग्ध लोगों को पहले ही पाबंद कर दिया गया है। पड़रौना तहसील क्षेत्र का मिश्रौली गांव पहले के विवादों के चलते पुलिस और प्रशासनिक महकमे की अति संवेदनशील सूची में शामिल है। रगड़गंज की घटना से सबक लेते हुए आसपास के लगभग 19 गांवों में स्थानीय खुफिया तंत्र की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
विज्ञापन
मेले को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए एसडीएम राजीव निगम व सीओ राकेश प्रताप सिंह की अगुवाई में कुछ दिन पहले ही स्थानीय नागरिकों व पीस कमेटी के साथ बैठक की जा चुकी है। बैठक में साफ हिदायत दी गई कि मेले के दौरान बिना अनुमति तेज आवाज में डीजे, डीजे की मनमानी उंचाई पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे में मेला मार्ग और संवेदनशील रास्तों पर सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों तथा भारी पुलिस बल की निगरानी के लिए तैयारी कर ली गई है।
विज्ञापन
0
डोल मेलों के सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है। मिश्रौली डोल मेले को सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया गया है। मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता व तय मानक से अधिक आवाज में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। शांति भंग करने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को जेल भिजवाया जाएगा। क्षेत्र के लोगों से अपील है कि वे त्योहार को शांतिपूर्वक मनाएं और पुलिस का सहयोग करें। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी,कुशीनगर
0
डोल मेला से जुड़े तथ्य
1992 : पडरौना कोतवाली थाना क्षेत्र के मिश्रौली डोल मेला में जन्माष्टमी के अगले दिन निकाले जा रहे डोल और झांकियों के दौरान विशेष मार्ग पर विरोध के कारण तनाव हो गया था। कई थानों की पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा था। इस दौरान जिला देवरिया था।
2003 : डोल उठाने और जुलूस के रास्तों को लेकर उपजे विवाद ने पुलिस प्रशासन को सकते में डाल दिया था।
2006 : मेले के दौरान गंभीर विवाद व उपद्रव के बाद 14 गांवों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। तत्कालीन डीएम और एसपी को निलंबित कर दिया गया था। फिलहाल कुछ वर्षों से स्थानीय प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और पीस कमेटी की सतर्कता के कारण यह मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रहा है। मेले में 17 से 19 गांवों से झांकियां और डोल मिश्रौली बाजार पहुंचते हैं।
00000
समउर बाजार में डोल मेला 23-24 को
पिपरा कनक। समउर बाजार में लगने वाले डोल मेले को लेकर चौकी प्रभारी ने क्षेत्र के लोगों व व्यवसायियों के साथ बैठक कर आमसहमति से डोल मेला की तिथि 23-24 सितंबर तय की। इस दौरान राजेश सिंह, श्रवन कुमार गौतम, अरुण कुमार सिंह, मनोज सिंह, गोपाल गुप्ता, मिथलेश मद्देशिया आदि मौजूद रहे।