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Kushinagar News: हाईवे पर फ्लाईओवर निर्माण बना मुसीबत, संकेतक और बैरिकेडिंग नदारद
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जोल्हिनिया में हाइवे के वनवे पर न तो संकेतक नही बैरियर।
हाटा से सलेमगढ़ तक पांच फ्लाईओवर का निर्माण जारी, सुकरौली में ढाई किमी तक वनवे
सुकरौली में संकेतक, बैरिकेडिंग की कमी से एक सप्ताह में दो लोगों की गई हादसे में जान
कुशीनगर/सुकरौली। हाटा से सलेमगढ़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर छह स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके चलते कई जगह हाईवे वनवे कर दिया गया है। सुकरौली में ढाई किमी तक एक ही लेन से दोनों ओर के वाहनों की आवाजाही हो रही है। पर्याप्त संकेतक, बैरिकेडिंग और रोशनी नहीं होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। यहां एक सप्ताह में दो लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
हाटा से सलेमगढ़ तक छह स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते कई जगह यातायात प्रभावित है। सुकरौली में करीब ढाई किमी तक एक ही लेन से दोनों ओर के वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। ऐसे में थोड़ी सी चूक भी जानलेवा साबित हो रही है। इसी सप्ताह सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अलग-अलग हादसों कई लोग घायल हो चुके हैं।
निर्माणाधीन हिस्सों में पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। आगे रास्ता बंद होने या यातायात की दिशा बदलने की जानकारी देने वाले चेतावनी संकेतक भी स्पष्ट दिखाई नहीं देते। रात में रिफ्लेक्टर और पर्याप्त रोशनी का अभाव खतरा और बढ़ा देता है। डिवाइडर पर उगी झाड़ियां और क्षतिग्रस्त रेलिंग भी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही हैं।
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लगातार हो रहे हादसों के बावजूद निर्माणाधीन हिस्सों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। जरूरत है कि वनवे व्यवस्था लागू करने से पहले पर्याप्त बैरिकेडिंग, दूर से दिखाई देने वाले चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। रात में रोशनी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी से सुरक्षा मानकों का पालन कराए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
फ्लाईओवर का निर्माण जारी, वैकल्पिक मार्ग का इंतजाम नहीं
हाटा के केन यूनियन चौराहा, बाघनाथ, पटहेरिया, फाजिलनगर और सलेमगढ़ में फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण के चलते पटहेरिया में एक किमी तक हाईवे वनवे कर दिया गया है। फाजिलनगर और सलेमगढ़ में भी हाईवे पर वनवे व्यवस्था लागू है। फाजिलनगर की सर्विस लेन गड्ढों में तब्दील हो गई है। इससे कस्बे के स्थानीय लोगों के साथ ही लंबी दूरी के यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। पटहेरिया में एनएचएआई की ओर से बनाई गई सर्विस लेन का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। इससे चारपहिया वाहन वहां से नहीं गुजर पा रहे हैं। जानकारों के अनुसार, हाईवे पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सर्विस लेन तैयार कराई जाती है या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाती है ताकि आवागमन प्रभावित न हो। लेकिन एनएचएआई की ओर से इस मामले में लापरवाही बरती गई है।
केस एक
27 अक्तूबर को तितिला चौराहे के पास स्कूल से घर लौट रही 17 वर्षीय छात्रा काजल गुप्ता हाईवे पार करते समय ट्रक की चपेट में आ गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लोगों में हाईवे को वनवे करने के दौरान अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था।
केस दो
27 अक्तूबर को जोल्हनिया निवासी इंटर की छात्रा करीना गोंड विद्यालय से घर लौटते समय सड़क पार करने के दौरान अज्ञात वाहन की चपेट में आकर घायल हो गई। हाईवे पर लगी फूल पत्तियों की समय से छंटाई नहीं होने को भी लोगों ने दुर्घटना का कारण बताया था।
000000
स्पीकअप
हाईवे पर सुरक्षित सफर के लिए निर्धारित मानकों का पालन बेहद जरूरी है। सड़क किनारे पेड़ों की समय-समय पर छंटाई होनी चाहिए, ताकि वाहन चालकों को संकेतक और रास्ता देखने में परेशानी न हो। रात में स्पष्ट दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक और प्लास्टिक बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी होनी चाहिए। कई जगह सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के क्रैश बैरियर टूटे हुए हैं, जिनकी तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए।
-वैजनाथ मद्धेशिया, सुकरौली
हाईवे पर यातायात सुरक्षा केवल वाहन चालकों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि संबंधित विभाग को भी नियमों का पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। सर्विस लेन और मुख्य मार्ग के बीच लगे लोहे के सुरक्षा बैरियर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं। इसके अलावा रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था जरूरी है। समय रहते इन कमियों को दूर किया जाए ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
-संतोष कनौजिया, निवासी सुकरौली
वर्जन
सर्विस लेन का निर्माण कराया गया था, लेकिन बारिश के चलते वह टूट गई है। निर्माणाधीन स्थलों पर जहां संकेतक नहीं हैं, वहां संकेतक लगाने और सर्विस लेन के गड्ढे भरने के निर्देश कॉन्ट्रेक्टर को दिए गए हैं। निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
-चिन्मय दुबे, साइट इंजीनियर, एनएचएआई, गोरखपुर
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सुकरौली में संकेतक, बैरिकेडिंग की कमी से एक सप्ताह में दो लोगों की गई हादसे में जान
कुशीनगर/सुकरौली। हाटा से सलेमगढ़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर छह स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके चलते कई जगह हाईवे वनवे कर दिया गया है। सुकरौली में ढाई किमी तक एक ही लेन से दोनों ओर के वाहनों की आवाजाही हो रही है। पर्याप्त संकेतक, बैरिकेडिंग और रोशनी नहीं होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। यहां एक सप्ताह में दो लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
हाटा से सलेमगढ़ तक छह स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते कई जगह यातायात प्रभावित है। सुकरौली में करीब ढाई किमी तक एक ही लेन से दोनों ओर के वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। ऐसे में थोड़ी सी चूक भी जानलेवा साबित हो रही है। इसी सप्ताह सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अलग-अलग हादसों कई लोग घायल हो चुके हैं।
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निर्माणाधीन हिस्सों में पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। आगे रास्ता बंद होने या यातायात की दिशा बदलने की जानकारी देने वाले चेतावनी संकेतक भी स्पष्ट दिखाई नहीं देते। रात में रिफ्लेक्टर और पर्याप्त रोशनी का अभाव खतरा और बढ़ा देता है। डिवाइडर पर उगी झाड़ियां और क्षतिग्रस्त रेलिंग भी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही हैं।
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लगातार हो रहे हादसों के बावजूद निर्माणाधीन हिस्सों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। जरूरत है कि वनवे व्यवस्था लागू करने से पहले पर्याप्त बैरिकेडिंग, दूर से दिखाई देने वाले चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। रात में रोशनी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी से सुरक्षा मानकों का पालन कराए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
फ्लाईओवर का निर्माण जारी, वैकल्पिक मार्ग का इंतजाम नहीं
हाटा के केन यूनियन चौराहा, बाघनाथ, पटहेरिया, फाजिलनगर और सलेमगढ़ में फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण के चलते पटहेरिया में एक किमी तक हाईवे वनवे कर दिया गया है। फाजिलनगर और सलेमगढ़ में भी हाईवे पर वनवे व्यवस्था लागू है। फाजिलनगर की सर्विस लेन गड्ढों में तब्दील हो गई है। इससे कस्बे के स्थानीय लोगों के साथ ही लंबी दूरी के यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। पटहेरिया में एनएचएआई की ओर से बनाई गई सर्विस लेन का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। इससे चारपहिया वाहन वहां से नहीं गुजर पा रहे हैं। जानकारों के अनुसार, हाईवे पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सर्विस लेन तैयार कराई जाती है या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाती है ताकि आवागमन प्रभावित न हो। लेकिन एनएचएआई की ओर से इस मामले में लापरवाही बरती गई है।
केस एक
27 अक्तूबर को तितिला चौराहे के पास स्कूल से घर लौट रही 17 वर्षीय छात्रा काजल गुप्ता हाईवे पार करते समय ट्रक की चपेट में आ गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लोगों में हाईवे को वनवे करने के दौरान अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था।
केस दो
27 अक्तूबर को जोल्हनिया निवासी इंटर की छात्रा करीना गोंड विद्यालय से घर लौटते समय सड़क पार करने के दौरान अज्ञात वाहन की चपेट में आकर घायल हो गई। हाईवे पर लगी फूल पत्तियों की समय से छंटाई नहीं होने को भी लोगों ने दुर्घटना का कारण बताया था।
000000
स्पीकअप
हाईवे पर सुरक्षित सफर के लिए निर्धारित मानकों का पालन बेहद जरूरी है। सड़क किनारे पेड़ों की समय-समय पर छंटाई होनी चाहिए, ताकि वाहन चालकों को संकेतक और रास्ता देखने में परेशानी न हो। रात में स्पष्ट दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक और प्लास्टिक बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी होनी चाहिए। कई जगह सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के क्रैश बैरियर टूटे हुए हैं, जिनकी तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए।
-वैजनाथ मद्धेशिया, सुकरौली
हाईवे पर यातायात सुरक्षा केवल वाहन चालकों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि संबंधित विभाग को भी नियमों का पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। सर्विस लेन और मुख्य मार्ग के बीच लगे लोहे के सुरक्षा बैरियर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं। इसके अलावा रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था जरूरी है। समय रहते इन कमियों को दूर किया जाए ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
-संतोष कनौजिया, निवासी सुकरौली
वर्जन
सर्विस लेन का निर्माण कराया गया था, लेकिन बारिश के चलते वह टूट गई है। निर्माणाधीन स्थलों पर जहां संकेतक नहीं हैं, वहां संकेतक लगाने और सर्विस लेन के गड्ढे भरने के निर्देश कॉन्ट्रेक्टर को दिए गए हैं। निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
-चिन्मय दुबे, साइट इंजीनियर, एनएचएआई, गोरखपुर