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Kushinagar News: बाढ़ प्रभावित गांवों से हट गया बाढ़ का पानी, ग्रामीणों की परेशानी अब भी बरकरार
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शिवपुर गांव में बाढ़ के किचड़ के ढ़का फसल।
फसलें जलमग्न होने से हो चुकी हैं बर्बाद, टूटी सड़कों से आवाजाही बनी मजबूरी
बिजली आपूर्ति ठप, सोलर लाइट के सहारे कट रही रातें, मवेशियों को चारे का भी संकट गहराया, पशुपालकों में चिंता
खड्डा (कुशीनगर)। नारायणी नदी के बाढ़ का पानी प्रभावित गांवों में कम हो चुका है लेकिन अब भी हजारों ग्रामीणों की परेशानियां बरकरार हैं। चारों तरफ पानी से आई तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं। फसलें जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, सड़कें टूट गई हैं और बिजली के खंभों के क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप पड़ी हुई है और पशुपालक मवेशियों के लिए चारे का बंदोबस्त तक नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा चारे व भूसे का बंदोबस्त करने का दावा किया जा रहा है।
खड्डा विकास खंड के गंडक नदी पार बसे व बाढ़ प्रभावित मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर गांवों से पानी अब पूरी तरह उतर गया है। प्रशासन प्रभावित लोगों के बीच राहत किट वितरित करा रहा है लेकिन बाढ़ के चलते आई समस्याएं बरकरार हैं। ग्रामीण राधेश्याम, चंद्रिका, गणेश कुमार, विनोद, दिलीप, धनंजय, बदरी, संतराज, नरसिंह प्रसाद, सचिंद्र सिंह आदि ने बताया कि उनकी धान की फसल पर बाढ़ के गाद भरे पानी से फसलें खराब हो गई हैं। वहीं बची हुई फसल को भरे पानी और कीचड़ के बीच काटकर घर लाना, सुखाना और साफ करने में मुश्किल हो रही है। खेतों में हरे चारे भी बाढ़ के पानी से नष्ट हो गए हैं इससे पशुपालकों को हर चारे का बंदोबस्त करना कठिन हो गया है।
इसके अलावा मरचहवा, दक्षिण टोला, उत्तर टोला और पूरब टोला को जोड़ने वाली सड़कें जगह-जगह टूट गई हैं। बसंतपुर के पास सड़क काफी क्षतिग्रस्त है, जबकि शिवपुर, नरायनपुर और हरिहरपुर में भी संपर्क मार्गों से आवाजाही करना काफी मुश्किल भरा हुआ है। साथ ही बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण आपूर्ति भी बाधित हो गई है। वहीं कई घरों में जलभराव के कारण सोलर पैनल भी खराब हो गए हैं। लोग अपने मोबाइल भी चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, मच्छरों व जीव-जंतुओं का भी प्रकोप बढ़ गया है।
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वहीं तहसीलदार खड्डा महेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावितों में राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। फसल सहित अन्य क्षति का आकलन किया जा रहा है। नियमानुसार मदद दी जाएगी।
स्पीकअप
बाढ़ के दौरान घरों में पानी भर गया था। इसके कारण सोलर सिस्टम भी काम नहीं कर रहे हैं। रात में अंधेरा होने से जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। घरों की दीवारों में नमी बनी हुई है। पेयजल का कोई इंतजाम नहीं होने से दूषित पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। अब मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
-भुट्टी अंसारी, शिवपुर
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बाढ़ में सोलर सिस्टम खराब होने से रात में गांव में अंधेरा छा जा रहा है। हालात यह है कि मोबाइल चार्ज तक नहीं हो पा रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ गई है। पशुओं के लिए खेतों में चारा बाढ़ के पानी के साथ आए गाद व सिल्ट से ढककर नष्ट हो चुका है। प्रशासन की ओर से राहत मिल रही है लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है।
-राधेश्याम, मरचहवा
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बिजली आपूर्ति ठप, सोलर लाइट के सहारे कट रही रातें, मवेशियों को चारे का भी संकट गहराया, पशुपालकों में चिंता
खड्डा (कुशीनगर)। नारायणी नदी के बाढ़ का पानी प्रभावित गांवों में कम हो चुका है लेकिन अब भी हजारों ग्रामीणों की परेशानियां बरकरार हैं। चारों तरफ पानी से आई तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं। फसलें जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, सड़कें टूट गई हैं और बिजली के खंभों के क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप पड़ी हुई है और पशुपालक मवेशियों के लिए चारे का बंदोबस्त तक नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा चारे व भूसे का बंदोबस्त करने का दावा किया जा रहा है।
खड्डा विकास खंड के गंडक नदी पार बसे व बाढ़ प्रभावित मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर गांवों से पानी अब पूरी तरह उतर गया है। प्रशासन प्रभावित लोगों के बीच राहत किट वितरित करा रहा है लेकिन बाढ़ के चलते आई समस्याएं बरकरार हैं। ग्रामीण राधेश्याम, चंद्रिका, गणेश कुमार, विनोद, दिलीप, धनंजय, बदरी, संतराज, नरसिंह प्रसाद, सचिंद्र सिंह आदि ने बताया कि उनकी धान की फसल पर बाढ़ के गाद भरे पानी से फसलें खराब हो गई हैं। वहीं बची हुई फसल को भरे पानी और कीचड़ के बीच काटकर घर लाना, सुखाना और साफ करने में मुश्किल हो रही है। खेतों में हरे चारे भी बाढ़ के पानी से नष्ट हो गए हैं इससे पशुपालकों को हर चारे का बंदोबस्त करना कठिन हो गया है।
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इसके अलावा मरचहवा, दक्षिण टोला, उत्तर टोला और पूरब टोला को जोड़ने वाली सड़कें जगह-जगह टूट गई हैं। बसंतपुर के पास सड़क काफी क्षतिग्रस्त है, जबकि शिवपुर, नरायनपुर और हरिहरपुर में भी संपर्क मार्गों से आवाजाही करना काफी मुश्किल भरा हुआ है। साथ ही बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण आपूर्ति भी बाधित हो गई है। वहीं कई घरों में जलभराव के कारण सोलर पैनल भी खराब हो गए हैं। लोग अपने मोबाइल भी चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, मच्छरों व जीव-जंतुओं का भी प्रकोप बढ़ गया है।
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वहीं तहसीलदार खड्डा महेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावितों में राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। फसल सहित अन्य क्षति का आकलन किया जा रहा है। नियमानुसार मदद दी जाएगी।
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बाढ़ के दौरान घरों में पानी भर गया था। इसके कारण सोलर सिस्टम भी काम नहीं कर रहे हैं। रात में अंधेरा होने से जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। घरों की दीवारों में नमी बनी हुई है। पेयजल का कोई इंतजाम नहीं होने से दूषित पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। अब मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
-भुट्टी अंसारी, शिवपुर
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बाढ़ में सोलर सिस्टम खराब होने से रात में गांव में अंधेरा छा जा रहा है। हालात यह है कि मोबाइल चार्ज तक नहीं हो पा रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ गई है। पशुओं के लिए खेतों में चारा बाढ़ के पानी के साथ आए गाद व सिल्ट से ढककर नष्ट हो चुका है। प्रशासन की ओर से राहत मिल रही है लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है।
-राधेश्याम, मरचहवा