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Kushinagar News: नरवाजोत कटान प्रभावित क्षेत्र में 11.66 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजना अधूरी

Sun, 21 Jun 2026 01:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 01:43 AM IST
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Flood protection project worth 11.66 crore remains incomplete in the erosion-affected Narwajot area.
तमकुहीरोड। पिछले वर्ष नरवाजोत के पास गंडक नदी के कटान से गंभीर रूप से प्रभावित हुए क्षेत्र में इस वर्ष उत्तर प्रदेश शासन की ओर से 11.66 करोड़ रुपये की लागत से बांध सुरक्षा एवं सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। हालांकि, मानसून के आगमन की निर्धारित अवधि 15 जून बीत जाने के बावजूद कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीणों में संभावित बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है। विभागीय अफसर निरीक्षण कर सिर्फ कार्य में तेजी लाने और अविलंब पूरा करने का निर्देश देकर खानापूर्ति कर रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश शासन ने मानसून सत्र में बाढ़ सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एपी बांध और नरवाजोत बांध की सुरक्षा के लिए कुल 32.71 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति है। इसके तहत बाढ़ खंड बांधों पर सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। गत वर्ष गंडक नदी ने नरवाजोत क्षेत्र के एक हिस्से को कटान की चपेट में ले लिया था, इससे बांध को भी काफी नुकसान पहुंचा था। उस समय बाढ़ खंड के अभियंताओं को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसे को देखते हुए इस वर्ष शासन ने 11.66 करोड़ रुपये की लागत से विशेष बचाव कार्य स्वीकृत किया है। परियोजना के अंतर्गत किलोमीटर 0.525 से 0.825 तथा 0.825 से 1.000 के बीच रिवेटमेंट पुनर्स्थापना कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा किलोमीटर 0.525 से 1.000 के बीच तीन पंक्तियों में आरसीसी परक्युपाइन लगाने का कार्य भी शामिल है। बावजूद इसके, मानसून शुरू होने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। बांध के किनारे बसे नरवाजोत, बुटन टोला, मोतीराय टोला, प्रभुनाथ चौराहा समेत अन्य गांवों के ग्रामीण कैलाश सिंह, नत्थू मुसहर, पन्नालाल यादव, प्रभुनाथ सिंह और ध्रुव निषाद ने बताया कि पिछले वर्ष नदी के कटान से 40 एकड़ से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई थी और बांध को भी भारी क्षति पहुंची थी। उनका कहना है कि समय रहते सुरक्षा कार्य पूरा कराया जाना आवश्यक है, क्योंकि वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की स्थिति में बांध और आसपास के गांवों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
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बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में रिवेटमेंट पुनर्स्थापना का कार्य लगातार जारी है और विभाग हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी प्रकार का तत्काल खतरा नहीं है।
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