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Kushinagar News: शवदाह गृह निगलने को आतुर गंडक नदी, बचाव बेअसर

Sun, 27 Aug 2023 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 27 Aug 2023 12:15 AM IST
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flood in gandak
शवदाह गृह को काटती गंडक नदी।संवाद
बालू की बोरियों से कटान रोकने में जुटे जेई, तहसीलदार बोले, यह क्या तमाशा है
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नदी में समा चुकी है भगवान शंकर की मूर्ति और शौचालय, कटान रोकने की खानापूर्ति
ठाेकर की नोज से टकरा रही नदी, तहसीलदार ने बंधे और कटानस्थल का निरीक्षण किया
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। कटान रोकने की चल रही खानापूर्ति के बीच शवदाह गृह निगलने को गंडक नदी आतुर है। एक दिन पूर्व शौचालय और भगवान शंकर की मूर्ति नदी में समा चुकी है। शनिवार को मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने निरीक्षण किया। उन्होंने बालू की बोरियों से कटान रोकने के चल रहे कार्य को देखकर नाराजगी जाहिर की। जेई से बोले कि यह क्या तमाशा बना रखे हैं आप लोग। कटान रोकने में तेजी लाओ, नहीं तो बंधे तक पहुंच जाएगी नदी।
खड्डा ब्लॉक के मदनपुर गांव के पास छितौनी बंधे के ठोकर संख्या (स्पर ए) के अप साइड में बने शवदाह गृह के पास पांच दिन से गंडक नदी कटान कर रही है। नदी के रुख बदलने के कारण यहां पर कटान तेज हो गई है। बाढ़ खंड विभाग बोरियों में बालू भरकर कटान रोकने और नदी की धारा मोड़ने में जुटा है। इसका कोई मतलब नहीं है।
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भगवान शिव मूर्ति व सार्वजनिक शौचालय नदी में समा गया है। विश्राम व शवदाह गृह समेत चबूतरा के पास नदी कटान कर रही है। कभी भी ये भवन नदी के आगोश में आ सकते हैं।बाढ़ खंड के जेई और कर्मचारी कटान रोकने के प्रयास में जुटे हैं। लेकिन नदी की धारा इतनी तेज टकरा रही है कि बालू की बोरियां बह जा रही हैं।
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खडडा तहसीलदार महेश कुमार मौके पर पहुंचे और कटान स्थल का निरीक्षण कर जेई से कटान रोकने में तेजी लाने के निर्देश दिए। तहसीलदार महेश कुमार ने बताया कि कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम की जरूरत है। उच्चाधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी गई है।

बीच नदी में बना दिया था शवदाह गृह
करीब आठ वर्ष पूर्व पंचायती राज विभाग की ओर से 24 लाख खर्च कर शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था। उस समय नदी की धारा का रुख दूसरे छोर पर था। लेकिन पांच दिन पूर्व अचानक नदी का रुख बदल गया। इसकी वजह से इन भवनों का नदी में समाना तय है।
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